अफसर मामा का पाप: काउंसलिंग में खुला दरिंदगी का राज, पत्नी ने भी दिया दरिंदे का साथ; केजरीवाल ने किया बर्खास्त
बुराड़ी इलाके में दिल्ली सरकार के अधिकारी को नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। आरोपी और उसकी पत्नी दोनों को ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
विस्तार
कलयुग में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदातें आम हो चली हैं। जिस्म की हवस इंसान को रिश्तों की मर्यादा को भुला देती है। दिल्ली के बुराड़ी में एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के एक अधिकारी को बीते कई महीनों से अपने दोस्ती की 14 साल की बेटी से रेप का आरोप लगा है। जो इस बच्ची का मुंहबोला मामा भी लगता था। आरोपी और उसकी पत्नी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
#WATCH | The now-suspended rape-accused Delhi government official and his wife have been detained by Police.
विज्ञापन
The official has been booked for allegedly raping his deceased friend's minor daughter for several months. pic.twitter.com/WN7YSqEi5Eविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 21, 2023
पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धारा और पॉक्सो एक्ट के तहत दिल्ली सरकार के इस अधिकारी पर मामला दर्ज किया है। इतना ही नहीं आरोपी की पत्नी पर भी कई आरोप लगे हैं। 14 साल की पीड़िता बच्ची 12वीं कक्षा में पढ़ती है। साल 2020 में बच्ची ने अपने पिता को खो दिया था। मुंहबोले मामा पर आरोप है कि उसने साल 2020 और 2021 के दौरान कई बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
आरोपी अफसर की पत्नी भी वारदात में शामिल
जब नाबालिग बच्ची गर्भवती हुई तो अधिकारी की पत्नी ने अपने बेटे से मेडिकल स्टोर से अबॉर्शन की दवाई मंगवाई और घर पर ही बच्ची का गर्भपात कराया। नाबालिग बच्ची ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में यह जानकारी दी। बच्ची का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है और जल्द ही उसका बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया जाएगा। दिल्ली पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अभी तक दिल्ली सरकार के इस अधिकारी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
आरोपी अधिकारी को सीएम ने किया सस्पेंड
इस मामले पर मीडिया से बातचीत करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैंने मुख्य सचिव को जांच चलने तक उन्हें सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। साथ ही आज शाम 5 बजे तक इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है। दुष्कर्म का आरोपी दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात था।
#WATCH मैंने मुख्य सचिव को जांच चलने तक उन्हें निलंबित करने का निर्देश दिया है और आज शाम 5 बजे तक मैंने इस पर रिपोर्ट भी मांगी है: रेप के आरोपी दिल्ली सरकार के अधिकारी पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल pic.twitter.com/dA9AxAgqNk
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 21, 2023
स्वाति मालीवाल धरने पर बैठें
वहीं दूसरी तरफ दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल दिल्ली के उस अस्पताल में धरने पर बैठीं जहां नाबालिग लड़की को भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि मैं देखना चाहता हूं कि ऐसा क्या है जो दिल्ली पुलिस छिपाना चाहती है। डीसीडब्ल्यू प्रमुख को अंदर जाने और लड़की से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। आगे कहा कि मैं दिल्ली पुलिस को चेतावनी देता हूं। दिल्ली पुलिस चाहे तो कुछ भी कर सकती है। लेकिन मैं यहां से तब तक नहीं उठूंगी। जब तक वे मुझे पीड़िता और उसकी मां से मिलने नहीं देते।
#UPDATE | DCW chief Swati Maliwal sits on 'dharna' at the hospital in Delhi where the minor girl has been admitted.
— ANI (@ANI) August 21, 2023
"...I want to see what it is that the Delhi Police want to hide and the DCW chief is not being allowed to go in and meet the girl?...I warn the Delhi Police, they… pic.twitter.com/L8pnij6EeX
दिल्ली दुष्कर्म मामले पर राष्ट्री महिला आयोग ने क्या कहा
14 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि एनसीडब्ल्यू इस मामले पर स्वयं संज्ञान लिया है। इस मामले की हम जांच करेंगे। आरोपी और उसकी पत्नी ने बच्ची को अवैध रूप से अपने पास रखा। जब आरोपी दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग का कर्मचारी था, तो उसने यह सब किया। दिल्ली सरकार और दिल्ली महिला आयोग क्या कर रहा था। हम सुन रहे हैं कि सरकार के कुछ लोग आरोपी अधिकारी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
एनसीडब्ल्यू की 4 सदस्यीय टीम अस्पताल पहुंची
राष्ट्रीय महिला आयोग की 4 सदस्यीय टीम दिल्ली के उस अस्पताल पहुंची। जहां नाबालिग लड़की को भर्ती कराया गया है। मीडिया से बातचीत में एनसीडब्ल्यू की एक सदस्य ममता कुमारी ने कहा कि हम इस मामले की जांच के लिए एक समिति बनाकर यहां आए थे। हम पुलिस आयुक्त के कार्यालय गए, लेकिन वह हमसे वहां नहीं मिले। हमें बताया गया कि वह किसी काम से बाहर हैं। हमने आईओ से मिलने की कोशिश की लेकिन हमें बताया गया कि वह कोर्ट गए हैं। जब हम पीड़िता से मिलने यहां आए, तो हमें बताया जा रहा है कि उसकी मां हमसे मिलना नहीं चाहती... इस अपराध को छिपाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।