दिल्ली: बाबा साहब की 65वीं पुण्यतिथि पर सरकार ला रही आयोजनों की श्रृंखला, केजरीवाल ने कही ये बात
सरकार का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से लोगों को बाबा साहब के बारे में अहम जानकारियां हासिल होंगी। बाबा साहब के सपने के अधूरे होने की बात करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि वह इसे पूरा करेंगे। इससे उनके जीवन और संघर्ष से लोग प्रेरणा ले सकेंगे।
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दिल्ली सरकार बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 65वीं पुण्य तिथि पर उनके जीवन और संघर्षों को आम लोगों तक ले जाने के लिए आयोजनों की श्रृंखला लेकर रही है। संगीतमय नाटकों में सरकार अंबेडकर के जीवन व दर्शन का मंचन करवाएगी। पांच जनवरी को पहला कार्यक्रम जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम से होगा। इसके बाद इसी तरह के करीब 50 शो कराए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन के लिए स्टेडियम में 100 फीट का स्टेज बनाया जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, बाबा साहब का सपना था कि देश के हर बच्चे को, गरीब और दलित बच्चों को भी अच्छी से अच्छी शिक्षा मिले। आज 75 वर्ष बाद भी उनको अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाई। इसे पूरा करने की केजरीवाल ने कसम भी खाई। उन्होंने नारा दिया कि बाबा तेरा सपना अधूरा, केजरीवाल करेगा पूरा। केजरीवाल ने कहा कि बाबा साहब पूरे जीवन दलितों और शोषितों के लिए लड़ते रहे, संघर्ष करते रहे। केजरीवाल के मुताबिक, बाबा साहब शायद आज तक के भारत के सबसे अधिक पढ़े-लिखे नागरिक थे। यह अतिशयोक्ति नहीं है। उन्होंने 64 विषयों में मास्टर डिग्री हासिल की थी। एक अमेरिका और इंग्लैंड से दो डॉक्टरेट डिग्री ली थी। जबकि आज भी विदेश जाकर पढ़ाई करना बहुत मुश्किल है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसके उलट उस जमाने के डॉक्टरेट डिग्री हासिल करने वाले पहले भारतीय थे। उनको नौ भाषाएं आती थीं। वो किताबों के बड़े शौकीन थे। उनकी एक व्यक्तिगत लाइब्रेरी थी, जिसमें 50 हजार किताबें थीं। उनकी लाइब्रेरी का नाम राजगीर था। आज पूरी दुनिया उनकी कद्र करती है। लंदन के म्युजियम में आज कार्ल मार्क्स के बगल में उनकी प्रतिमा लगी हुई है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम आजादी का 75वां साल मना रहे हैं। इस मौके पर दिल्ली सरकार बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के जीवन को बच्चे-बच्चे तक पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार उनके जीवन पर एक बहुत भव्य नाटक तैयार कर रही है। यह बहुत बड़े स्तर पर नाटक तैयार किया जा रहा है। पहला नाटक 5 जनवरी से पंडित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में दिखाया जाएगा। यह पूरा नाटक उनके जीवन और विचारों के उपर आधारित होगा। इस नाटक के निर्देशन, आर्ट और क्रिएशन में नामचीन लोग जुड़े हुए हैं।
सबकी एंट्री होगी फ्री, नहीं लगेगा कोई टिकट
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि मंचन अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। इसे देखने के लिए कोई भी आ सकता है। जनता के लिए बिल्कुल फ्री होगा। शायद भारत देश में पहली कोई सरकार है, जो बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन को बच्चे-बच्चे तक पहुंचाने के लिए इस किस्म का प्रयास कर रही है। बाबा साहेब बहुत पढ़े-लिखे थे और उनको पढ़ाई की कीमत पता थी। उनका एक सपना था कि भारत के एक-एक बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए, चाहे वह कितना भी गरीब क्यों न हो। बाबा साहब के सपने को उन्होंने पूरा करने की बात कही।