फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi government formed the fifth corporation evaluation committee

दिल्ली सरकार ने बनाई पांचवीं निगम मूल्यांकन समिति

Thu, 11 Nov 2021 01:18 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 01:18 AM IST
विज्ञापन
Delhi government formed the fifth corporation evaluation committee
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने पांचवीं नगर पालिका मूल्यांकन समिति (एमवीसी) का गठन किया है। समिति तीन निगमों (उत्तर, दक्षिण और पूर्वी) को खाली जमीन और भवनों के कॉलोनियों में वर्गीकरण संबंधी सिफारिश करेगी। पांच सदस्यीय समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिंदो मजूमदार करेंगे। समिति के अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी उमेश कुमार त्यागी, दक्षिण दिल्ली नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त (संपत्ति कर विभाग के प्रभारी) अमित शर्मा, चार्टर्ड अकाउंटेंट नवीन एनडी गुप्ता और अधिवक्ता एम बदर मोहम्मद शामिल हैं।
विज्ञापन

एक अधिकारी ने बताया कि पांचवीं समिति के गठन के संबंध में सरकार ने पांच नवंबर को आदेश जारी किया है। समिति का कार्यकाल छह महीने का होगा और इस दौरान वह अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। अधिकारियों के मुताबिक, पांचवीं समिति का प्राथमिक कार्य आवासीय और वाणिज्यिक सहित किराये की संपत्तियों पर संपत्ति कर की दरों में बढ़ोतरी या कमी से जुड़े मामलों पर तीनों निकायों को सिफारिश करेगी।
विज्ञापन

पिछले साल तत्कालीन समिति ने किराये की व्यावसायिक संपत्तियों, दूरसंचार टावरों, खाली पड़ी व्यावसायिक जमीनों, उद्योगों, मैरिज हॉल, बैंक्वेट, शैक्षणिक संस्थानों, मनोरंजन और मनोरंजन सुविधाओं पर संपत्ति कर को दोगुना करने की सिफारिश की थी। इन सिफारिशों को दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) की ओर से अप्रैल 2020 में लागू किया गया था, जबकि बाद में दो अन्य निगमों में भी लागू किया गया। हालांकि बाद में अक्तूबर 2021 में तीनों नगर निगमों ने संपत्ति करों में बढ़ोतरी को वापस ले लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

संपत्तियों के मूल्यांकन पर सिफारिशें भी देती है समिति
दक्षिणी निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि समिति दिल्ली के किसी भी वार्ड में खाली जमीनों और इमारतों को कॉलोनियों में वर्गीकृत करने, नागरिक निकायों के अधिकार क्षेत्र में संपत्तियों के मूल्यांकन पर सिफारिशें भी देती है। प्लॉट हाउसिंग, ग्रुप हाउसिंग, शहरी गांव, फ्लैटों के साथ कॉलोनी, अनधिकृत कॉलोनी, पुनर्वास कॉलोनी, ग्रामीण गांव और गैर-आवासीय क्षेत्र जैसे विभिन्न भूमि और भवनों के वर्गीकरण की सिफारिश भी समिति की ओर से की जाएगी। दक्षिणी निगम की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नगर पालिका मूल्यांकन समिति एक वैधानिक निकाय है। यह विभिन्न कॉलोनियों, भूमि और भवनों के वर्गीकरण के संबंध में सिफारिशें करती है। इसके तहत विभिन्न श्रेणी की कॉलोनियों में विभिन्न भूमि और भवनों के यूनिट एरिया वैल्यू (यूएवी) में कमी या वृद्धि, उपयोग के मुताबिक अन्य पहलुओं पर सिफारिशें की जाएंगी। नागरिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे की उपलब्धता, सड़कों और जिला केंद्रों तक पहुंच, शॉपिंग सेंटर, शॉपिंग सेंटर और बाजारों के वर्गीकरण संबंधी सिफारिश भी समिति करेगी। समिति वर्ष 2000 या उसके बाद निर्मित किसी भी मालिक के कब्जे वाली खाली भूमि या किसी भी पूर्ण मालिक के कब्जे वाले भवन की श्रेणी के मुताबिक आधार इकाई क्षेत्र मूल्य की सिफारिश करेगी और विशेष आवासीय उपयोग के लिए रखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed