दिल्ली: छह लाख के नकली नोट बरामद, अमृतसर में छापे जा रहे थे, पांच आरोपी गिरफ्तार
स्पेशल सेल डीसीपी राजीव रंजन सिंह के अनुसार इंस्पेक्टर पंकज कुमार को सूचना मिल रही थी कि बाहरी उत्तरी में बड़ी मात्रा में नकली नोट छापे जा रहे हैं और उनकी सप्लाई हो रही है। गिरोह में शामिल दिल्ली व पंजाब के लोगों द्वारा नकली नोट छापे जा रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली व पंजाब में चल रहे नकली नोट छापने व सप्लाई करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन आरोपी दिल्ली व दो पंजाब के हैं। नकली नोट छापने की सैटअप अमृतसर में लगा हुआ था। आरोपियों के कब्जे से छह लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। सभी नकली नोट 100 रुपये के नोटों में है। नकली नोट मध्यम गुणवत्ता वाले हैं।
स्पेशल सेल डीसीपी राजीव रंजन सिंह के अनुसार इंस्पेक्टर पंकज कुमार को सूचना मिल रही थी कि बाहरी उत्तरी में बड़ी मात्रा में नकली नोट छापे जा रहे हैं और उनकी सप्लाई हो रही है। जांच में ये बात सामने आई कि गिरोह में शामिल दिल्ली व पंजाब के लोगों द्वारा नकली नोट छापे जा रहे हैं। इस टीम को जांच के दौरान सूचना मिली थी कि नारायणा फ्लाईओवर के पास नकली नोटों की खेप आएगी। इंस्पेक्टर पंकज कुमार, नागेंद्र सिंह व मंदीप सांगवान की टीम ने यहां घेराबंदी कर हर्ष गिरधर व उसके गुर्गे करण सिंह को पकड़ लिया। इनके कब्जे से 1.80 लाख रुपये के नकली नोट पकड़े गए। सभी नकली नोट 100 रुपये के नोटों में थे। हर्ष गिरधर से पूछताछ के बाद कर्मपुरा से सतीश ग्रोवर को 50 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया।
इन आरोपियों से पूछताछ में पता लगा कि नकली नोट अमृतसर में छापे जा रहे हैं। वहां से नकली नोट उत्तर भारत में सप्लाई किए जाते हैं। 100 रुपये का नकली नोट 50 रुपये में दिया जाता है। स्पेशल सेल की टीम ने अमृतसर में छापेमारी की और विक्रमजीत सिंह को 70 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। इससे पूछताछ के बाद हर्षदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया। हर्षदीप सिंह ने ही नकली नोट छापने का सैटअप लगा हुआ था। इसका पर्दाफाश करने के साथ ही इसके कब्जे से तीन लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। नकली नोट छापने के कारखाने से उपकरण, मशीन और छपाई के लिए प्रयुक्त कच्चा मामला बरामद किया गया।
हर्ष गिरधर लघु फिल्म भी बनाता था
मूलरूप से रोहतक, हरियाणा निवासी हर्ष गिरधर उत्तम नगर, दिल्ली में रहता था। शुरू में वह बैंकों के ऋण वसूली एजेंटों के साथ काम करना शुरू किया। फिलहाल वह नारायण यू-ट्यूब पर डालने के लिए लघु फिल्म बनाने के लिए छोटा प्रोडक्शन हाउस चला रहा था। वह सतीश ग्रोवर के साथ नकली नोटों के गोरखधंधे में शामिल हुआ। वह 100 रुपये का नकली नोट 50 रुपये में लेता था और आगे उसे 60 रुपये में देता था। करण सिंह के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज है।
सतीश ग्रोवर ऋण वसूली के लिए आईसीआईसीआई बैंक के साथ काम करता है। वह अक्सर पंजाब का दौरा करता था क्योंकि उसकी मां जालंधर की रहने वाली थी। वहां पर वह विक्रमजीत सिंह के संपर्क में आया था। सतीश ग्रोवर ने विक्रमजीत सिंह से नकली नोट लेना शुरू किया और इसे बैंकिंग क्षेत्र के अपने पुराने परिचित हर्ष गिरधर के माध्यम से दिल्ली में प्रसारित किया।
शिक्षण संस्थान चलाता था विक्रमजीत सिंह
वीपीओ मारी पंवान, तहसील बटाला, गुरदासपुर, पंजाब निवासी विक्रमजीत सिंह (33) अपने गांव में शिक्षण संस्थान चलाता था। वह भारी कर्ज में डूबा हुआ है और कुछ वित्तीय सहायता की तलाश में वह पंजाब के जालंधर में सतीश ग्रोवर से मिला। पैसे के लालच में वह हर्षदीप के साथ नकली नोटों के धंधे में शामिल हो गया। वह हर्षदीप से 100 रुपये का नकली नोट 30 रुपये में लेता था और आगे 40 रुपये में बेचता था।
ठगी का शिकार हुआ तो नकली नोट छापने लगा
मूलरूप से ग्राम दत्तोवाल, जिला सोलन हिलाचल प्रदेश निवासी हर्षदीप ठाकुर (27) न्यू अमृतसर में रहता था। उसने पंजाब के होशियारपुर में प्लास्टिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया और अमृतसर में नौकरी की। वह काफी समय से बेरोजगार था। इस आर्थिक संकट के दौरान जाली नोट के नाम पर उसके साथ ठगी की गई। इसके बाद उसने नकली नोट छापने का कारखाना लगाया और नकली नोट छापने लगा।