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Delhi : दिल्ली में कृत्रिम बारिश करवा सकते हैं आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ,बनेगा विंटर एक्शन प्लान
Wed, 13 Sep 2023 05:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 13 Sep 2023 05:47 AM IST
सार
इसे लेकर मंगलवार को सचिवालय में प्रस्तुतिकरण दिया गया। इसमें दिखाया गया कि जरूरत होने पर विशेष तरह के रसायनों को हवा में भेजकर बारिश करवाई जा सकती है। इसमें मौसमी दशाओं को ध्यान में रखा जाता है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इससे सहमति जताई है। अब इसे आगे मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
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पर्यावरण विशेषज्ञों के साथ दिल्ली सचिवालय में बैठक के दौरान गोपाल राय।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजाधानी के प्रदूषण स्तर व वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ कृत्रिम बारिश करवा सकते हैं। इसे लेकर मंगलवार को सचिवालय में प्रस्तुतिकरण दिया गया। इसमें दिखाया गया कि जरूरत होने पर विशेष तरह के रसायनों को हवा में भेजकर बारिश करवाई जा सकती है। इसमें मौसमी दशाओं को ध्यान में रखा जाता है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इससे सहमति जताई है। अब इसे आगे मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
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इससे पहले गोपाल राय की अध्यक्षता में विंटर एक्शन प्लान के लिए पर्यावरण विशेषज्ञों के साथ बैठक में डीपीसीसी, पर्यावरण विभाग, यूएनईपी, सी 40, एपिक इंडिया, क्लीन एयर एशिया, सीएसई, एंवायरमेंट डिफेंस फंड, यूएनईपी, आईआईटी कानपुर के अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए। गोपाल राय ने बताया कि प्रदूषण को कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार को लेकर 13 हॉटस्पॉट के लिए अलग-अलग कार्य योजना बनाई जाएगी।
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बैठक में विंटर एक्शन प्लान के मुख्य बिंदु पर चर्चा की गई। बीते दिनों मुख्यमंत्री के साथ पर्यावरण विभाग की बैठक में सुझाव आया था कि दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराई जाए। इसे लेकर आईआईटी कानपुर ने प्रस्तुतिकरण दिया। विशेषज्ञों ने बताया कि यह दिल्ली में संभव हो सकता है। अब इसे मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। हॉटस्पॉट के लिए डीपीसीसी की टीम लगातार निगरानी रखेगी। इसकी रोजाना मॉनिटरिंग की जाएगी।
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प्रदूषण स्तर में आई कमी
दिल्ली में नौ सालों में पीएम 10 में 42 प्रतिशत और पीएम 2.5 में 46 प्रतिशत की कमी आई है। हर साल सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए समर और विंटर एक्शन प्लान लांच करती है। इस वर्ष का विंटर एक्शन प्लान वाहन व धूल प्रदूषण, हॉटस्पॉट, पराली व कूड़ा जलाने, केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों से संवाद, ग्रीन वाररूम व ग्रीन एप को उन्नत बनाने जैसे फोकस बिंदुओं पर आधारित होगा।
कल होगी समीक्षा बैठक
गोपाल राय ने कहा कि बृहस्पतिवार को सभी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बैठक में अलग-अलग विभागों को विंटर एक्शन प्लान के तहत निर्धारित किए गए फोकस बिंदुओं के आधार पर विशिष्ट कार्य सौंपे जाएंगे।
बैठक में शामिल हुए 24 विशेषज्ञ
बैठक में मुख्य रूप से 24 एक्सपर्ट्स शामिल हुए। इनमें एसएसईएफ, सीएसटीईपी, ए-पैग, नीति आयोग, आईसीसीटी, सीईईडब्ल्यू, सीएसई, एंवायरमेंट डिफेंस फंड, यूएनईपी, आईआईटी कानपुर, एएसएआर सोशल इम्पेक्ट, सी 40, एपिक इंडिया और क्लीन एयर एशिया आदि के प्रतिनिधि शामिल हुए। इन संस्थाओं ने मुख्य रूप से वाहन व धूल प्रदूषण, हॉटस्पॉट, हरित क्षेत्र का विकास, पराली व कूड़ा जलाने, केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों से संवाद आदि प्रमुख विषयों पर अपनी बात रखी और सलाह दी। एक्सपर्ट ने बायोमास बर्निग के लिए भी कई तरह के सुझाव दिए हैं।
प्रदूषण पर भाजपा ने आप सरकार को घेरा
प्रदूषण के मुद्दे पर भाजपा ने दिल्ली सरकार को घेरा है। पार्टी का कहना है पटाखों पर बैन लगाने से प्रदूषण कम नहीं होता है। भाजपा ने आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पटाखों से सिर्फ दो फीसदी प्रदूषण होता है। लिहाजा सरकार को 98 फीसदी प्रदूषण से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को भी दरकिनार किया है और दिवाली पर पटाखों पर बैन लगाकर अपनी नीयत एक बार फिर से साफ कर दी है। ऑड-ईवन, डस्ट फ्री सड़के, एयर प्यूरीफायर सहित 16 प्वाइंट्स जो सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया गया था, उसका पालन भी सरकार नहीं कर पाई है।