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दिल्ली आबकारी नीति: शराब की जांच के लिए केवल एक प्रयोगशाला स्थापित करने को मिल सकती है मंजूरी

Fri, 13 May 2022 07:24 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Fri, 13 May 2022 07:24 AM IST
सार

अधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से तैयार की जा रही आबकारी नीति में एक थोक लाइसेंसधारी (एल -1) को प्रत्येक गोदाम के बजाय सिर्फ एक ही प्रयोगशाला स्थापित करने की अनुमति दी जा सकती है।

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Delhi Excise Policy Approval can be given to establish only one laboratory for testing of liquor
दिल्ली स्थित खान मार्केट में शराब की दुकान के बाहर बड़ी संख्या में एकत्र लोग - फोटो : ANI

विस्तार

दिल्ली सरकार अपनी आबकारी नीति 2022-23 में शराब के नमूनों की जांच के लिए थोक विक्रेताओं के गोदामों में प्रयोगशाला (लैब) स्थापित करने के लिए मानदंडों में ढील दे सकती है।

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अधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से तैयार की जा रही आबकारी नीति में एक थोक लाइसेंसधारी (एल -1) को प्रत्येक गोदाम के बजाय सिर्फ एक ही प्रयोगशाला स्थापित करने की अनुमति दी जा सकती है। एक आधिकारिक दस्तावेज में कहा गया है कि यह थोक लाइसेंसधारियों की तरफ से प्रत्येक लैब की स्थापना पर 20-30 लाख रुपये की लागत बताते हुए महंगा बताया गया था। इसे देखते हुए नीति में राहत देने की दिशा में पहल की जा रही है।
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भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के मानकों के मुताबिक प्रयोगशाला को सुसज्जित प्रयोगशाला स्थापित करने की आवश्यकता है। एल-1 लाइसेंस का नवीकरण नहीं होने की वजह से कोई गारंटी नहीं है कि एक ही इकाई को अगले साल भी एल-1 लाइसेंस जारी किया जाएगा। आबकारी नीति 2021-22 में बदलाव की सिफारिश करने के लिए पिछले महीने मंत्रियों के समूह (जीओएम) की एक बैठक में इस मुद्दे को उठाया गया था।

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नए प्रस्ताव के तहत प्रत्येक गोदाम में एक प्रयोगशाला की स्थापना के बजाय एल -1 लाइसेंसधारी के पास गोदामों की संख्या कितनी भी हो कम से कम एक प्रयोगशाला का होना जरूरी है। आबकारी नीति 2022-23 के लिए जीओएम की सिफारिशों को उप-राज्यपाल की मंजूरी के बाद एक जून से लागू किया जाएगा।

पिछले साल आबकारी विभाग ने सभी थोक लाइसेंसधारियों को निर्माताओं से प्राप्त शराब का परीक्षण शुरू करने सहित पोर्टल पर इसे सत्यापित करने को कहा गया था कि नकली शराब नहीं है। हालांकि लैब स्थापित करने का प्रावधान गति नहीं पकड़ सका क्योंकि आबकारी नीति देर से लागू हुई। नीति को 17 नवंबर, 2021 से निजी ऑपरेटरों द्वारा खुदरा विक्रेता खोलने के साथ लागू किया गया था। 

नीति के अनुसार थोक विक्रेताओं को निर्माताओं से मिलने वाले शराब के प्रत्येक बैच के लिए परीक्षण रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। साथ ही यह वचन देना होगा कि शराब नकली नहीं है। नीति ने आगे सभी ब्रांड के गोदाम, खुदरा विक्रेताओं, होटलों, क्लबों और रेस्तरां से नमूना संग्रह करने के लिए विशेष टीमें गठित करने को भी कहा गया। इसमें कहा गया है कि कोई भी एल-1 लाइसेंस धारक या खुदरा दुकान का मालिक नकली शराब के कब्जे में मिलने पर पाया गया तो उसपर कार्रवाई की जाएगी।

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