निजामुद्दीन में बना एक और 'शाहीन बाग', ट्रैफिक को छोड़ सड़क किनारे डटे प्रदर्शनकारी
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में शाहीन बाग का मुद्दा गरमाता जा रहा है। भाजपा ने 'शाहीन बाग कौन किधर अभियान' चलाने का फैसला कर मामले को और हवा दे दी है। इसी बीच दिल्ली में एक और जगह निजामुद्दीन में शाहीन बाग की ही तरह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। बारापुला फ्लाइओवर के पास निजामुद्दीन में शिवजी मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
हालांकि शाहीन बाग की तरह यहां पर रोड ब्लॉक नहीं किया गया है। अन्य जगहों की तरह इस प्रदर्शन में भी महिलाओं और बच्चों ने ही कमान संभाल रखी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार उनकी मांग मानते हुए नागरिकता संशोधन अधिनियम वापस नहीं लेती है, उनका विरोध जारी रहेगा।
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी की शाम चार बजे से शुरू हुए इस प्रदर्शन में अब तक हजारों लोग शामिल हो चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने यहां पूरी तरह डेरा डाल दिया है। आसपास के इलाकों से भारी सख्या में लोग इसमें शामिल होने पहुंच रहे हैं।
निजामुद्दीन के विरोध प्रदर्शन में शामिल इरशाद ने अमर उजाला को बताया कि हम व्यापक स्तर पर सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि नागरिकता संशोधन कानून पर सरकार अपनी मनमर्जी नहीं कर सकती है। उसे करोड़ों देशवासियों की आवाज सुननी पड़ेगी। हमें अचा्नक आजादी के 70 सालों के बाद अचानक हमसे कोई हमारे वजूद का सबूत नहीं मांग सकता।
दिल्ली में दर्जनों जगहों पर विरोध प्रदर्शन
राजधानी दिल्ली में लगभग 16 से अधिक जगहों पर नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। शाहीनबाग इसका प्रतीक मात्र बनकर रह गया है। उसके अलावा जामा मस्जिद, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, सीलमपुर, खुरेजी, इंद्रलोक और जाफराबाद जैसी जगहों पर लगातार प्रदर्शन चल रहे हैं। प्रदर्शन में कांग्रेस के अनेक नेता पहुंचकर इसे अपना समर्थन दे रहे हैं, जिसके कारण यह मुद्दा लगातार गरमाता जा रहा है।