प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस ने मोदी-केजरीवाल पर बोला हमला, बताया 'झूठों की सरकार, झूठों का सरदार'
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चुनाव प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस पार्टी ने आप सरकार पर जमकर हमला बोला। केजरीवाल सरकार को 'झूठों की सरकार' बोला, जबकि मोदी को 'झूठों का सरदार' बताया। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला बोले, आप दिल्ली को दंगल वाली दिल्ली बनाए रखना चाहती है, जबकि भाजपा उसे दंगों वाली दिल्ली बनाने के लिए प्रयासरत है।
एक प्रेसवार्ता में सुरजेवाला ने कहा कि झूठों की सरकार व झूठों के सरदार यानी आप और भाजपा की बहानेबाजी एवं जुमलेबाजी की नूराकुश्ती ने दिल्ली का दम घोंट दिया है। याद कीजिये जब आम आदमी पार्टी ने आंदोलन कर भाजपा की मोदी सरकार बनवाई व भाजपा ने आम आदमी पार्टी के आंदोलन में शामिल होकर उसकी दिल्ली में सरकार बनवाई थी।
ये दोनों पार्टियां लोगों के साथ धोखा कर रही हैं। यह एक ऐसा नाटक है जिसके किरदार एक ही हैं। एक मोदी जी है तो दूसरे केजरीवाल जी। इस नाटक का प्रोड्यूसर है, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ। इन सभी का लक्ष्य एक ही है। दिल्ली की जनता की आंखों पर पर्दा डाले रखो ताकि वो वाजिब सवाल न पूछ पाए।
मोदी और केजरीवाल से दस सवालों के जवाब मांगे
- मोदी व केजरीवाल, जन लोकपाल की मांग पर सत्ता में आए थे। मोदी ने तो पांच साल बाद लोकपाल की नियुक्ति की, लेकिन आज तक लोकपाल को कार्यालय व स्टाफ भी नहीं दिया। दूसरी तरफ दिल्ली का जन लोकपाल कहां है? क्या ये दोनों जनता को जवाब देंगे?
- केजरीवाल ने स्वराज बिल व मोहल्ला सभाओं को ताकत देने का वादा किया था। तब आरएसएस ने भी इनका समर्थन किया था। अब वह स्वराज बिल केवल घोषणापत्र की लाइन बनकर ही क्यों रह गया?
- मोदी और केजरीवाल ‘युवाओं व रोजगार’ के लिए हानिकारक हैं। देश में बेरोजगारी 45 साल में सबसे अधिक है, यानि 7.53 फीसदी। सीएमआईई के मुताबिक देश की राजधानी दिल्ली में बेरोजगारी की दर 15.03 फीसदी है। आप ने पांच साल में आठ लाख रोजगार देने का वादा किया था, पर रोजगार कार्यालय से मिली आरटीआई बताती है कि पहले तीन साल में केवल 214 नौकरियां मिलीं।
- पर्यावरण के नाम पर ‘दम घोंटने’ वाली दिल्ली बना दिया। दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है। यहां तक कि यमुना ‘डेथ बेड’ पर है। कहते हैं कि दिल्ली में रहने वाले हर व्यक्ति की उम्र आठ से दस साल कम हो जाती है। कांग्रेस ने तो दिल्ली के कोयले से चलने वाले सब बिजली कारखानों को गैस में बदल दिया। आज दिल्ली को मोदी और केजरीवाल ने गैस चैंबर में क्यों बदल दिया?
- दिल्ली की शिक्षा में उन्नति को केजरीवाल जी ने इश्तिहारों का ड्रामा बना दिया। शिक्षा का बजट तो दोगुना किया, पर क्या परिणाम सही हैं? दिल्ली के सरकारी स्कूलों में दसवीं कक्षा का रिजल्ट कांग्रेस ने 35 फीसदी से बढ़ाकर 90 फीसदी तक कर दिया था। आज यह गिरकर 70 फीसदी रह गया है, ऐसा क्यों? कांग्रेस ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या आठ लाख से बढ़ाकर 16 लाख की। आप सरकार के कार्यकाल में यह संख्या 15 लाख से कम हो गई।
- मोदी और केजरीवाल के लिए देश की राजधानी का स्वास्थ्य एक जुमला बन गया है। कांग्रेस ने 15 साल में अस्पतालों की संख्या 18 से बढ़ाकर 39 कर दी, यानि 21 नए अस्पताल। अस्पतालों में मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या 4000 से बढ़कर 12000 हो गई, डॉक्टरों की संख्या 440 से बढ़कर 2400 हो गई, और डिस्पेंसरियों की संख्या 180 से बढ़कर 550 हो गई। मोदी और केजरीवाल ने एक भी नया अस्पताल नहीं बनाया। ऐसा क्यों?
- ट्रांसपोर्ट पर मोदी और केजरीवाल ने केवल ‘बातों का काम किया’, पर ‘काम की बात’ नहीं की। दिल्ली में 60 फीसदी प्रदूषण, गाड़ियों व सड़क से उठने वाली धूल का है।
- बिजली बिलों की राहत एक फरेब के अलावा कुछ नहीं। मोदी और केजरीवाल ने दिल्ली की जनता से बिजली के नाम पर धोखा तो खूब किया, पर सच्चाई यह है कि बिजली बिलों की राहत दिल्ली के 18 फीसदी ग्राहकों को मिली और 82 फीसदी को कुछ नहीं।
- साफ पीने का पानी अब दिल्लीवासियों के लिए एक सपना बनता जा रहा है।
- मोदी और केजरीवाल ने गरीब को मार डालने वाली दिल्ली बनाई है, ऐसा क्यों ?