इस तरह चुनावी मैदान में उतरी भाजपा और केजरीवाल को दी कड़ी टक्कर
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अमित शाह ने इनके अलावा भी भारी संख्या में नुक्कड़ सभाएं की हैं। अमित शाह ने गत दो फरवरी को कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद भी स्थापित किया था। उनके साथ-साथ पार्टी के बूथ कार्यकर्ताओं ने लगभग 13 हजार बूथों पर सभी लोगों के घर तक पहुंचने की योजना पर काम किये। पार्टी को उम्मीद है कि पूरी पार्टी के एकजुट होकर चुनाव लड़ने की उसकी नीति उसे दिल्ली में सत्ता दिलाने में कामयाब रहेगी।
पार्टी ने चुनाव के बेहद अंतिम समय में गरीबों के लिए दो रुपये किलो आटा और गरीब कन्याओं को ई-स्कूटी, साईकल और विवाह के समय दो लाख रुपये तक सहायता देने की घोषणा अपने संकल्प पत्र में की थी। इन योजनाओं की जानकारी झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में पहुंचाने के लिए पार्टी के 240 सांसदों को मैदान में उतारा गया।
इन सांसदों ने राजधानी की झुग्गियों में लगातार चार से पांच घंटे का समय बिताकर इसे लोगों तक पहुंचाया। पार्टी को उम्मीद है कि वह इन योजनाओं और केंद्र की चल रही योजनाओं के साथ अरविंद केजरीवाल सरकार की बिजली-पानी की योजनाओं का मुकाबला करने में कामयाब रहेगी।
पार्टी के चुनाव प्रचार में केंद्रीय इकाई के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से आए सैंकड़ों शीर्ष नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। पार्टी के अलावा सहयोगी संगठनों आरएसएस और विहिप के हजारों कार्यकर्ताओं ने भी भाजपा की नीतियों को जनता तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।