अरविंद केजरीवाल का टोकन नंबर 45, आप ने कहा रोकने की साजिश तो भाजपा ने बताया 'नौटंकी'
लगभग छह घंटे के इंतजार के बाद अरविंद केजरीवाल ने जामनगर स्थित चुनाव कार्यालय में नई दिल्ली सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया। उनका टोकन नंबर 45 था। देरी की वजह उनके आगे लाइन में लगे उम्मीदवार थे, जो अपना नामांकन कर रहे थे। इसलिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
नामांकन के आखिरी दिन अचानक भारी संख्या में आवेदकों के सामने आने के बाद चुनाव कार्यालय पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। अरविंद केजरीवाल स्वयं लाइन में लगकर इस मामले पर ट्वीट कर रहे थे कि कि पहली बार लोग पर्चा दाखिल करने आए हैं और उनसे गलतियां हो रही हैं। उन्हें मदद कर रहे हैं। लेकिन लोकतंत्र के उत्सव में लोगों की भागीदारी देखकर आनंद महसूस कर रहा हूं।
सियासत तेज
इसी बीच इस मामले पर आम आदमी पार्टी और भाजपा में सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया ने इसे अरविंद केजरीवाल का नामांकन रोकने की साजिश करार दिया है। सिसोदिया ने कहा है कि भाजपा इस तरह अरविंद केजरीवाल को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। वे तीसरी बार मुख्यमंत्री अवश्य बनेंगे।
हालांकि, सोमवार को जब अरविंद केजरीवाल से नामांकन के लिए जाने पर सवाल किया गया था तब उन्होंने कहा था कि वे अपने लोगों को छोड़कर नामांकन कराने नहीं जा सकते और मंगलवार का दिन बचा हुआ है जब जाकर वे नामांकन कराएंगे।
तब इस पर कोई विवाद नहीं हुआ था, लेकिन मंगलवार को जिस तरह अरविंद केजरीवाल के पहले 44 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन कराने के लिए लाइन लगाया है, इस बात पर सियासत तेज हो गई है कि क्या अरविंद केजरीवाल को नामांकन दाखिल कराने से रोकने की साजिश की जा रही थी और क्या कानूनन ऐसा किया जा पाना संभव है?
तिवारी ने बताया नौटंकी
वहीं, भाजपा ने इसे आम आदमी पार्टी की नई 'नौटंकी' करार दिया है। भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सोमवार को भी अपना नामांकन कराने के लिए निकले थे। लेकिन भीड़ ज्यादा होने का बहाना कर वे नामांकन के लिए नहीं पहुंचे।
नामांकन के आखिरी दिन भी वे अपने ही झूठे समर्थकों को सामने कर अपना नामांकन करने में व्यवधान के नाम पर सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की छिछली राजनीति कर अरविंद केजरीवाल अपनी सरकार नहीं बचा पाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस देश में एक स्वतंत्र चुनाव आयोग काम करता है और उस पर सभी को यकीन करना चाहिए। वह अपना काम पूरी निष्पक्षता से काम करेगा।