दिल्ली: पत्रकार राजीव शर्मा की जमानत याचिका पर अदालत का फैसला सुरक्षित, चीन को खुफिया जानकारी देने का है आरोप
ईडी ने तीन जुलाई को कहा था कि उसने चीनी खुफिया अधिकारियों को संवेदनशील जानकारी कथित तौर पर लीक करने से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में दिल्ली के एक स्वतंत्र पत्रकार को गिरफ्तार किया था।
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चीनी खुफिया अधिकारियों को गोपनीय एवं संवेदनशील जानकारी देने के मामले में दिल्ली की अदालत ने पत्रकार राजीव शर्मा की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फ्रीलांस पत्रकार राजीव शर्मा को पैसे के बदले खुफिया अधिकारियों को गोपनीय और संवेदनशील जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
ईडी ने तीन जुलाई को कहा था कि उसने चीनी खुफिया अधिकारियों को संवेदनशील जानकारी कथित तौर पर लीक करने से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में दिल्ली के एक स्वतंत्र पत्रकार को गिरफ्तार किया था। स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत एक जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और स्थानीय अदालत के सामने पेश किया गया था।
वहीं, इससे पहले केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा था कि अदालत ने शर्मा को सात दिन तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। एजेंसी ने कहा कि उसकी जांच में पाया गया कि 62 वर्षीय शर्मा ने पैसों के लिए चीनी खुफिया अधिकारियों को गोपनीय और संवेदनशील जानकारी दी थी।
एजेंसी ने आरोप लगाया था कि यह भी पता चला कि शर्मा और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के लिए नकदी का इंतजाम महिपालपुर स्थित (दिल्ली में एक क्षेत्र) मुखौटा कंपनियों द्वारा एक 'हवाला' के माध्यम से किया जा रहा था, जिसे चीनी नागरिक झांग चेंग उर्फ सूरज, झांग लिक्सिया उर्फ उषा और क्वींग शी, एक नेपाली नागरिक शेर सिंह उर्फ राज बोहरा के साथ चला रहे थे।
बेनामी बैंक खातों में आई रकम
ईडी ने कहा था कि नकदी के अलावा, विभिन्न चीनी कंपनियों और भारत में कुछ अन्य व्यापारिक कंपनियों के बीच भारी लेन देन किया गया था, जिनकी जांच की जा रही है। एजेंसी ने कहा था कि राजीव शर्मा ने आपराधिक गतिविधियों में अपनी संलिप्तता को छिपाने के लिए बेनामी बैंक खातों के माध्यम से भी धन प्राप्त किया था।
ईडी का मामला पिछले साल शर्मा के खिलाफ शासकीय गोपनीयता अधिनियम (ओएसए) और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी पर आधारित है। शर्मा को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पिछले साल 14 सितम्बर को गिरफ्तार किया था और उन पर भारतीय सेना की तैनाती और देश की सीमा रणनीति के बारे में चीनी खुफिया एजेंसियों को जानकारी देने का आरोप लगाया गया था।