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Delhi : याचिका समिति का दावा, दिल्ली सरकार को बदनाम करने का रचा गया षड्यंत्र
Fri, 20 Jan 2023 06:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 20 Jan 2023 06:41 AM IST
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विधानसभा की याचिका समिति ने बृहस्पतिवार को सदन में प्रस्तुत रिपोर्ट में दावा किया कि उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव और अधिकारियों के साथ मिलकर दिल्ली सरकार को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा। एमसीडी चुनाव से पहले बुजुर्गों की पेंशन और मोहल्ला क्लीनिक का फंड रुकवाया। समिति की जांच में मुख्य सचिव, वित्त सचिव, स्वास्थ्य सचिव और सोशल वेलफेयर डायरेक्टर को दोषी करार दिया गया।
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सदन में बृहस्पतिवार को याचिका समिति के अध्यक्ष अखिलेशपति त्रिपाठी और सदस्य सौरभ भारद्वाज ने सदन में पेंशन व मोहल्ला क्लीनिक से जुड़ी रिपोर्ट रखी। इस मौके पर त्रिपाठी ने कहा कि उपराज्यपाल ने अधिकारियों को डरा धमकाकर 4.10 लाख बुजुर्गों की पेंशन रोकने का काम किया।
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जांच के दौरान अधिकारियों ने गोपनीय क्लॉज के तहत बताया कि उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार की व्यवस्था को ठप करने के आदेश दिए हैं। बुजुर्गों की दो हजार रुपये की पेंशन में 200 रुपये केंद्र सरकार की अनुदान राशि होती है, जिसे केंद्र सरकार डेढ़ साल से नहीं दे रही है। ऐसे संवेदनहीन अधिकारियों को कभी भी फ्रंटलाइन की कोई जिम्मेदारी न दी जाए।
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इनके सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए कि ये लापरवाह और संवेदनहीन लोग है। इसकी सूचना लोकसभा अध्यक्ष को भी दी जाए। साथ ही, ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य व वित्त सचिव ने रुकवाया पैसा
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य सचिव और वित्त सचिव से विभागों का पैसा रुकवाया। एमसीडी चुनाव से पहले मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टरों के वेतन, जांच और दवाइयां रोकी गईं। इसके पीछे चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचाने की मंशा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आईएएस अधिकारी पूजा जोशी ने एमसीडी चुनाव से पहले अचानक पेंशन रोकने की साजिश रची।
दिल्ली के बड़े-बड़े आईएएस अधिकारियों ने घिनौना कृत्य रचा कि गरीब, बुजुर्गों, विधवा दुखी होकर सरकार को गाली दें और इसका फायदा भाजपा को एमसीडी चुनाव में मिले। मुख्य सचिव नरेश कुमार ने सब कुछ मालूम होते हुए भी इस तरीके से गड़बड़ करने वाले अधिकारियों को संरक्षण दिया। मोहल्ला क्लीनिक की रिपोर्ट में याचिका समिति ने स्वास्थ्य सचिव अमित सिंगला, प्रिंसिपल सेक्रेटरी आशीष चंद्र वर्मा को दोषी पाया गया है। मोहल्ला क्लीनिक और पेंशन के मामलों में एलजी की भूमिका बहुत संदिग्ध पाई गई है।
आप विधायकों ने एलजी पर निशाना साधा
दिल्ली सरकार व आम आदमी पार्टी ने विधानसभा में उपराज्यपाल को घेरने का सिलसिला बृहस्पतिवार को भी जारी रखा। इस दौरान राजधानी की कानून व्यवस्था पर चर्चा कराकर उपराज्यपाल पर निशाना साधा। आप विधायकों ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल का राजधानी में निरंतर हो रहे अपराध रोकने की ओर ध्यान नहीं है। इससे पहल आप विधायकों ने सदन के अंदर और विधानसभा परिसर में उपराज्यपाल पर स्वास्थ्य सेवाओं को ठप करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया।
विधानसभा में राजधानी की कानून व्यवस्था पर चर्चा के दौरान मंत्री गोपाल राय ने खास तौर पर कंझावला कांड पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आरोपी 10-12 किलाेमीटर तक युवती को घसीटते रहे, लेकिन पूरे रास्ते में पुलिस नहीं मिली। इतना ही नहीं, कुछ लोगों की ओर से इस बारे में सूचना देने के बाद भी पुलिस सक्रिय नहीं हुई। इससे साबित हो रहा है कि पुलिस बेलगाम है। इसके लिए पूरी तरह उपराज्यपाल जिम्मेदार हैं। पूर्व मंत्री राजेंद्र गौतम ने कहा कि राजधानी में नशीले पदार्थ बेचे जा रहे हैं।
आप विधायक राजकुमारी व प्रमिला टोकस ने कहा कि राजधानी में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कुछ आंकड़े भी प्रस्तुत किए। वहीं सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही आप विधायकों ने उपराज्यपाल पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव वित्त और स्वास्थ्य सचिव के निलंबन की मांग की। इस कारण विधानसभा अध्यक्ष को दो बार सदन की बैठक स्थगित करनी पड़ी।
इस बीच आप विधायकों ने विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास बैठकर धरना दिया। आप विधायक आतिशी ने कहा कि उपराज्यपाल लगातार मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव वित्त और स्वास्थ्य सचिव के माध्यम से दिल्ली सरकार के हर काम को रोक रहे हैं। विधायक दिलीप पांडेय ने कहा कि उपराज्यपाल के साथ मिलकर मुख्य सचिव, वित्त प्रमुख सचिव और स्वास्थ्य सचिव दिल्ली की जनता के हित के खिलाफ काम कर रहे हैं।
पत्र लिखकर प्रदेश भाजपा ने आरोप लगाए
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को पत्र लिखकर कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष को जवाब देना चाहिए कि आखिर क्यों विधायक महेंद्र गोयल रकम लेकर आए और लहराकर वापस ले गए। जब विधायक ने रकम दिखाई तो सरकार व विधानसभा अध्यक्ष दोनों ने आपत्ति क्यों नहीं जताई। काला धन जब्त क्यों नहीं किया गया। भर्ती घोटाले का खुलासा होने के 24 घंटे बाद भी आखिर क्यों दिल्ली सरकार ने जांच के आदेश नहीं दिए। अवैध रकम सदन में लाने और वापस ले जाने की इजाजत कैसे मिली, क्यों आयकर या एसीबी को बुलाकर रकम जब्त नहीं करवाई गई।
आरोप खारिज
इस बीच राज निवास के अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छ यमुना परियोजना को रोकने के लिए उपराज्यपाल पर सिसोदिया के आरोप सरासर झूठ हैं। इसके साथ ही अधिकारी ने कहा कि एनजीटी ने सुप्रीम कोर्ट और यमुना नदी की आम आदमी पार्टी की तिरस्कारपूर्ण उपेक्षा का पर्दाफाश किया है।