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दिल्ली: एक शहर के कॉलेज साथ करवा सकेंगे डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई- नई शिक्षा नीति 2020 में प्रावधान, जल्द जारी होंगी गाइडलाइंस

Sun, 06 Feb 2022 11:50 AM IST
अनुराग सक्सेना सीमा शर्मा, नई दिल्ली 
सीमा शर्मा, नई दिल्ली  Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sun, 06 Feb 2022 11:50 AM IST
सार

भारत में देश या विदेश को कोई भी कॉलेज ड्यूल डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करवा सकता था। लेकिन नई योजना में एक शहर के दो छोटे कॉलेज मिलकर एक ही डिग्री को बहुविषयक बनाकर पढ़ाई करवा सकेंगे।

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Delhi: Colleges of a city will be able to conduct degree programs together - provision came in the new education policy 2020 guidelines will be issued soon
यूजीसी - फोटो : पीटीआई-फाइल फोटो

विस्तार

सिंगल डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करवाने वाले डिग्री कॉलेज और विश्वविद्यालयों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। छात्रों और आर्थिक संसाधनों की कमी की वजह से बंद होने की कगार पर पहुंचे ऐसे उच्च शिक्षण संस्थान जल्द ही अपने शहर या नजदीक के दूसरे कॉलेजों के साथ मिलकर पढ़ाई करवा सकेंगे। केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बहुविषयक और पढ़ाई का बेहतर माहौल मुहैया करवाने के लिए इस योजना को मंजूरी दे दी है। नए शैक्षणिक सत्र 2022-23 से इसे लागू करने की तैयारी चल रही है। इसमें बीए, बीकॉम, बीएससी, बीएड, फिजिकल एजुकेशन जैसे सिंगल डिग्री कॉलेजों को आपस में क्लस्टर बनाकर ऐसे संस्थानों को बंद होने से बचाना है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने मसौदा तैयार कर लिया है। सरकार जल्द ही इसकी गाइडलाइंस जारी करने जा रही है।

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सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, भारत में अभी तक देश या विदेश को कोई भी कॉलेज ड्यूल डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करवा सकता था। लेकिन इस नई योजना में एक शहर के दो छोटे कॉलेज मिलकर एक ही डिग्री को बहुविषयक बनाकर पढ़ाई करवा सकेंगे। इसमें एक ही शहर और नजदीक के कॉलेज होने जरूरी होंगे। इसके लिए दोनों कॉलेजों को एक समझौता करना होगा। इसमें वे एक-दूसरे के शिक्षक, भवन समेत इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रयोग कर सकेंगे। इस योजना में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अधीनस्थ कॉलेज एक साथ जुड़ेंगे। इसके लिए यूजीसी रैग्यूलेशन 2020 में संशोधन होगा।

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चार वर्षीय बीएड समेत बहुविषयक कोर्स का विकल्प

सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2022-23 से चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम भी शुरू हो रहा है। एकल बीए, बीएससी, बीएड वाले कॉलेज मिलकर बीए-बीएड, बीएससी-बीएड आदि जैसे प्रोग्राम की मिलकर पढ़ाई करवा सकते हैं। इसके अलावा ऐसे कॉलेज चार वर्षीय स्नातक डिग्री प्रोग्राम के तहत बहुविषयक प्रोग्राम को भी शुरू करवाने को लेकर करार कर सकेंगे।  इसमें शिक्षक और इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों का प्रयोग होगा और फायदा भी दोनों को मिलेगा।

नई शिक्षा नीति में यह है प्रावधान

नई शिक्षा नीति 2020 में प्रावधान किया है कि 2040 तक सभी कॉलेज और उच्च शिक्षण बहुविषयक प्रोग्राम की पढ़ाई करवाएंगे। कोई भी कॉलेज सिंगल डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई नहीं करवा सकेगा। इसका मकसद दूर-दराज, ग्रामीण व छोटे शहरों के युवाओं को घर के आसपास ही उच्च स्तरीय गुणवत्ता युक्त पढ़ाई का मौका उपलब्ध करवाना है। ताकि मार्केट डिमांड व रोजगार के लिए उन्हें गुणवत्ता युक्त बहुविषयक प्रोग्राम की पढ़ाई के लिए बड़े शहरों के बड़े विश्वविद्यालयों की ओर रुख न करना पड़े।

देशभर में 45 हजार डिग्री कॉलेज

देशभर में करीब 45 हजार डिग्री कॉलेज हैं। दूर-दराज व छोटे शहरों में ऐसे कई डिग्री कॉलेज सिर्फ सिंगल डिग्री प्रोग्राम मतलब बीए, बीकॉम, बीएससी, बीएड, फिजिकल एजुकेशन आदि जैसे प्रोग्राम की ही पढ़ाई करवाते हैं। हालांकि मार्केट डिमांड और रोजगार के चलते ऐसे कॉलेजों में छात्रों की संख्या धीरे-धीरे कम होती जा रही है। छात्रों की कमी के कारण ऐसे कॉलेज इन दिनों आर्थिक संसाधनों की दिक्कत झेल रहे हैं। इसके कारण यह बंद होने की कगार पर हैं। इस योजना में अन्य कॉलेजों के साथ मिलकर ऐसे डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई और बहुविषयक प्रोग्राम की पढ़ाई शुरू करवाने का मौका उपलब्ध करवाना है, ताकि छात्रों को घर के पास अच्छी शिक्षा और शिक्षकों को रोजगार मिल सके।

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