दिल्ली में विधायकों की बल्ले-बल्ले: अब हर माह 54 के बदले मिलेगा 90 हजार रुपये वेतन, कैबिनेट ने दी मंजूरी
दिल्ली सरकार ने इसका एक प्रस्ताव बनाकर पांच साल पहले केंद्र सरकार को भेजा था। इसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय से गुजारिश की थी कि विधायकों का वेतन और भत्ते दूसरे राज्यों के विधायकों के बराबर किया जाए।
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को विधायकों का वेतन बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार के प्रस्ताव के अनुरूप किए गए प्रावधान से दिल्ली के विधायकों को 30 हजार रुपये वेतन मिलेगा। वहीं, सारे भत्तों को मिलाकर विधायकों को महीने में 90,000 रुपये मिलेंगे।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद और दिल्ली विधानसभा में रखे जाने से पहले यह प्रस्ताव गृह मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उधर, दूसरे राज्यों की तुलना में अभी भी दिल्ली के विधायकों का वेतन कम रहेगा।
दरअसल, बीते करीब दस सालों से दिल्ली के विधायकों का वेतन नहीं बढ़ा है। फिलहाल दिल्ली के विधायकों का वेतन और भत्ता 54 हजार रुपये है।
दिल्ली सरकार ने इसका एक प्रस्ताव बनाकर पांच साल पहले केंद्र सरकार को भेजा था। इसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय से गुजारिश की थी कि विधायकों का वेतन और भत्ते दूसरे राज्यों के विधायकों के बराबर किया जाए। देश के कई राज्य अपने विधायकों को हाउस रेंट, ऑफिस रेंट, स्टाफ और वाहन अलाउंज जैसी अन्य सुविधाएं और भत्ते देते हैं, लेकिन दिल्ली के विधायक इन सुविधाओं से वंचित हैं। दिल्ली सरकार ने सिफारिश की थी कि सभी भत्तों के साथ हर महीने करीब 2.10 लाख रुपये वेतन मिलने चाहिए। इसमें वेतन के तौर पर 54,000 रुपये देने का प्रस्ताव था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय में बीते 5 साल से लंबित इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन सकी। केंद्र सरकार ने कई चर्चाओं के बाद दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है। इसकी जगह 90 हजार रुपये प्रति माह तक सीमित करने का फैसला किया। दिल्ली मंत्रिमंडल ने आज दिल्ली सरकार के मंत्रियों के वेतन और भत्ते, (संशोधन) विधेयक 2021 और दिल्ली विधानसभा के विधायक/स्पीकर-डिप्टी स्पीकर/मुख्य सचेतक/विपक्ष के नेता (संशोधन) विधेयक 2021 को मंजूरी दे दी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद दिल्ली विधानसभा में रखे जाने से पहले प्रस्ताव और मसौदा विधेयकों को गृह मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
दूसरे राज्यों की तुलना में वेतन कम
दिल्ली सरकार का कहना है कि दिल्ली के विधायकों का वेतन अभी भी दूसरे राज्यों के विधायकों से कम है। मसलन, उत्तराखंड में 1.98 लाख, हिमाचल प्रदेश 1.90 लाख, हरियाणा 1.55 लाख, बिहार 1.30 लाख रुपये हर माह वेतन और भत्ते विधायकों को मिलता है। इसके अलावा भी कई अन्य राज्य अपने विधायकों को बहुत अधिक वेतन व भत्तों का भुगतान करते हैं। राजस्थान में 1.42 लाख रुपये और तेलंगाना में 2.50 लाख रुपये हर महीने मिलते हैं।
उधर, आम आदमी पार्टी का कहना है कि दिल्ली अभी भी उन राज्यों की सूची में शामिल है, जो अपने विधायकों को कम से कम वेतन और भत्ते देते हैं। वहीं, कई राज्य अपने विधायकों को बहुत अधिक वेतन प्रदान करते हैं, जबकि दिल्ली में रहने का खर्च देश के अधिकांश हिस्सों की तुलना में अधिक है। कई राज्य अपने विधायकों को कई अन्य सुविधाएं और भत्ते प्रदान करते हैं, लेकिन दिल्ली के विधायक उन सुविधाओं और भत्तों से वंचित हैं। मसलन, हाउस रेंट, ऑफिस रेंट, कर्मचारियों का खर्च, कार्यालय के उपकरण खरीदने के लिए भत्ता, उपयोग के लिए वाहन, चालक भत्ता मिलता है।
अब विधायकों को यह मिलेगा वेतन और भत्ता
विवरण प्रस्तावित (2021)
वेतन 30,000
चुनाव क्षेत्र भत्ता 25,000
सचिवालयी भत्ता 15,000
टेलिफोन भत्ता 10,000
वाहन भत्ता 10,000
कुल 90,000