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Hindi News ›   Delhi ›   Cycle track will be built in more than 250 km radius in Delhi

World Bicycle Day: दिल्ली में 250 किलोमीटर से अधिक दायरे में बनेगा साइकिल ट्रैक, डिजाइन में बदलाव से बढ़ेगी सुरक्षा, प्रदूषण से भी राहत

Fri, 03 Jun 2022 05:39 AM IST
विजय पुंडीर सर्वेश कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 03 Jun 2022 05:39 AM IST
सार

प्रदूषण कम करने के लिए साइकिल को दिल्ली में प्रोत्साहित किया जा रहा है। दिल्ली के करीब 250 किलोमीटर के दायरे में साइकिल ट्रैक विकसित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि आउटर रिंग रोड, रिंग रोड सहित साइकिल के लिए जरूरी क्षेत्रों में ट्रैक विकसित किए जाएंगे। 

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Cycle track will be built in more than 250 km radius in Delhi
cycle track - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सस्ता, सुलभ और सेहत के लिए भी फायदेमंद। अगर ट्रैक और सुरक्षा के लिहाज से अलग लेन बनाने की योजना को समय पर अमलीजामा पहना दिया जाए तो साइकिल के मामले में दिल्ली देश के कई शहरों से आगे होगी।

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साइकिल को सरकार भी प्रोत्साहित कर रही है, ताकि प्रदूषण कम हो। डिजाइन में बदलाव, अलग लेन और साइकिल के लिए फ्लाईओवर के बजाय वैकल्पिक सड़कों के विकसित होने से साइकिल को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। प्रदूषण कम करने के लिए साइकिल को दिल्ली में प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए की जा रही पहल के तहत दिल्ली के करीब 250 किलोमीटर के दायरे में साइकिल ट्रैक विकसित किया जाएगा। इस पर अध्ययन के बाद डिजाइन में बदलाव और सुरक्षा के लिहाज से गैर मोटर वाहनों के लिए सड़क पर बाई तरफ एक और लेन बनाने का प्रस्ताव है। प्रस्ताव है कि आउटर रिंग रोड, रिंग रोड सहित साइकिल के लिए जरूरी क्षेत्रों में ट्रैक विकसित किए जाएंगे ताकि दिल्लीवासियों को सड़कों पर सुरक्षित और सेहत को दुरुस्त रखने के लिए मुफीद साइकिल का जरिया मिल सके।
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आईआईटी दिल्ली ने दिए कई सुझाव 
आईआईटी दिल्ली ने अध्ययन में साइकिल ट्रैक विकसित करने के लिए कई अहम सुझाव भी दिए गए हैं। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवॉयरमेंट (सीएसई)की कार्यकारी निदेशक अनुमिता राय चौधरी के मुुताबिक साइकिल को अपनाया जाना चाहिए। खास तौर पर अंतिम छोर तक पहुंचने के लिए उन लोगों के लिए अधिक फायदेमंद हैं जो सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए जरूरी है कि साइकिल ट्रैक के साथ साथ चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखा जाए।
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राय चौधरी का कहना है कि अभी तक ईंधन से चलने वाले वाहनों की सुविधा के लिए फ्लाईओवर और सिग्नल फ्री ट्रैफिक बनाए जाते हैं। साइकिल के लिए अलग लेन जरूरी है। फ्लाईओवर के बजाय सर्विस लेन को साइकिल चालकों की सुविधा के लिहाज से नए सिरे से तैयार करना होगा। शून्य प्रदूषण और सेहत के लिए फायदेमंद बनाने के लिए जरूरी है कि अंतिम छोर तक पहुंचने का साइकिल एक बेहतरीन जरिया बन सकता है। इससे मेट्रो और बसों में सफर करने वालों को काफी फायदा हो सकता है।

दिल्ली में साइकिल के लिए कई सुविधाएं हैं। इसके लिए एक स्टेडियम भी है। साइकिल के लिहाज से बुनियादी सुविधाएं तैयार होने से प्रदूषण में कमी के साथ साथ सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या भी कम होगी। दिल्ली में साइक्लिंग करने वाले थोड़ा कम हैं। संख्या में बढ़ोतरी के लिए प्रदूषण नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम और पुख्ता होने से साइकिल को सही मायने में प्रोत्साहन मिलेगा। - मंजीत सिंह जीके, अध्यक्ष  दिल्ली साइक्लिंग एसोसिएशन

साइकिल चलाने वालों के लिए अलग ट्रैक होना चाहिए। सुरक्षा के लिहाज से और अधिक उपाय किए जाने चाहिए। मार्च में साइक्लिंग के दौरान गाजीपुर के पास जख्मी हुए हरदीप ने कहा कि दुर्घटना में कार के शीशे से जख्मी हो गए थे। - हरदीप, साइक्लिस्ट और पदक विजेता

सड़कें समतल होने के साथ चालकों की सुरक्षा के लिहाज से डिजाइन किया जाना चाहिए। - ईशिका, साइक्लिस्ट 

ये हैं मौजूदा साइकिल ट्रैक

- उत्तम नगर से सागरपुर के बीच एक दशक से भी अधिक पुराने बनाए गए साइकिल ट्रैक का साइकिल चालकों को फायदा नहीं मिल रहा है। भीड़भाड़ और ट्रैक पर सफाई न होने की वजह से भी सफर सुरक्षित नहीं है। 

- मयूर विहार फेज-1 के सर्विस रोड पर रैंप औ  साइकिल ट्रैक का उद्घाटन किया गया था। इसकी शुरुआत से लोगों की आवाजाही आसान सुलभ हुई। खासतौर पर अक्षरधाम और मयूर विहार-1 के बीच यात्रियों की मुश्किलें कम हुई हैं।
 
- इंडिया गेट, बीकानेर हाउस से लोदी गार्डन होते हुए जोरबाग मेट्रो स्टेशन तक पांच किलोमीटर का साइकिल कॉरिडोर का विकास
 
- इसके अलावा धौला कुआं-11 मूर्ति, संजय वन, नजफगढ़ वेटलैंड सहित कई और क्षेत्रों में साइकिल चलाए जाते हैं। 

ये हैं प्रस्तावित
- द्वारका में करीब 70 किलोमीटर के दायरे में साइकिल ट्रैक बनाने का दिल्ली विकास प्राधिकरण(डीडीए)का प्लान है। इसके तैयार होने से माना जा रहा है कि 4000 से अधिक साइकिल चल सकेंगी। इससे मेट्रो स्टेशन, शैक्षणिक संस्थान, एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों आंतरिक सड़कों से पहुंचना आसान हो जाएगा। पहले चरण में 2000 से अधिक साइकिलें चलने की उम्मीद है।
 
- नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्र में करीब 10 किलोमीटर साइकिल ट्रैक बनाने की योजना है। इसके लिए नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, निर्माण भवन, केंद्रीय सचिवालय और न्यू मोती बाग क्षेत्रों समेत लुटियंस दिल्ली के कई क्षेत्र जुड़ जाएंगे। कॉरिडोर के आसपास के सरकारी दफ्तरों को जोड़ने के लिए एनडीएमसी की एक अलग साइक्लिंग कॉरिडोर बनाने की योजना है। इसके तहत फुटपाथ के नजदीक साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा।
 
-असोला भाटी अभयारण्य से नीली झील के बीच 14 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक बनाने की तैयारी बड़े स्तर पर चल रही है।

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