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क्रेडिट कार्ड से पैसे को कैश करने के नाम पर ठगीकरने वाले गिरोह का पर्दाफाश
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कार्ड स्वैप कर कैश देने के नाम पर ठगने वाले धरे
कनॉट प्लेस थाना पुलिस ने गिरोह को दबोचा, भाई और भांजे संग गिरोह चला रहा था सरगना
- रकम अगले दिन खाते में आने की बात कह टरकाते थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नई दिल्ली जिले की कनॉट प्लेस थाना पुलिस ने क्रेडिट कार्ड स्वैप कर नकद रुपये देने का झांसा देकर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सरगना उत्तम नगर निवासी सुरेंद्र कुमार अरोड़ा (55) अपने बड़े भाई और भांजे के साथ गिरोह चला रहा था। वह क्रेडिट कार्ड मशीन में स्वैप कर पैसा अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लेता था और इसके बाद गायब हो जाता था। वह अब तक काफी लोगों के साथ ठगी कर चुका है।
नई दिल्ली जिला डीसीपी मधुर वर्मा के अनुसार, रीगल बिल्डिंग, कनॉट प्लेस में काफी समय से कानूनी कागजात बनाने की दुकान चलाने वाले संजय कालरा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि 25 दिसंबर, 2018 को वह काम से दरियागंज गया था। वहां उसने दीवार एक पंफलेट देखा, जिसमें दो फीसदी कमीशन पर क्रेडिट कार्ड के पैसे को कैश कराने की बात लिखी थी। संजय को पैसे की जरूरत थी। उन्होंने पंफलेट से मोबाइल नंबर लेकर कॉल किया तो तीन फीसदी कमीशन लेकर क्रेडिट कार्ड से रकम कैश करने की बात तय हुई। 26 दिसंबर को एक युवक संजय के पास आया और उनका क्रेडिट कार्ड दो लाख रुपये के लिए मशीन में स्वैप कर लिया। युवक ने संजय से कहा कि तीन फीसदी कमीशन काटकर बाकी पैसा उनके खाते में आ जाएगा। खाते में पैसा नहीं आया तो संजय ने थाने में शिकायत दी। ठगी का मामला दर्ज कर थानाध्यक्ष विनोद नारंग की देखरेख में एसआई नरेश कुमार व एएसआई जोगिंदर सिंह की टीम ने तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने जहांगीरपुरी निवासी गोपाल दास (49) व गोपिंदर सिंह को 26 अप्रैल, 2019 को गिरफ्तार कर लिया। रिमांड पर पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि उत्तम नगर निवासी सुरेंद्र कुमार अरोड़ा गिरोह का मास्टरमाइंड है। पुलिस ने 5 मई को सुरेंद्र कुमार अरोड़ा को सेक्टर-18 रोहिणी से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से कार्ड स्वैपिंग मशीन, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिमकार्ड और अन्य कागजात बरामद हुए। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वह कारोबार में घाटा होने के बाद ठगी करने लगा।
फर्जी कागजात के खाते खुलवा लिए मोबाइल नंबर
सुरेंद्र कुमार अरोड़ा ने ठगी में बड़े भाई गोपाल व भांजे गोपिंदर को शामिल किया हुआ था। इन्होंने फर्जी कागजात से बैंक खाते खुलवाए और मोबाइल नंबर लिए। उन्होंने फर्जी कागजात से नौ से दस स्वैपिंग मशीन ले रखी थीं। ओएलएक्स पर उसने नौकरी देने का विज्ञापन डाल रखा था। नौकरी की आस में लड़के इसके पास आते थे तो वह उन्हें पीड़ित के पास स्वैपिंग मशीन लेकर क्रेडिट कार्ड स्वैप करने के लिए भेजता था। युवक को वह कुछ दिन नौकरी पर रखता और फिर निकाल लेता था। दूसरे के क्रेडिट कार्ड को स्वैप कर वह रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर लेता था। पीड़ित को उसके खाते में अगले दिन पैसे आने की बात कहकर टरका दिया जाता। सुरेंद्र कुमार अरोड़ा इसी तरह तीन-चार वर्ष से ठगी कर रहा है, लेकिन गिरफ्तार पहली बार हुआ है।
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कनॉट प्लेस थाना पुलिस ने गिरोह को दबोचा, भाई और भांजे संग गिरोह चला रहा था सरगना
- रकम अगले दिन खाते में आने की बात कह टरकाते थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नई दिल्ली जिले की कनॉट प्लेस थाना पुलिस ने क्रेडिट कार्ड स्वैप कर नकद रुपये देने का झांसा देकर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सरगना उत्तम नगर निवासी सुरेंद्र कुमार अरोड़ा (55) अपने बड़े भाई और भांजे के साथ गिरोह चला रहा था। वह क्रेडिट कार्ड मशीन में स्वैप कर पैसा अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लेता था और इसके बाद गायब हो जाता था। वह अब तक काफी लोगों के साथ ठगी कर चुका है।
नई दिल्ली जिला डीसीपी मधुर वर्मा के अनुसार, रीगल बिल्डिंग, कनॉट प्लेस में काफी समय से कानूनी कागजात बनाने की दुकान चलाने वाले संजय कालरा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि 25 दिसंबर, 2018 को वह काम से दरियागंज गया था। वहां उसने दीवार एक पंफलेट देखा, जिसमें दो फीसदी कमीशन पर क्रेडिट कार्ड के पैसे को कैश कराने की बात लिखी थी। संजय को पैसे की जरूरत थी। उन्होंने पंफलेट से मोबाइल नंबर लेकर कॉल किया तो तीन फीसदी कमीशन लेकर क्रेडिट कार्ड से रकम कैश करने की बात तय हुई। 26 दिसंबर को एक युवक संजय के पास आया और उनका क्रेडिट कार्ड दो लाख रुपये के लिए मशीन में स्वैप कर लिया। युवक ने संजय से कहा कि तीन फीसदी कमीशन काटकर बाकी पैसा उनके खाते में आ जाएगा। खाते में पैसा नहीं आया तो संजय ने थाने में शिकायत दी। ठगी का मामला दर्ज कर थानाध्यक्ष विनोद नारंग की देखरेख में एसआई नरेश कुमार व एएसआई जोगिंदर सिंह की टीम ने तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने जहांगीरपुरी निवासी गोपाल दास (49) व गोपिंदर सिंह को 26 अप्रैल, 2019 को गिरफ्तार कर लिया। रिमांड पर पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि उत्तम नगर निवासी सुरेंद्र कुमार अरोड़ा गिरोह का मास्टरमाइंड है। पुलिस ने 5 मई को सुरेंद्र कुमार अरोड़ा को सेक्टर-18 रोहिणी से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से कार्ड स्वैपिंग मशीन, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिमकार्ड और अन्य कागजात बरामद हुए। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वह कारोबार में घाटा होने के बाद ठगी करने लगा।
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फर्जी कागजात के खाते खुलवा लिए मोबाइल नंबर
सुरेंद्र कुमार अरोड़ा ने ठगी में बड़े भाई गोपाल व भांजे गोपिंदर को शामिल किया हुआ था। इन्होंने फर्जी कागजात से बैंक खाते खुलवाए और मोबाइल नंबर लिए। उन्होंने फर्जी कागजात से नौ से दस स्वैपिंग मशीन ले रखी थीं। ओएलएक्स पर उसने नौकरी देने का विज्ञापन डाल रखा था। नौकरी की आस में लड़के इसके पास आते थे तो वह उन्हें पीड़ित के पास स्वैपिंग मशीन लेकर क्रेडिट कार्ड स्वैप करने के लिए भेजता था। युवक को वह कुछ दिन नौकरी पर रखता और फिर निकाल लेता था। दूसरे के क्रेडिट कार्ड को स्वैप कर वह रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर लेता था। पीड़ित को उसके खाते में अगले दिन पैसे आने की बात कहकर टरका दिया जाता। सुरेंद्र कुमार अरोड़ा इसी तरह तीन-चार वर्ष से ठगी कर रहा है, लेकिन गिरफ्तार पहली बार हुआ है।
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