फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   covid waste increased three times in second wave of corona in delhi

भारी पड़ सकती है लापरवाही: दूसरी लहर में तीन गुना बढ़ा कोविड कचरा, सही से न हुआ निपटारा तो पड़ सकता है भुगतना

Fri, 18 Jun 2021 08:50 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 18 Jun 2021 08:50 PM IST
सार

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, पहली लहर के दौरान 2020 के पहले चार महीनों में कोविड बॉयो मेडिकल वेस्ट की मात्रा केवल 240 टन प्रति माह थी। जबकि इस साल यह आंकड़ा 630 टन प्रतिमाह चल रही है। इसकी वजह कोरोना का इस साल घातक हमला रहा। 

विज्ञापन
covid waste increased three times in second wave of corona in delhi
कोविड कचरा ले जाते सफाईकर्मी - फोटो : amar ujala

विस्तार

कोरोना महामारी की दूसरी लहर में बायो मेडिकल वेस्ट भी पहली लहर की तुलना में करीब तीन गुना बढ़ गया है। पिछले साल जहां प्रतिदिन आठ टन कोविड वेस्ट निकल रहा था। इस बार यह आंकड़ा 24 टन के करीब पहुंच गया। इसकी बड़ी वजह संक्रमण का घातक होना रहा। इससे इलाज के लिए अस्पताल में रिकॉर्ड स्तर पर मरीज भर्ती हुए। एमसीडी का भी मानना है कि इस बार बॉयोमेडिकल वेस्ट में अधिकतर कोविड से जुड़ा ही वेस्ट था। पीपीई किट, मास्क दस्ताने समेत दूसरे वेस्ट शामिल थे। विशेषज्ञों के मुताबिक, वेस्ट का सही निस्तारण होना बहुत जरूरी है। ऐसा न करने से गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। इससे संक्रमण के अलावा अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा काफी रहता है। साथ ही पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुंचाता है।

विज्ञापन


केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, पहली लहर के दौरान 2020 के पहले चार महीनों में कोविड बॉयो मेडिकल वेस्ट की मात्रा केवल 240 टन प्रति माह थी। जबकि इस साल यह आंकड़ा 630 टन प्रतिमाह चल रही है। इसकी वजह कोरोना का इस साल घातक हमला रहा। पिछले साल अप्रैल तक एक दिन में संक्रमण के अधिकतम मामले 1500 के करीब था। जबकि इस बार 28000 से ज्यादा चला गया था। इसमें बड़ी संख्या में मरीजों को अस्पताल में भर्ती हुए। नतीजन कोविड बॉयोमेडिकल वेस्ट की बढ़ोतरी के तौर पर देखा गया।
विज्ञापन


दूसरी तरफ दिल्ली में इस वेस्ट का निस्तारण करने के लिए दो बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट चल रहे हैं। दोनों ही दिल्ली स्वास्थ्य सेवाएं के अधीन हैं। देश में सबसे अधिक वायोवेस्ट निकलने के मामले में राजधानी चौथे स्थान पर है। ऐसा में यह जरूरी है कि इस वेस्ट का सही प्रकार से निस्तारण किया जाए। कोविड बायो मेडिकल वेस्ट से संक्रमण फैलने की गंभीरता के मद्देनजर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) इस कोविड वेस्ट पर शुरू से ही निगरानी कर रहा है। सीपीसीबी की ओर से सभी स्थानीय निकायों, अस्पतालों, कोविड केयर सेंटर, आइसोलेशन सेंटर इत्यादि के लिए बकायदा दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण
निजी एंजेसियां विभिन्न अस्पतालों, क्लीनिक व अन्य स्थानों से कोविड बायो मेडिकल वेस्ट एकत्र कर सीबीडब्ल्यूटीएफ में भेजा जाता है, जहां पर बेहद उच्च तापमान पर इसे नष्ट किया जाता है। यही नहीं अस्पतालों में भी इस कचरे को अलग रखने की व्यवस्था की जाती है। कोविड बायोमेडिकल वेस्ट के लिए हर अस्पताल, नर्सिंग होम , पैथोलाजी, आइसोलेशन सेंटर में अलग व्यवस्था है। ये सारा कचरा उठाकर निजी एजेंसियों के माध्यम से इसका निस्तारण विशेष प्लांट में किया जाता है। इसके अलावा इस कचरे के लिए विशेष तरह के डबल लेयर बैग व अन्य सामान इस्तेमाल किया जाता है।


ये है कोविड बायो मेडिकल वेस्ट
पीपीई किट, मास्क, दस्ताने, ह्यूमन टिश्यू, रक्त लगी हुई सामग्री, ड्रेसिंग में इस्तेमाल चीजें, रुई, ब्लड बैग, सुई, ग्लूकोज की बोतल आदि।

विशेषज्ञों की राय, गलत तरीके से फेंकने पर नतीजे होंगे घातक
बायो मेडिकल वेस्ट का सही तरीके से निस्तारण किया जाना बहुत जरूरी है। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो इससे अन्य गंभीर बीमारियों समेत कोरोना संक्रमण फैलने का भी खतरा रहता है। इसलिए इसका उच्च ताप पर नियमानुसार निस्तारण किया जाना आवश्यक है। ऐसे में न केवल अस्पताल व क्वारंटीन सेंटर बल्कि आम जनमानस की भी यह जिम्मेदारी है कि वह इसमें सहयोग करें। लोग अपने घर के आसपास मेडिकल वेस्ट न फेंके। इसको प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही डालें। -डॉ.कमलजीत सिंह, विशेषज्ञ चिकित्सक

देश में चौथे स्थान पर बॉयोमेडिकल वेस्ट पैदा करती दिल्ली
1. केरल-23,710
2. गुजरात-21,980
3. महाराष्ट्र- 19,020
4. दिल्ली-18,790
5. कर्नाटक-16,910

आंकड़े
-सरकारी आंकड़ों मे दिल्ली में प्रतिदिन 21 टन कोविड बॉयोवेस्ट निकल रहा। प्रतिमाह 630 टन।
- दो बड़े वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट मौजूद
-एक की क्षमता 12 और दूसरे कि 34 टन प्रतिदिन की है
-पिछले साल प्रतिमाह 240 टन निकल रहा था वेस्ट 

नोट- आंकड़े सीपीसीबी से लिए गए हैं और सभी मात्रा टन में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed