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Delhi Corona: दिल्ली में पांच दिन में 46 मरीजों की मौत, 34 संक्रमित पहले से दूसरी बीमारी से थे पीड़ित, सरकार ने सार्वजनिक की जानकारी
Mon, 10 Jan 2022 10:49 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 10 Jan 2022 10:49 PM IST
सार
दिल्ली सरकार ने कोरोना से मरने वालों की जानकारी सार्वजनिक की है जिसमें पता चला है कि जिन लोगों को पहले से कोई न कोई बीमार है उनमें जान का जोखिम सबसे अधिक बना है। बता दें कि दिल्ली में बीते पांच दिन के भीतर 46 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली में बीते पांच दिन के भीतर 46 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। इनमें से 34 मरीजों में कोरोना संक्रमण से पहले बीमारी थी। सोमवार को दिल्ली सरकार ने कोरोना से मरने वालों की जानकारी सार्वजनिक की है जिसमें पता चला है कि जिन लोगों को पहले से कोई न कोई बीमार है उनमें जान का जोखिम सबसे अधिक बना है।
ऐसे लोगों की दिल्ली में आबादी भी काफी अधिक है क्योंकि आधुनिक जीवनशैली के चलते दिल्ली में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हार्ट, किडनी और कैंसर इत्यादि के मरीजों की संख्या भी काफी अधिक है जो हर आयुवर्ग में देखने को मिलती है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिन 46 लोगों की मौत पांच से नौ जनवरी के बीच हुई है उनकी आयु 25 से 60 वर्ष या उससे अधिक दर्ज की गई है। यानी कोरोना की इस नई लहर में लगभग सभी युवा, व्यस्क और बुजुर्गावस्था में एक जैसा जोखिम देखने को मिल रहा है।
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सरकारी आंकड़ा यह भी बताता है कि 34 मृतकों में कैंसर, हृदय और यकृत की बीमारियां थीं।46 में से केवल 11 को ही कोरोना वायरस के खिलाफ टीका लगाया था।इनमें से 25 रोगियों की आयु 60 से ऊपर और 14 की आयु 41 से 60 के बीच थी। 21-40 आयु वर्ग में पांच मौतें दर्ज की गईं। जबकि 0-15 और 16-20 आयु वर्ग के एक-एक मरीज ने संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया।
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ऐसे लोगों की दिल्ली में आबादी भी काफी अधिक है क्योंकि आधुनिक जीवनशैली के चलते दिल्ली में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हार्ट, किडनी और कैंसर इत्यादि के मरीजों की संख्या भी काफी अधिक है जो हर आयुवर्ग में देखने को मिलती है।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिन 46 लोगों की मौत पांच से नौ जनवरी के बीच हुई है उनकी आयु 25 से 60 वर्ष या उससे अधिक दर्ज की गई है। यानी कोरोना की इस नई लहर में लगभग सभी युवा, व्यस्क और बुजुर्गावस्था में एक जैसा जोखिम देखने को मिल रहा है।
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सरकारी आंकड़ा यह भी बताता है कि 34 मृतकों में कैंसर, हृदय और यकृत की बीमारियां थीं।46 में से केवल 11 को ही कोरोना वायरस के खिलाफ टीका लगाया था।इनमें से 25 रोगियों की आयु 60 से ऊपर और 14 की आयु 41 से 60 के बीच थी। 21-40 आयु वर्ग में पांच मौतें दर्ज की गईं। जबकि 0-15 और 16-20 आयु वर्ग के एक-एक मरीज ने संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार 46 में से 32 रोगियों को आईसीयू में भर्ती कराया गया था और वे ज्यादातर ऐसे थे जिन्हें क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, कैंसर, लीवर और हृदय रोग आदि जैसी बीमारी थी।अन्य समस्याओं वाले 21 रोगियों ने अस्पतालों में भर्ती होने के बाद कोरोना की जांच कराई थी और वे संक्रमित पाए गए।
राजधानी में इस महीने के नौ दिन में 53 कोविड की मौत दर्ज की है। पिछले पांच महीनों में संक्रमण के कारण कुल 54 मौतें दर्ज की गईं थीं जिनमें दिसंबर में नौ, नवंबर में सात, अक्तूबर में चार, सितंबर में पांच और अगस्त में 29 मौतें हुईं।
राजधानी में इस महीने के नौ दिन में 53 कोविड की मौत दर्ज की है। पिछले पांच महीनों में संक्रमण के कारण कुल 54 मौतें दर्ज की गईं थीं जिनमें दिसंबर में नौ, नवंबर में सात, अक्तूबर में चार, सितंबर में पांच और अगस्त में 29 मौतें हुईं।