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साइड इफैक्ट : कोरोना ने बढ़ाई परेशानी, युवाओं में मिले रहे हैं पार्किंसन के लक्षण
Mon, 11 Apr 2022 06:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 11 Apr 2022 06:03 AM IST
सार
रविवार को विश्व पार्किंसन रोग दिवस को लेकर नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मैराथन और चर्चा सत्र का आयोजन हुआ। सुबह निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को शुरू किया। इस दौरान अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर, रेजिडेंट, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दौड़ में हिस्सा लिया। चर्चा सत्र के दौरान एम्स निदेशक ने बताया कि पार्किंसन रोग से दुनिया भर में मृत्यु का 14वां सबसे बड़ा कारण है।
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जागरूकता दौड़...
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना महामारी के बाद से पार्किंसन रोग को लेकर लोगों में परेशानी हो रही है। कोरोना निगेटिव होने के बाद भी मरीज लंबे समय तक पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो पा रहे हैं। कई लोगों में पार्किंसन रोग के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इतना ही नहीं एक समय पहले तक इस बीमारी को वृद्धावस्था से जोड़कर देखी जाती थी लेकिन अब युवाओं में भी इसके लक्षण मिल रहे हैं।
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रविवार को विश्व पार्किंसन रोग दिवस को लेकर नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मैराथन और चर्चा सत्र का आयोजन हुआ। सुबह निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को शुरू किया। इस दौरान अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर, रेजिडेंट, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दौड़ में हिस्सा लिया। चर्चा सत्र के दौरान एम्स निदेशक ने बताया कि पार्किंसन रोग से दुनिया भर में मृत्यु का 14वां सबसे बड़ा कारण है।
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जिन मस्तिष्क तंत्रिकाओं में डोपामाइन का उत्पादन होता है यह रोग उन्हें प्रभावित करता है। साथ ही नर्व सिस्टम की संतुलन संबंधी कार्यक्षमता को बाधित भी करता है। इसकी वजह से व्यक्ति की ध्यान लगाने, संतुलन बनाने और दिन-भर के कार्यों को सही ढंग से नहीं कर पाने जैसी समस्याएं आने लगती हैं। डॉ. गुलेरिया ने बताया कि जो लोग इस बीमारी से पीड़ित होते हैं उन्हें पैरों, जबड़ों, चेहरे, हाथों और बांहों के संतुलन में कमी महसूस होती है।
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141 नए संक्रमित मिले, एक की मौत
राजधानी में कोरोना केस बढ़ने के साथ ही सक्रिय मामलों की संख्या 600 पार कर चुकी है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीते एक दिन में कोरोना के 141 नए केस मिले हैं। वहीं, 113 मरीजों को छुट्टी दे दी गई। इसके अलावा कोरोना संक्रमित एक मरीज की उपचार के दौरान मौत भी हुई। बीते एक दिन में विभाग ने 10,939 नमूनों की जांच की गई। संक्रमण संक्रमण दर 1.29 फीसदी दर्ज की गई। बहरहाल, राजधानी में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या अब तक 18,66, 243 हो चुकी है जिनमें 18,39,478 रोगी ठीक हो चुके हैं। विभाग के अनुसार दिल्ली में कुल कोरोना सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 608 हुई है।