{"_id":"69dd74ca474e52271c036d45","slug":"congested-cities-to-see-relief-expressways-to-absorb-traffic-delhi-ncr-and-up-traffic-set-to-shift-in-delhi-2026-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाम वाले शहर होंगे हल्के: एक्सप्रेसवे खींचेगा अपने साथ ट्रैफिक, दिल्ली-एनसीआर और यूपी का ट्रैफिक होगा शिफ्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाम वाले शहर होंगे हल्के: एक्सप्रेसवे खींचेगा अपने साथ ट्रैफिक, दिल्ली-एनसीआर और यूपी का ट्रैफिक होगा शिफ्ट
Tue, 14 Apr 2026 06:13 AM IST
Digvijay Singh
धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली
धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 14 Apr 2026 06:13 AM IST
सार
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे को सिर्फ तेज रफ्तार के लिए नहीं, बल्कि ट्रैफिक के बेहतर वितरण (रिडिस्ट्रिब्यूशन) के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। इसके शुरू होते ही दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड की ओर जाने वाला भारी ट्रैफिक अब पारंपरिक मार्गों से हटकर नए एक्सप्रेसवे पर शिफ्ट होगा।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे को सिर्फ तेज रफ्तार के लिए नहीं, बल्कि ट्रैफिक के बेहतर वितरण (रिडिस्ट्रिब्यूशन) के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। इसके शुरू होते ही दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड की ओर जाने वाला भारी ट्रैफिक अब पारंपरिक मार्गों से हटकर नए एक्सप्रेसवे पर शिफ्ट होगा, जिससे कई शहरों और जिलों को जाम से राहत मिलेगी।
विज्ञापन
अब तक दिल्ली से देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाला अधिकतर ट्रैफिक एनएच-58 (पुराना दिल्ली–मेरठ–मुजफ्फरनगर रूट) से होकर गुजरता था। इस कारण गाजियाबाद, मोदीनगर, मेरठ और मुजफ्फरनगर जैसे शहरों में लगातार ट्रैफिक दबाव बना रहता था। खासकर वीकेंड और छुट्टियों के दौरान इन इलाकों में लंबा जाम आम बात थी। नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह ट्रैफिक बड़े पैमाने पर डायवर्ट होगा। एक्सप्रेसवे दिल्ली को सीधे बागपत, शामली और सहारनपुर के रास्ते देहरादून से जोड़ता है, जिससे पारंपरिक रूट पर वाहनों की संख्या कम होगी। इसका सीधा फायदा गाजियाबाद और मेरठ जैसे शहरों को मिलेगा, जहां रोजाना लाखों वाहन गुजरते हैं।
विज्ञापन
दिल्ली के अंदर भी ट्रैफिक दबाव कम होगा है। खासतौर पर आईएसबीटी, आनंद विहार और पूर्वी दिल्ली के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर भारी वाहनों की आवाजाही घटेगी। इससे शहर के भीतर यात्रा समय कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आ सकती है। इस परियोजना का सबसे बड़ा गेमचेंजर पहलू रीजनल डायवर्जन है। पंजाब और हरियाणा से देहरादून जाने वाले वाहन अब ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) पर आएंगे वहां से सीधे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे। इससे इन वाहनों को दिल्ली के भीतर नहीं आना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि शुरुआत में एक्सप्रेसवे पर 30 हजार पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) ट्रैफिक आने का अनुमान है, जो समय के साथ और बढ़ेगा।
विज्ञापन
सड़क चौड़ीकरण की योजना लेकिन बना नया एक्सप्रेसवे
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की नींव पड़ने की कहानी भी बड़ी रोचक है। मार्च 2018 में दिल्ली-सहारनपुर हाइवे को चौड़ी करने की एक सामान्य सी चर्चा में किसी ने नहीं सोचा था कि वहीं से यह एक्सप्रेसवे जन्म लेगा। जब यह सामने आया कि चौड़ीकरण करने पर दिल्ली से सहारनपुर तक हजारों घरों को तोड़ना पड़ेगा। ऐसे में फैसला बदला गया और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की नींव पड़ी।