फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Choking on breath, no hope of relief

Delhi News: घुट रही सांस, राहत की नहीं आस

Wed, 05 Nov 2025 06:47 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 05 Nov 2025 06:47 PM IST
विज्ञापन
Choking on breath, no hope of relief
छोटे बच्चे और बुजुर्गाें को जहरीली हवा से बचाने के लिए महिलाएं ले रहीं घरेलू नुस्खों का सहारा
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी



नई दिल्ली। राजधानी की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। बढ़ते प्रदूषण स्तर ने लोगों की दिनचर्या और सेहत पर गहरा असर डाला है। ऐसे में महिलाएं परिवार की सेहत के लिए जिम्मेदारी उठा रही हैं। चाहे घर के छोटे बच्चे हों या बुजुर्ग सदस्य महिलाएं हर स्तर पर सतर्क रहकर सांसों की रखवाली कर रही हैं।
महिलाएं तुलसी, अदरक की चाय से लेकर पौधे लगावाने तक घरेलू नुस्खों का सहारा ले रही हैं। प्रदूषण के कारण दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। जहरीली हवा के कारण खांसी, गले में खराश, आंखों में जलन और सांस की तकलीफ के मामले बढ़ रहे हैं। हर घर में महिलाएं घरेलू नुस्खों को अपना रही हैं। साथ ही, महिलाएं अब आधुनिक उपाय भी अपना रही हैं। कई घरों में एयर प्यूरीफायर लगाए गए हैं और ऑक्सीजन देने वाले पौधे जैसे मनीप्लांट, एलोवेरा, स्नेक प्लांट और पीस लिली को घर के अंदर सजाया गया है।
विज्ञापन







गृहिणियां बताती हैं कि सुबह बच्चों को स्कूल भेजने से पहले मास्क पहनाना नहीं भूलते। घर में एयर प्यूरीफायर दिन-रात चलता है, फिर भी डर बना रहता है। वहीं, कार्यरत महिलाएं कहती हैं कि बाहर निकलना अब चुनौती बन गया है, पर परिवार की सेहत की चिंता सबसे ऊपर है। डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण के इस स्तर पर लोगों को जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह-शाम टहलने से बचें और घरों में ताजा हवा बनाए रखने के लिए प्राकृतिक तरीकों को अपनाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्जन---
सुबह बच्चों को स्कूल भेजने से पहले मास्क पहनाना नहीं भूलते। घर में एयर प्यूरीफायर चलता है, पर हवा की गंध तक बदल चुकी है। - सीमा शर्मा, वंसतकुंज

मेरी बहु गर्भवती है, प्रदूषण उसके होने वाले बच्चे के लिए खतरनाक है। जिसके लिए न सिर्फ एयर प्यूरीफायर लगवाया बल्कि बाहर जाते वक्त मास्क से चेहरा भी ढकती है। - नीलम मिश्रा, लाजपत नगर


प्रदूषण का स्तर खतरनाक है। ऐसे में बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर कम निकलते हैं। नींबू, शहद और पानी के अलावा इनडोर पौधों का इस्तेमाल कर रहे हैं। - मीना शर्मा, ग्रेटर कैलाश
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed