नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में शुक्रवार को दिल्ली के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुआ, हालांकि कहीं भी हिंसा नहीं होने से पुलिस ने राहत की सांस ली। एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। सीलमपुर, जाफराबाद, मुस्तफाबाद, जामिया नगर, शाहीन बाग और जामा मस्जिद इलाके में पुलिस की कई टुकड़ियां तैनात की गई थीं, इंटरनेट भी बंद किया गया था, वहीं कई इलाकों में धारा-144 लागू की गई। पुलिस ने अलग-अलग जगह प्रदर्शन कर रहे 357 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने पूर्वी दिल्ली की गीता कॉलोनी से जामा मस्जिद की ओर जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया था, जिसके चलते यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। कुछ देर के लिए इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया था।
जुमे की नमाज के बाद जामा मस्जिद और जोर बाग पर एक साथ प्रदर्शन शुरू हुए। इसके कुछ देर बाद नई दिल्ली स्थित यूपी भवन और असम भवन के बाहर छात्र एकत्रित होने लगे। हालांकि पुलिस ने छात्रों को प्रदर्शन की मंजूरी नहीं दी और उन्हें हिरासत में लेकर मंदिर मार्ग व कनॉट प्लेस थाने ले जाया गया। शाम को यूपी भवन प्रदर्शन के लिए पहुंचे पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता डॉ. उदित राज व उनके समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इससे पहले दोपहर करीब डेढ़ बजे जोर बाग से भीम आर्मी की ओर से लोक कल्याण मार्ग तक रैली निकाली गई, लेकिन पुलिस ने जोर बाग मेट्रो स्टेशन से पहले ही भीड़ को रोक लिया। प्रदर्शन के चलते काफी देर तक लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन को बंद रखना पड़ा। उधर, जामा मस्जिद के बाहर नमाज के बाद एकत्रित हुए लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अलका लांबा व पूर्व विधायक शोएब इकबाल ने लोगों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों को दमनकारी बताया।