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दिल्ली: 31 दिसंबर 2020 तक हुईं 87.8 लाख कोविड जांच, आउटकम बजट में केजरीवाल सरकार ने पेश किए आंकड़े
Mon, 08 Mar 2021 11:56 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 08 Mar 2021 11:56 PM IST
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कोविड काल में स्वास्थ्य विभाग आउटकम बजट में 80 फीसदी अंकों के साथ पास हुआ है। दिसंबर 2020 तक के आंकड़ों के आधार पर तैयार रिपोर्ट कार्ड में विभाग के 80 फीसदी इंडीकेटर ट्रैक पर हैं। जबकि 15 फीसदी सही तरीके से नहीं चल सके हैं। वहीं, पांच इंडीकेटर का रिकार्ड अभी तैयार नहीं है।
आउटकम बजट 2020-21 में स्वास्थ्य विभाग की 56 योजनाएं शामिल की गई थी। इसमें 1616 आउटपुट व आउटकम इंडीकेटर थे। इनमें से 499 को बेहद अहम माना गया था। इसके आधार पर तैयार विभाग के रिपोर्ट कार्ड में 80 फीसदी इंडीकेटर ट्रैक पर पाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 9 से 11 महीने की आयु वर्ग के लगभग 1.82 लाख बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया गया।
लक्ष्य 2.96 लाख बच्चों के टीकाकरण का था। दिसंबर 2020 तक 750 मोहल्ला क्लिनिक स्थापित किए जाने की योजना थी। कोविड महामारी के बावजूद भी 496 क्लिनिक स्थापित किए गए। एक क्लिनिक में प्रतिदिन 97 रोगियों को चिकिस्ता सुविधा उपलब्ध कराई गई। मार्च में कोरोना की शुरुआत के बाद से 31 दिसंबर 2020 तक कुल 87.8 लाख कोविड जांच की गई, जिसमें 31.3 लाख आरटी-पीसीआर जांच थी।
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रिपोर्ट के मुताबिक, जिस वक्त कोविड के सबसे ज्यादा केस आ रहे थे, उस दौरान दिल्ली सरकार ने प्रतिदिन 90,000 से भी अधिक जांच की, जो न केवल किसी एक शहर या राज्य में, बल्कि पूरे विश्व में प्रतिदिन जांच की अधिकतम संख्या है। सभी मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने अपने अस्पतालों, औषधलायों और आम आदमी मोहल्ला क्लीनिकों में 330 जांच प्रयोगशाला बनाई।
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आउटकम बजट 2020-21 में स्वास्थ्य विभाग की 56 योजनाएं शामिल की गई थी। इसमें 1616 आउटपुट व आउटकम इंडीकेटर थे। इनमें से 499 को बेहद अहम माना गया था। इसके आधार पर तैयार विभाग के रिपोर्ट कार्ड में 80 फीसदी इंडीकेटर ट्रैक पर पाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 9 से 11 महीने की आयु वर्ग के लगभग 1.82 लाख बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया गया।
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लक्ष्य 2.96 लाख बच्चों के टीकाकरण का था। दिसंबर 2020 तक 750 मोहल्ला क्लिनिक स्थापित किए जाने की योजना थी। कोविड महामारी के बावजूद भी 496 क्लिनिक स्थापित किए गए। एक क्लिनिक में प्रतिदिन 97 रोगियों को चिकिस्ता सुविधा उपलब्ध कराई गई। मार्च में कोरोना की शुरुआत के बाद से 31 दिसंबर 2020 तक कुल 87.8 लाख कोविड जांच की गई, जिसमें 31.3 लाख आरटी-पीसीआर जांच थी।
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रिपोर्ट के मुताबिक, जिस वक्त कोविड के सबसे ज्यादा केस आ रहे थे, उस दौरान दिल्ली सरकार ने प्रतिदिन 90,000 से भी अधिक जांच की, जो न केवल किसी एक शहर या राज्य में, बल्कि पूरे विश्व में प्रतिदिन जांच की अधिकतम संख्या है। सभी मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने अपने अस्पतालों, औषधलायों और आम आदमी मोहल्ला क्लीनिकों में 330 जांच प्रयोगशाला बनाई।
इस दौरान संक्रमण में बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने विश्व का पहला होम आइसोलेशन कार्यक्रम तैयार किया। दिल्ली कोविड के उपचार में प्लाज्मा थेरेपी का प्रयोग करने वाला देश का पहला राज्य भी बना। इंस्टिट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलिएरी साइंसेज और लोकनायक अस्पताल में 2 प्लाज्मा बैंक स्थापित किए। इन दोनो बैंक से 5629 यूनिट प्लाज्मा कोविड-19 मरीजों को दिये गए। कोविड-19 रोगियों के लिए एक समर्पित डीजीएचएस हेल्पलाइन भी शुरू की और दिसंबर 2020 तक 1,36,470 कॉलों के जवाब दिए।