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मुगलिया चकाचौंध से आज तक की हलचलों का साक्षी रहा है बरगद

Sat, 08 Aug 2020 12:42 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2020 12:42 AM IST
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banyan tree is witness of glory of mughals to todays delhi
अरुण कुमार
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नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरों के बीच नई सड़क इलाके में एक ऐसी धरोहर है जिसका संबंध हिंदू धर्म की आस्था से करीब 300 सालों से भी ज्यादा समय से जुड़ा है। यह कोई ऐतिहासिक इमारत नहीं बल्कि बरगद का एक वृक्ष है। जिस हेरिटेज बिल्डिंग में यह वृक्ष है, इसी के नाम पर उसे बड़ वाली कोठी कहा जाता है। यह वृक्ष की एतिहासिक अहमियत ही है कि इसे नुकसान पहुंचने पर सख्त रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने इसके संरक्षण के लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम से जवाब मांगा है।
नई सड़क इलाके में यह वृक्ष हेरिटेज बिल्डिंग में है, यह बिल्डिंग भी करीब 300 साल से ज्यादा पुरानी बताई जा रही है। इस वृक्ष के पास ही पहले एक बावड़ी हुआ करती थी जिसे काफी समय पहले ढक दिया गया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बरगद की जड़ें इलाके में आधा किमी मीटर से भी ज्यादा दूर तक फैली हैं।
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कुशमाकर रस्तोगी ने बताया कि उनके परदादा ने बढ़ वाली कोठी में 1938 में पगड़ी पर दुकान ली थी। उसके बाद उनके पिता ने दुकान संभाली और अब वह खुद इस दुकान को संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इलाके के पुराने बुजुर्गों का कहना है कि यह वृक्ष 17 वीं सदी का है।
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बुजुर्गों का अनुमान है कि यह वृक्ष मुगल शासक औरंगजेब के समय का है। उस समय यहां पर इमारत थी या नहीं। इसके बारे में किसी को नहीं पता, लेकिन बाद में जिसने यहां 1100 वर्ग गज जमीन खरीदी, उसके बीच में यह वृक्ष आया था। इस वृक्ष के चारों ओर भवन निर्माण किया गया। यहां पहले लोग रहते थे, लेकिन वर्तमान में यह क्षेत्र व्यवसायिक गतिविधियां में लिप्त हो गया।
नई सड़क पर स्थित बड़ वाली कोठी में कथित अवैध निर्माण कार्य के चलते आसपास की दुकानों में आई दरार को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए पीठ ने सवाल उठाया कि निर्माण के लिए यहां स्थित 300 से साल भी पुराने बरगद की शाखाओं को क्यों काटा गया। इस मुद्दे पर पीठ ने उत्तर दिल्ली नगर निगम और निर्माण ठेकेदार को फटकार लगाई।
न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने इस वृक्ष की कटी हुई ऊपरी जड़ों और कटी हुई शाखाओं को देखकर बेहद नाराजगी जताई। उन्होंने कहा यह वृक्ष दिल्ली के बदलते हुए स्वरूप का गवाह है इसलिए यह एक ऐतिहासिक वृक्ष है। उन्होंने पूछा कि आप इस तरह इस धरोहर के साथ ऐसा खिलवाड़ कैसे कर सकते हैं। उन्होंने कहा यह वृक्ष अंग्रेजों के समय से भी पुराना है और यह दिल्ली शहर की ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा है।
यह याचिका बड़ वाली कोठी के बराबर में पीपल वाली कोठी में स्थित दुकानदार नितिन गुप्ता की ओर से दायर की गई है। बड़ वाली कोठी में हो रहे निर्माण को उन्होंने अवैध बताया है। याचिका में कहा है कि इस निर्माण के कारण उनकी और आसपास की अन्य इमारतों में दरारें पड़ गई हैं। अगर इस निर्माण को नहीं रोका गया तो इससे इलाके में बड़ा हादसा हो सकता है।

पीठ ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जताते हुए दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम को निर्देश दिया कि वृक्ष के संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। इस मामले में अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।
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