खतरे की घंटी : दिल्लीवालों का दिल बर्बाद कर रही है खराब जीवन शैली, कोरोना से बढ़े युवा रोगी

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 20 Sep 2021 05:34 AM IST

सार

28 से 44 साल तक के लोगों को हो रही हैं अब परेशानियां और कोरोना के बाद से 30 फीसदी तक बढ़ गए युवा मरीज। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार

शास्त्री नगर निवासी निशांत (34) को पिछले महीने सीने में तेज दर्द हुआ। पहले उन्होंने इस पर गौर नहीं किया, लेकिन कुछ दिन बाद उन्हें सांस फूलने की परेशानी भी होने लगी। एक मित्र की सलाह
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पर उन्होंने ईसीजी जांच कराई। रिपोर्ट देखने के बाद वह हैरान हो गए। डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनके दिल की नसों में ब्लॉकेज है, जिसके लिए तुरंत सर्जरी करानी होगी। निशांत ने डॉक्टर की सलाह मानते हुएऑपरेशन करा लिया। 


शाहदरा के रहने वाले नवीन (38) भी जीबी पंत अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं। उन्हें कुछ महीने ही पेसमेकर लगाया गया। कोरोना होने के बाद से उन्हें सांस फूलने और थकावट की परेशानी होने लगी थी। जांच में पता चला कि उनकी हृदयगति असामान्य हो गई है। इसलिए उन्हें पेसमेकर लगाया गया है। दिल्ली के कई और अस्पतालों में भी ऐसे मामले आ रहे हैं।

सर गंगाराम अस्पताल के कॉर्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर एससी मनचंदा के मुताबिक, पिछले सप्ताह ही उनके पास पांच मरीज आए हैं, जो 40 साल से कम उम्र के हैं और उन्हें हृदय संबंधी समस्याएं हैं। कोविड के बाद से दिल की बीमारियां अधिक बढ़ गई हैं। विशेषकर, युवा मरीजों की संख्या 30 फीसदी तक बढ़ गई है। पहले 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को दिल का दौरा पड़ने जैसी घटना होती थी, लेकिन अब यह 28 से 44 साल तक के लोगों को भी हो रहा है। खराब जीवन शैली के कारण दिल की परेशानियों में इजाफा हो रहा है। 

ये पांच वजह हैं अहम
डॉक्टर मनचंदा का कहना है कि इस समस्या के बढ़ने का कारण यह है कि युवाओं का दिल कमजोर हो गया है। इसका कारण नए जमाने की जीवन शैली है। इसके लिए वो पांच कारणों को अहम मानते हैं। इनमें जीवन में तनाव, खाने की गलत आदत, कंप्यूटर या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर देर तक काम करना, तंबाकू और शराब की लत है।

कम उम्र में ही पड़ रहा दिल का दौरा
राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर अजीत का कहना है कि पोस्ट कोविड समस्याओं में दिल की बीमारियां भी काफी लोगों को हो रही है। इनमें युवा भी हैं। कई साल पहले तक इस बीमारी को बुजुर्गों से जोड़ा जाता था, लेकिन अब युवा भी बड़ी संख्या में हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। कम उम्र में ही लोगों को दिल का दौरा पड़ रहा है। 

यह हैं लक्षण
डॉक्टरों अजीत के मुताबिक, दिल का दौरा पड़ने का सबसे प्रमुख लक्षण सीने में तेज दर्द है। इसके अलावा अगर पैदल चलते समय या कोई शारीरिक कार्य करते समय अचानक सांस फूल रही है तो यह भी दिल की बीमारी के लक्षण हैं। अगर ऐसी कोई भी परेशानी महसूस हो रही है तो तुरंत डॉक्टरों की सलाह लेनी चाहिए।

ये करें उपाय
डॉ. मनचंदा के मुताबिक, युवाओं को जीवनशैली में परिवर्तन की जरूरत है। बहुत हद तक योग से भी यह बदलाव संभव है। योग करने से हार्टअटैक से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। इससे तनाव भी दूर होता है और अन्य बीमारियां भी कम होती हैं।

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