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ऑक्सीजन मामले में आत्मनिर्भर बनेगी दिल्ली: केजरीवाल सरकार ने मेडिकल ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्रमोशन पॉलिसी-2021 को दी मंजूरी
Tue, 03 Aug 2021 11:21 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 03 Aug 2021 11:21 PM IST
सार
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि भविष्य में किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए दिल्ली को मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जाए।
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अरविंद केजरीवाल
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
देश की राजधानी दिल्ली मेडिकल ऑक्सीजन के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने की डगर पर आगे बढ़ गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को मेडिकल ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्रमोशन पॉलिसी- 2021 को मंजूरी दी गई। यह पॉलिसी दिल्ली में ऑक्सीजन की उपलब्धता में सुधार करने में मदद करेगी।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि भविष्य में किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए दिल्ली को मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जाए। मेडिकल ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्रमोशन पॉलिसी- 2021 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र लगाने, भंडारण सुविधाएं और ऑक्सीजन टैंकर स्थापित करने के क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर को कई प्रोत्साहन प्रदान करती है।
केजरीवाल ने कहा कि कोविड-19 या अन्य कारणों से स्वास्थ्य संकट के दौरान अस्पतालों या नर्सिंग होम में निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए मौजूदा इकाइयों में उत्पादन क्षमता का विस्तार करके किया जाएगा। मेडिकल ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्रमोशन पॉलिसी- 2021 के अंतर्गत कुल 100 मीट्रिक टन तक न्यूनतम 50 मीट्रिक टन क्षमता की तरल ऑक्सीजन (एलओएक्स) विनिर्माण सुविधाओं की स्थापना की जाएगी।
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10 मीट्रिक टन के गैर-कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों और कुल 100 मीट्रिक टन तक अधिकतम 50 मीट्रिक टन क्षमता की स्थापना की जाएगी। 500 मीट्रिक टन की कुल क्षमता तक तरल चिकित्सा ऑक्सीजन ढोने के विशेष उद्देश्य से 10 मीट्रिक टन की न्यूनतम वहन क्षमता के क्रायोजेनिक टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी।
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सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि भविष्य में किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए दिल्ली को मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जाए। मेडिकल ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्रमोशन पॉलिसी- 2021 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र लगाने, भंडारण सुविधाएं और ऑक्सीजन टैंकर स्थापित करने के क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर को कई प्रोत्साहन प्रदान करती है।
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केजरीवाल ने कहा कि कोविड-19 या अन्य कारणों से स्वास्थ्य संकट के दौरान अस्पतालों या नर्सिंग होम में निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए मौजूदा इकाइयों में उत्पादन क्षमता का विस्तार करके किया जाएगा। मेडिकल ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्रमोशन पॉलिसी- 2021 के अंतर्गत कुल 100 मीट्रिक टन तक न्यूनतम 50 मीट्रिक टन क्षमता की तरल ऑक्सीजन (एलओएक्स) विनिर्माण सुविधाओं की स्थापना की जाएगी।
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10 मीट्रिक टन के गैर-कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों और कुल 100 मीट्रिक टन तक अधिकतम 50 मीट्रिक टन क्षमता की स्थापना की जाएगी। 500 मीट्रिक टन की कुल क्षमता तक तरल चिकित्सा ऑक्सीजन ढोने के विशेष उद्देश्य से 10 मीट्रिक टन की न्यूनतम वहन क्षमता के क्रायोजेनिक टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी।
ऑक्सीजन पॉलिसी का उद्देश्य
- दिल्ली को चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन और आपूर्ति के मामले में आत्मनिर्भर बनाना मुख्य उद्देश्य है।
- मेडिकल ऑक्सीजन के नए विनिर्माण उद्यमों की स्थापना होगी, कोविड-19 या अन्य स्वास्थ्य संकट के दौरान अस्पतालों और नर्सिंग होम को निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति करना।
- दिल्ली में मेडिकल ऑक्सीजन के भंडारण और परिवहन की सुविधा को बढ़ाना।
- कुल 100 मीट्रिक टन, न्यूनतम 50 मीट्रिक टन ऑक्सीजन (एलओएक्स) विनिर्माण।
- न्यूनतम 10 मीट्रिक टन के गैर-कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों (पीएसए, एयर सेपरेशन यूनिट प्रौद्योगिकी) की स्थापना।
- अस्पतालों और नर्सिंग होम में न्यूनतम 500 एलपीएम क्षमता के कैप्टिव ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट (पीएसए, एयर सेपरेशन यूनिट टेक्नोलॉजी) की स्थापना, ताकि 200 मीट्रिक टन की कुल क्षमता तक मेडिकल ऑक्सीजन की उनकी अधिकतम मांग को पूरा किया जा सके।
- अधिकतम 500 मीट्रिक टन और नियूनतम 10 मीट्रिक टन क्रायोजेनिक टैंकरों की स्थापना करना।
- अधिकतम 1000 मीट्रिक टन, न्यूनतम 10 मीट्रिक टन क्षमता के एलएमओ भंडारण टैंकों की स्थापना करना।
ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों को बिजली सब्सिडी
नई पॉलिसी में मेडिकल ऑक्सीजन के व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने वाली इकाइयों को पहले पांच वर्ष 4 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बिल जमा करने की छूट देने का निर्णय लिया गया है।
एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति
दिल्ली सरकार ने निर्णय लिया है कि संयंत्र लगाने वाली इकाइयों की एसजीएसटी की भरपाई एक महीने में कर दी जाएगी।
सब्सिडी लेने के लिए ये जानना जरूरी
ऑक्सीजन निर्माण संयंत्र लगाने वाली इकाइयों को पहले तो अधिसूचना की तारीख से 15 दिनों के अंदर सब्सिडी के लिए आवेदन करना होगा। ड्रा के माध्यम से सभी पात्र आवेदकों को चुना जाएगा। बाद में हर महीने 15 दिन तक सब्सिडी के लिए आवेदन किए जा सकेंगे। ध्यान रखना है कि पॉलिसी की अधिसूचना जारी होने की तारीख से 6 महीने तक आवेदन लिए जाएंगे।