फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Arrest warrant issued against circus owner instructed to keep hippopotamus in zoo

एशियाड सर्कस से दरियाई घोड़े को चिडियाघर में रखने का निर्देश, मालिक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

Fri, 22 Jan 2021 08:47 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Fri, 22 Jan 2021 08:47 PM IST
विज्ञापन
Arrest warrant issued against circus owner instructed to keep hippopotamus in zoo
दरियाई घोड़ा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
हाईकोर्ट ने एशियाड सर्कस प्रबंधन द्वारा अवैध रूप से अपने पास रखे गए नौ साल के दरियाई घोड़े के मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल (एसपीसीए) को दरियाई घोड़े को अपने कब्जे में लेकर चिड़ियाघर भेजने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने एशियाड सर्कस मालिक रियाजुद्दीन खान के मामले में जवाब दाखिल न करने के रवैये को गंभीरता से लेते हुए उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस को उसे 15 अप्रैल सुनवाई के दौरान पेश करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


अदलात ने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने वर्ष 2017 में ही उसका लाईसेंस रद्द कर दिया था, इसके बावजूद अदालत के कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद उसने अपना पक्ष नहीं रखा। इतना ही नहीं रियाजुद्दीन खान ने संबंधित पक्ष को यह भी जानकारी नहीं दी कि आखिर नर दरियाई घोड़े को कहां रखा गया है। अदालत ने एसपीसीए को आदेश तामिल कर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए तत्काल दरियाई घोड़े को सर्कस या अन्य किसी व्यक्ति से अपने कब्जे में ले। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि आदेश के पालन के दौरान एसपीसीए के अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान करे।
विज्ञापन


इतना ही नहीं अदालत ने उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री को खान के वकील को डिफ़ॉल्ट नोटिस देने का निर्देश भी दिया, क्योंकि कोई भी मामले में उसका (सर्कस के मालिक) प्रतिनिधित्व करने के लिए सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं था। अदालत ने कहा कि दरियाई घोड़ को कब्जे लेकर उसे तुरंत अस्थायी रूप से दिल्ली के चिड़ियाघर भेजा जाएगा, यदि दरियाई घोड़ा दिल्ली से बाहर मिले तो उसे स्थानीय चिड़ियाघर में रखा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने मामले की सुनवाई 15 अप्रैल तय की है। अदालत पशु अधिकार संगठन, पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) द्वारा 2018 में दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में नर दरियाई घोड़े को कब्जे में लेने का अनुरोध किया गया था। याचिक में कहा गया कि 2015 में पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान से एशियाड सर्कस कंपनी ने दरियाई घोड़े को लिया था और उसे अवैध रूप से प्रस्तुति देने के लिए प्रशिक्षित किया और उसके साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed