फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Another petition to challenge the GNCTD amendment Act

उपराज्यपाल के अधिकार बढ़ाने संबंधी संशोधन को एक और याचिका के जरिये चुनौती

Sun, 23 May 2021 12:34 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 23 May 2021 12:34 AM IST
विज्ञापन
Another petition to challenge the GNCTD amendment Act
नई दिल्ली। राजधानी में उपराज्यपाल को असीमित अधिकार प्रदान करने संबंधी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2021 को हाईकोर्ट में एक और जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी गई है। याचिका में 27 अप्रैल, 2021 को अधिसूचित उक्त संशोधन को असंवैधानिक और अनुच्छेद 14 और 21 के सिद्धांतों का उल्लंघन करने वाला घोषित करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
विज्ञापन

याचिकाकर्ता नीरज शर्मा ने अधिवक्ता मेघन, नकुल बैसोया और मोहम्मद सुजा फैसल के माध्यम से दायर याचिका में कहा कि यह संशोधन उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा था कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार अपने अधिकार क्षेत्र में सभी निर्णय ले सकती है और एलजी की सहमति प्राप्त किए बिना उन पर अमल कर सकती है।
विज्ञापन

याचिकाकर्ता ने कहा फैसले में यह भी स्पष्ट किया गया है कि एलजी और सरकार के बीच किसी मामले पर मतभेद के मामले में दोनों को इसे सुलझाने के लिए सभी प्रयास करने चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता तो इस मामले को किसी फैसले के लिए राष्ट्रपति के पास भेजना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष 24 मई को सुनवाई होगी। इसी मुद्दे को लेकर खंडपीठ ने पहले ही केंद्र व उपराज्यपाल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में अधिकारों के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने अनुच्छेद 239 की व्याख्या करते हुए कहा कि अनुच्छेद 239 का खंड (4) उन मामलों के संबंध में दिल्ली सरकार को स्पष्ट रूप से शक्तियां देता है जिनके लिए विधान सभा को कानून बनाने का अधिकार है। ऐसे में संशोधन अधिनियम इस फैसले का उल्लंघन करता है।

याची ने कहा कोई भी कार्यकारी कार्रवाई करने से पहले उपराज्यपाल की अनिवार्य पूर्व राय मांगने वाला संशोधन अधिनियम संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। लोकतंत्र संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है और इसे किसी भी कीमत पर संशोधित नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed