{"_id":"60a05fb38ebc3e099743ef44","slug":"amitabh-bachchan-case-of-giving-two-crores-lands-in-controversy","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिख सियासत : अमिताभ बच्चन के दो करोड़ देने के मामले ने तूल पकड़ा, आरोप-प्रत्यारोप तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिख सियासत : अमिताभ बच्चन के दो करोड़ देने के मामले ने तूल पकड़ा, आरोप-प्रत्यारोप तेज
Sun, 16 May 2021 05:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 16 May 2021 05:26 AM IST
सार
- बादल गुट बैक फुट पर तो जागो व सरना गुट लगातार प्रबंधक कमेटी पर हमलावर
- रकाबगंज गुरुद्वारे को कोविड केयर सेंटर के लिए दी थी आर्थिक मदद
विज्ञापन
अमिताभ बच्चन
- फोटो : Instagram
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रकाबगंज गुरुद्वारे में अमिताभ बच्चन के सहयोग से कोविड केयर सेंटर शुरू करने का मामला तूल पकड़ते जा रहा है। इस मामले को लेकर जहां शिरोमणी अकाली दल दिल्ली (बादल गुट) बैक फुट पर आ गई है। इस पूरे मामले पर सरना गुट व जागों पार्टी ने बादल गुट को लगातार कटघरे में खड़ा करने के साथ ही अकाल तख्त साहिब में भी शिकायत की है।
विज्ञापन
दिल्ली में एक तरफ कोविड के खिलाफ जंग है तो दूसरी तरफ सियासत भी कम नहीं हो रही। सिख संगठन लगातार एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप मढ़ रहे है। आग में घी का काम किया है कि महानायक अमिताभ बच्चन के दो करोड़ रुपया गुरुद्वारा रकाब गंज में शुरू हुए कोविड केयर सेंटर के लिए देना। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव हरमीत सिंह कालका द्वारा 1984 सिख दंगा मामले में फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन के खिलाफ सबूत मांगने पर जागो पार्टी ने हैरानी जताई है।
विज्ञापन
साथ ही शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को अपनी पार्टी का इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। जागो के प्रधान महासचिव व मुख्य प्रवक्ता परमिंदर पाल सिंह ने कहा है कि कालका ने वही कहा है जो 1984 से कांग्रेसी नेता जगदीश टाइटलर, सज्जन कुमार, कमलनाथ बोलते थे। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान शर्मनाक है। प्रबंधक कमेटी ने 1984 के बाद से 2020 तक अमिताभ बच्चन से कोई दान या सेवा स्वीकार क्यों नहीं की थी? बंगला साहिब डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए 10 करोड़ रुपया लेना भी लालच को दर्शाता है।
विज्ञापन
उधर, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी लीगल सेल के चेयरमैन जगदीप सिंह काहलों, सदस्य सरवजीत सिंह विरक, गुरमीत सिंह भाटिया व मनजीत सिंह औलख ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके व परमजीत सिंह सरना पर घटिया राजनीति करने का आरोप मढ़ा। कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व राजीव गांधी से नजदीकी रखने वाले जीके व कांग्रेस पार्टी का दामन थामने वाले सरना आज अमिताभ बच्चन के मामले पर शिक्षा दे रहे हैं। उन्होंने पूछा कि पिछले 37 वर्षों के दौरान अमिताभ बच्चन के खिलाफ क्यों नहीं की? सिख मर्यादा को ताक पर रखकर गलत बयानबाजी की जा रही है।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य व सरना गुट के गुरमीत सिंह शंटी ने अकाल तख्त से मांग की है कि प्रबंधक कमेटी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा और जनरल सेक्रेटरी हरमीत सिंह कालका को पंथ से निष्कासित करें। दंगा को उत्साहित करने वाला पहला भाषण अमिताभ बच्चन ने ही दिया था। ऐसे में सिख कौम को दान स्वीकार नहीं है। पुरी दुनिया जानती है कि अमिताभ बच्चन ने इंदिरा गांधी की मौत के बाद आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (नई दिल्ली) के बाहर मौजूद भीड़ को भड़काने वाला भाषण अमिताभ बच्चन ने दिया था। सोशल मीडिया पर मनजिंदर सिंह सिरसा द्वारा तारीफ करना साजिस है।
अकाल तख्त को लिखें गए पत्र में शंटी ने कहा है कि उम्मीद करता हूं कि पत्र को मेरे पहले पत्रों की तरह रद्दी की टोकरी में नहीं फेंका जाएगा। कमेटी के प्रबंधकों के खिलाफ तुरंत करवाई की जानी चाहिए। प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सिरसा ने कहा है कि कोविड के समय कौम की सेवा करना मुख्य उद्देश्य है। राजनीतिक करना कमेटी का उद्देश्य नहीं है। कोरोना संक्रमण खत्म होने के बाद संगत जो कहेगी वहीं करेंगे।