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Ambedkar University : दाखिले को लेकर आज जारी होगा फॉर्मूला, प्रवेश प्रक्रिया आरंभ

Mon, 19 Sep 2022 06:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 19 Sep 2022 06:11 AM IST
सार

Ambedkar University : दिल्ली सरकार का अंबेडकर विश्वविद्यालय नए शैक्षणिक सत्र के लिए आज दाखिले का फॉर्मूला जारी करेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) के दिशा-निर्देश के तहत कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट(सीयूईटी) में प्राप्त अंकों की फॉर्मूला के हिसाब से गणना करने के बाद दाखिला प्रक्रिया चलेगी।

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Ambedkar University: Formula for admission will be released today
demo pic... - फोटो : amar ujala

विस्तार

दिल्ली सरकार का अंबेडकर विश्वविद्यालय नए शैक्षणिक सत्र के लिए आज दाखिले का फॉर्मूला जारी करेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) के दिशा-निर्देश के तहत कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट(सीयूईटी) में प्राप्त अंकों की फॉर्मूला के हिसाब से गणना करने के बाद दाखिला प्रक्रिया चलेगी। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने दाखिला प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 12 अक्तूबर तक आवेदन कर सकते हैं। 

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विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. नितिन मलिक ने बताया कि यूजीसी ने सीयूईटी में प्राप्त अंकों के सामान्यीकरण के आधार पर दाखिला देने के लिए दिशा-निर्देश दिए जारी किए हैं।
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इसके आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन अंकों का सामान्यीकरण कर दाखिला का आधार बनाएगा। इसके लिए प्रशासन ने एक फॉर्मूला भी तैयार किया है, जिसे सोमवार को जारी किया जाएगा। फॉर्मूले के तहत बेस्ट विषयों को शामिल करने के साथ देखा जाएगा कि छात्र किस पाठ्यक्रम में दाखिले का इच्छुक है। इस आधार पर बेस्ट विषयों को शामिल कर अंक निकाले जाएंगे। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय की यूजी में 1123 व पीजी में 1399 सीटें हैं। 
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दिल्ली के 85 फीसदी छात्रों को मिलेंगी सीटें
राज्य सरकार का विश्वविद्यालय होने के कारण यहां 85 फीसदी सीटें दिल्ली के छात्रों के लिए आरक्षित की गई हैं। वहीं, 15 फीसदी सीटों पर बाहरी छात्रों को दाखिला दिया जाएगा।
इसमें दिल्ली ओबीसी के  लिए 27 फीसदी, दिल्ली एससी के लिए 15 फीसदी व दिल्ली एसटी के लिए 7.5 फीसदी सीटें आरक्षित हैं।

चार नए पाठ्यक्रमों में बना सकते हैं करियर 
अंबेडकर विश्वविद्यालय ने नए शैक्षणिक सत्र में चार नए पाठ्यक्रम लांच किए हैं। इसके तहत यूजी में दो व पीजी में दो पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। यूजी में अधिक मांग में रहने वाला कोर्स बीए ऑनर्स पॉलीटिकल साइंस को शामिल किया गया है। साथ ही बीबीए-आईईवी कोर्स भी शामिल है। इसके अलावा पीजी में एमए इन क्रिमिनोलॉजी और एमए इन कंपैरिटिव लिट्रेचर कोर्स शामिल है। 

बीए ऑनर्स पॉलीटिकल साइंस
इस कोर्स में छात्रों को तीन सालों के भीतर भारतीय राजनीति के विभिन्न पहलूओं को पढ़ाया जाएगा। साथ ही लोक प्रशासन, तुलनात्मक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भी
कवर किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय पाठ्यक्रम में कभी भी बाहर निकले के विकल्प मौजूद रहेगा। कोर्स की समाप्ति के बाद छात्र कानून, मीडिया, लोक नीति व राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ जुड़कर काम करने के योग्य होंगे। 

बीबीए-आईईवी कोर्स 
बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन-इनोवेशन, अंत्रप्रन्योरिशिप एंड वेंचर डेवलपमेंट कोर्स में छात्रों को अपने उद्यम को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके तहत मेंटर छात्रों को कोर्स के दौरान व्यापार के मूलभूत, प्रबंधन, जरूरी कौशल व उद्यमिता के गुर सिखाएंगे। कोर्स के लिए छात्रों को 12वीं में कम से कम 50 फीसदी अंक होने चाहिए। साथ ही छात्र बिजनेस
ब्लास्टर की 126 टीमों का हिस्सा होना चाहिए। ऐसे छात्रों के लिए एक इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा। दाखिले के लिए मेरिट सूची बनाने के लिए 50 फीसदी अंक साक्षात्कार व 50 फीसदी अंक बिजनेस ब्लास्टर के लिए मिलेंगे। इस सत्र में 30 सीटों का आवंटन किया जाएगा। 

मास्टर ऑफ आर्ट्स इन क्रिमिनोलॉजी
दिल्ली सरकार के विश्वविद्यालय में यह अपने आप में एक नया कोर्स है। इसमें अपराध और सामाज के बीच संबंध को समझने में मदद मिलेगी। कोर्स के लिए अंबेडकर विश्वविद्यालय ने राजीव गांधी राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय से हाथ मिलाया है। दो साल के इस कोर्स में छात्रों को अपराध व न्यायिक अपराध को पढ़ने के साथ विभिन्न न्यायिक अपराध संस्थाओं से सीखने का मौका मिलेगा। कोर्स करने के बाद छात्रों के पास पुलिस एजेंसियों, अभियोग पक्ष, न्यायालय व सुधार एजेंसियों के साथ करने का अवसर रहेगा। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, बैंक व लोक नीति संस्था के साथ जुड़कर या विशेषज्ञ के रूप में काम कर सकते हैं।

मास्टर ऑफ आर्ट्स इन कंपेरिटिव लिट्रेचर
इस कार्स के माध्यम से छात्र साहित्य, भाषा, संस्कृति, अनुवाद और सांस्कृतिक मध्यस्थता के बीच अंतर समझ सकेंगे। साथ ही छात्रों को इतिहास के बार में भी जानने का मौका

मिलेगा। कोर्स में संगीत, नृत्य, थियेटर,  सिनेमा, साहित्य व विजुअल आर्ट्स को भी शामिल किया गया है। कोर्स करने के बाद छात्र विश्व साहित्य व सांस्कृतिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर सकते हैं।

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