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दिल्ली: सेना-रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर धोखाधड़ी मामले में एयरफोर्स अधिकारी को मिली जमानत

Mon, 01 Nov 2021 07:00 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Mon, 01 Nov 2021 07:00 PM IST
सार

शिकायत के अनुसार उन्हें पता चला कि आरोपी थान सिंह व उनका अधिकारी चक्रवीर मिलकर लोगों को एयरफोर्स पुलिस व रेलवे में नौकरी दिलवाने का रैकेट चला रहे हैं। जांच के बाद एयरफोर्स ने चक्रवीर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरु कर दी।

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Airforce officer gets bail in fraud case in name of getting jobs in Army-Railways
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

हाईकोर्ट ने एयरफोर्स व इंडियन रेलवे में फर्जी नियुक्ति पत्रों के जरिए लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एयर फोर्स के अधिकारी चक्रवीर चौधरी की जमानत स्वीकार कर ली। उन पर एक अन्य से मिलकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।

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न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी 8 जनवरी 21 से न्यायिक हिरासत में है और उसका मोबाइल फोन व अन्य दस्तावेज जांच एजेंसी के पास है ऐसे में उसे जेल में रखने का औचित्य नहीं है। अदालत ने कहा ट्रायल लंबा चलने के आधार पर वे आरोपी की जमानत 50 हजार रुपये के निजी मुचलके व एक अन्य जमानत राशि पर स्वीकार करते हैं। अदालत ने आरोपी को साक्ष्यों से छेड़छाड न करने व गवाहों से संपर्क न करने का निर्देश दिया है।
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पुलिस ने यह मामला एयरफोर्स पुलिस की शिकायत पर दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार उन्हें पता चला कि आरोपी थान सिंह व उनका अधिकारी चक्रवीर मिलकर लोगों को एयरफोर्स पुलिस व रेलवे में नौकरी दिलवाने का रैकेट चला रहे हैं। जांच के बाद एयरफोर्स ने चक्रवीर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरु कर दी।
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पुलिस ने विस्तृत जांच के बाद 18 पीड़ितों के बयान दर्ज कर पाया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों से उन्हें नौकरी के लिए नियुक्तिपत्र जारी कर दिए और उनसे करीब 2 करोड़ 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को फर्जी मामले में फंसाया गया है और जांच निष्पक्ष नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला 20 अगस्त 2015 को दर्ज किया और 22 नवंबर 19 को थान सिंह को गिरफ्तार किया। 


आरोप पत्र दायर होने के बाद ट्रायल कोर्ट ने थान सिंह को 24 अप्रैल 21 को जमानत प्रदान कर दी। वहीं उनके मुवक्किल को जनवरी 21 में गिरफ्तार किया और वह 8 जनवरी से न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे में जमानत प्रदान की जाए। वहीं अभियोजन पक्ष ने मामले को गंभीर बताते हुए जमानत स्वीकार न करने का आग्रह किया।

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