{"_id":"65a334b59316072a780653e3","slug":"air-of-kashi-has-improved-the-most-delhi-also-improved-2024-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi : काशी की हवा में सबसे ज्यादा सुधार...तभी बना नंबर वन, दिल्ली भी हुई बेहतर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi : काशी की हवा में सबसे ज्यादा सुधार...तभी बना नंबर वन, दिल्ली भी हुई बेहतर
Sun, 14 Jan 2024 06:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 14 Jan 2024 06:41 AM IST
सार
दिल्ली में भी सुधार देखा गया है। वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए 10 जनवरी 2019 को केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के पांच वर्ष पूरे हो गए हैं। इस कार्यक्रम में अतिसूक्ष्म हानिकारक पार्टिकुलेट मैटर पीएम2.5 और पीएम10 को 2023 तक 20 से 30 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य रखा गया था।
विज्ञापन
demo pic...
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वायु गुणवत्ता सुधारने के मामले में देश के 131 शहरों में वाराणसी नंबर एक स्थान पर रहा है। वहीं, दिल्ली में भी सुधार देखा गया है। वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए 10 जनवरी 2019 को केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के पांच वर्ष पूरे हो गए हैं। इस कार्यक्रम में अतिसूक्ष्म हानिकारक पार्टिकुलेट मैटर पीएम2.5 और पीएम10 को 2023 तक 20 से 30 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य रखा गया था।
विज्ञापन
इस कार्यक्रम पर अब तक 9,631.23 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जा चुकी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस कार्यक्रम के तहत कवर शहरों में वायु गुणवत्ता मॉनिटर लगाए हैं, जिनके डाटा के आधार पर पर्यावरण के क्षेत्र में काम कर रहे संगठन क्लाइमेट ट्रेंड्स और रिस्पायरर साइंस ने पांच वर्षो की यात्रा में एनसीएपी की गहन विश्लेषण रिपोर्ट में यह तथ्य प्रस्तुत किए हैं।
विज्ञापन
20 सबसे प्रदूषित शहरों में 15 में पीएम 2.5 के स्तर में सुधार
2023 में देश के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में 15 में पीएम2.5 के स्तर में सुधार आया है। नवी मुंबई और उज्जैन में पीएम कणों का प्रदूषण बढ़ा है। नवी मुंबई और उज्जैन में पीएम 2.5 में 46-46 और मुंबई में 39 फीसदी की वृद्धि एनसीएपी में दर्ज की गई है।
विज्ञापन
इन शहरों में ज्यादा असर
रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी के साथ ही आगरा, जोधपुर, कानपुर, मेरठ और लखनऊ में भी पीएम कणों में कमी आई है। आगरा में 53, जोधपुर व कानपुर में 50-50, मेरठ में 42 और लखनऊ में 41 फीसदी की कमी पीएम कणों में पाई गई है। ओडिशा के तलचेर में 39 और कलबुर्गी में 32 फीसदी की कमी रही है। पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी ने पीएम2.5 कणों से होने वाले प्रदूषण में 72 फीसदी तक की उल्लेखनीय कमी कर ली है। यह केंद्र सरकार के 2026 के लिए तय किए गए लक्ष्य से भी अधिक है। वहीं, पीएम10 कणों में भी 69 फीसदी की सराहनीय कमी की है।
पीएम 2.5 में यह बदलाव
दिल्ली में 2023 में उच्चतम पीएम2.5 स्तर (102 यूजी/एम3) दर्ज किया था जो 2022 की तुलना में 2.5 फीसदी कम है। वहीं, पटना में पीएम10 का स्तर 212.1 यूजी/एम3 रहा। यह 2022 की तुलना में 10.7 फीसदी अधिक है।असम के सिलचर ने 2023 में सबसे कम पीएम2.5 स्तर (9.6यूजी/एम3) दर्ज किया।
पीएम10 के मामले में 14 शहरों में सुधार
पीएम10 के मामले में भी 14 शहरों में सुधार आया है, लेकिन दिल्ली अब भी लक्ष्य से पीछे है। वायु प्रदूषण कम करने का लक्ष्य अब 2026 के लिए 40 फीसदी कर दिया गया है। रिपोर्ट कहती है कि वायु गुणवत्ता में सुधार हो रहा है, लेकिन अभी चुनौतियां जटिल हैं।