फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   AIIMS hopes WHO can declare India trachoma free soon

Delhi : एम्स को उम्मीद- डब्ल्यूएचओ जल्द घोषित कर सकता है भारत को ट्रेकोमा मुक्त

Sat, 11 Mar 2023 04:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 11 Mar 2023 04:02 AM IST
सार

ट्रेकोमा जीवाणु संक्रमण से होने वाली आंखों की बीमारी है, जो संक्रमितों की आंखों, पलकों और नाक या गले के स्राव के संपर्क में आने से फैलती है। 
 

विज्ञापन
AIIMS hopes WHO can declare India trachoma free soon
विश्व स्वास्थ्य संगठन - फोटो : social media

विस्तार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) जल्द ही भारत को ट्रेकोमा मुक्त घोषित कर सकता है। ट्रेकोमा जीवाणु संक्रमण से होने वाली आंखों की बीमारी है, जो संक्रमितों की आंखों, पलकों और नाक या गले के स्राव के संपर्क में आने से फैलती है। 

विज्ञापन


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली का डॉ. राजेंद्र प्रसाद सेंटर इसकी रोकथाम के लिए प्रयास कर रहा है। सेंटर प्रमुख प्रोफेसर जीवन एस टिटियाल ने कहा कि एम्स नोडल सेंटर के रूप में काम कर रहे हैं। देश को ट्रेकोमा मुक्त घोषित करने के लिए डब्ल्यूएचओ ने जो मानक तय किए हैं, भारत उसे पूरा कर रहा है। उम्मीद है कि डब्ल्यूएचओ जल्द भारत को ट्रेकोमा मुक्त घोषित करेगा। उन्होंने कहा कि यह संक्रमण रोग है जो रुमाल जैसी संक्रमित वस्तुओं को छूने से फैल सकता है।
विज्ञापन


केंद्रीय नेत्र जांच प्रयोगशाला का उद्धाटन
शुक्रवार को डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र के 56वां वार्षिक स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, एम्स निदेशक डॉ श्रीनिवास एम ने सेंटर में नई केंद्रीय नेत्र जांच प्रयोगशाला (सीओआईएल) का उद्घाटन किया। इस लैब से मरीजों को अत्याधुनिक जांच की सुविधा मिलेगी। इस मौके पर प्रो. टिटियाल ने कहा कि 2021 में सेंटर की ओपीडी में 333381 मरीज ने उपचार करवाया जो पिछले साल के 239601 मरीजों से 39.2 प्रतिशत ज्यादा हैं। इनमें से 42149 मरीजों ने नेत्र शल्य चिकित्सा सुविधा ली जो पिछले साल 32885 के मुकाबले 28.2 प्रतिशत ज्यादा है। इस साल 1234 कॉर्नियल प्रत्यारोपण हुआ जो पिछले साल 670 से 84.2 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद ओपीडी में सेवाएं सामान्य हो रही हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दावा : 2050 में हर दूसरा बच्चा होगा मायोपिया का शिकार 
एम्स का दावा है कि 2050 तक देश में हर दूसरा बच्चा मायोपिया का शिकार होगा। कोरोना के बाद स्क्रीन का समय बढ़ा है। एक अध्ययन के मुताबिक शहरी आबादी में 5 से 7 फीसदी बच्चों में निकट दृष्टि रोग मिलता था। यह ग्रामीण क्षेत्र में भी बढ़ रहा है।


शुरू हुईं सुविधाएं
प्रो. टिटियाल ने कहा कि ओपीडीएस में भीड़ को कम किया। इसके अलावा 75 साल से अधिक व नेत्रहीन रोगियों के लिए अलग लाइनें की सुविधा शुरू की गई है। साथ ही इन्हें एक सेवादार की सुविधा मिलेगी। साथ ही सर्जरी के लिए पांच नए ओटीएस जोड़े गए। इससे विभिन्न सर्जरी के लिए इंतजार कर रहे मरीजों का बैकलॉग कम हो गया। वहीं इस साल करीब छह हजार मरीजों को एम्स में विभिन्न योजनाओं से मुफ्त सुविधा मिली। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed