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राहत: कोरोना से खाली हुआ एम्स का ट्रामा सेंटर, अब नहीं कोई मरीज, बिस्तर भी कर दिए कम
Sun, 13 Mar 2022 10:06 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 13 Mar 2022 10:06 AM IST
सार
ट्रामा सेंटर के प्रमुख डॉ. राजेश मल्होत्रा ने बताया कि बीते माह एम्स के मुख्य परिसर से ट्रामा सेवाओं को स्थानांतरित किया गया था। हालांकि अभी तक ट्रामा की आपातकालीन सेवाएं मुख्य परिसर से ही संचालित हो रही थी लेकिन शनिवार से यह व्यवस्था पहले की तरह ट्रामा सेंटर में शुरू कर दी गई है।
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एम्स दिल्ली
- फोटो : फाइल
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विस्तार
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का ट्रामा सेंटर शनिवार देर शाम से गैर कोविड रोगियों के लिए शुरू हुआ। यहां कोरोना संक्रमण का अब एक भी केस नहीं है। आखिरी मरीज को भी स्वस्थ घोषित करने के बाद एम्स ने कोविड वार्ड को खाली घोषित किया।
करीब तीन महीने बाद एम्स के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। मरीज न होने की वजह से अस्पताल की सेवाओं को अब गैर कोविड रोगियों के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। ट्रामा सेंटर के प्रमुख डॉ. राजेश मल्होत्रा ने बताया कि बीते माह एम्स के मुख्य परिसर से ट्रामा सेवाओं को स्थानांतरित किया गया था।
हालांकि अभी तक ट्रामा की आपातकालीन सेवाएं मुख्य परिसर से ही संचालित हो रही थी लेकिन शनिवार से यह व्यवस्था पहले की तरह ट्रामा सेंटर में शुरू कर दी गई है। साल 2020 के बाद पहली बार दिल्ली एम्स का ट्रामा सेंटर गैर कोविड रोगियों के लिए पूरी तरह से संचालित किया जा रहा है जिसका सबसे बड़ा फायदा सड़क दुर्घटना या अन्य किसी घटना में घायलों को समय पर उपचार मिल पाएगा।
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दो दिन बाद कोरोना से एक मरीज की हुई मौत
दो दिन बाद दिल्ली में कोरोना संक्रमण से एक मरीज की मौत हुई है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राजधानी के कुछ अस्पतालों में अभी भी संक्रमित रोगी उपचाराधीन हैं जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। ऐसे ही एक मरीज की तबियत बिगड़ने की वजह से लोकनायक अस्पताल में मौत दर्ज की गई है। इससे पहले बुधवार को राजधानी में दो मरीजों की मौत हुई थी।
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करीब तीन महीने बाद एम्स के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। मरीज न होने की वजह से अस्पताल की सेवाओं को अब गैर कोविड रोगियों के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। ट्रामा सेंटर के प्रमुख डॉ. राजेश मल्होत्रा ने बताया कि बीते माह एम्स के मुख्य परिसर से ट्रामा सेवाओं को स्थानांतरित किया गया था।
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हालांकि अभी तक ट्रामा की आपातकालीन सेवाएं मुख्य परिसर से ही संचालित हो रही थी लेकिन शनिवार से यह व्यवस्था पहले की तरह ट्रामा सेंटर में शुरू कर दी गई है। साल 2020 के बाद पहली बार दिल्ली एम्स का ट्रामा सेंटर गैर कोविड रोगियों के लिए पूरी तरह से संचालित किया जा रहा है जिसका सबसे बड़ा फायदा सड़क दुर्घटना या अन्य किसी घटना में घायलों को समय पर उपचार मिल पाएगा।
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दो दिन बाद कोरोना से एक मरीज की हुई मौत
दो दिन बाद दिल्ली में कोरोना संक्रमण से एक मरीज की मौत हुई है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राजधानी के कुछ अस्पतालों में अभी भी संक्रमित रोगी उपचाराधीन हैं जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। ऐसे ही एक मरीज की तबियत बिगड़ने की वजह से लोकनायक अस्पताल में मौत दर्ज की गई है। इससे पहले बुधवार को राजधानी में दो मरीजों की मौत हुई थी।
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पिछले एक दिन में 161 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। जबकि 228 मरीजों को छुट्टी मिली है। इस दौरान एक मरीज की मौत हुई है। बीते एक दिन में 36731 नमूनों की जांच में 0.44 फीसदी कोरोना संक्रमित मिले हैं।
इसी के साथ ही कुल संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़कर 18,62,802 हुई है जिनमें 18,35,869 लोग ठीक हुए लेकिन 26141 लोगों की मौत हुई है। दिल्ली में अभी भी 792 मरीज सक्रिय हैं जिनमें 586 रोगियों का उनके घरों में उपचार चल रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार दिल्ली के अस्पतालों में 95 मरीज भर्ती हैं जिनमें 50 मरीजों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। हालांकि तीन मरीजों की हालत गंभीर होने की वजह से उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। वहीं 22 मरीजों का इलाज आईसीयू में चल रहा है।
अधिकारियों के अनुसार राजधानी में अभी भी 17 मरीजों को लगातार ऑक्सीजन देनी पड़ रही है। इन मरीजों में संक्रमण का असर मोडरेट स्थिति में देखने को मिल रहा है। इनके अलावा कंटेनमेंट जोन 3516 हैं।
इसी के साथ ही कुल संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़कर 18,62,802 हुई है जिनमें 18,35,869 लोग ठीक हुए लेकिन 26141 लोगों की मौत हुई है। दिल्ली में अभी भी 792 मरीज सक्रिय हैं जिनमें 586 रोगियों का उनके घरों में उपचार चल रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार दिल्ली के अस्पतालों में 95 मरीज भर्ती हैं जिनमें 50 मरीजों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। हालांकि तीन मरीजों की हालत गंभीर होने की वजह से उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। वहीं 22 मरीजों का इलाज आईसीयू में चल रहा है।
अधिकारियों के अनुसार राजधानी में अभी भी 17 मरीजों को लगातार ऑक्सीजन देनी पड़ रही है। इन मरीजों में संक्रमण का असर मोडरेट स्थिति में देखने को मिल रहा है। इनके अलावा कंटेनमेंट जोन 3516 हैं।