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सब्सिडी के खाद्यान्न की सुलभता सुनिश्चित करना राज्य के हित में : हाईकोर्ट

Thu, 21 Oct 2021 12:45 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 21 Oct 2021 12:45 AM IST
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Access to subsidized food grains in the interest of the state: High Court
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने कहा कि यह सुनिश्चित करना राज्य के हित में है कि नागरिकों को सब्सिडी वाला खाद्यान्न आसानी से मिले। अदालत ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह उन इलाकों में उचित मूल्य की दुकानें खोलने की आवश्यकता की जांच करे जहां से निकटतम दुकान ढाई किमी दूर है। अदालत ने अगली सुनवाई आठ दिसंबर तय की है।
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न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने क्षेत्र में उचित मूल्य की दुकान (एफपीएस) खोलने के संबंध में राजीव रतन आवास योजना फेज-2, बापोला के निवासियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। अदालत ने कहा यह उचित है कि एक एफपीएस या तो इलाके में ही खोली जाए या नजदीकी क्षेत्र में ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति की अच्छी सेवा की जा सके।
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दिल्ली सरकार ने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि चूंकि इस क्षेत्र में केवल 320 राशन कार्ड धारक हैं। इसलिए एफपीएस लाइसेंसधारक के लिए वहां दुकान चलाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा 2 रुपये प्रति किलोग्राम अनाज की छोटी राशि यानि मार्जिन-मनी की काफी कम है क्योंकि प्रत्येक एफपीएस लगभग एक हजार राशन कार्ड धारकों को आपूर्ति करता है।
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अदालत ने कहा कि एफपीएस आउटलेट के आवंटन के लिए दिल्ली सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत, कुछ विशेष परिस्थितियों में जैसे कि समाज के गरीब वर्गों में बसे क्षेत्रों के लिए, एक एफपीएस कम ग्राहकों के लिए भी खोला जा सकता है।
अदालत ने 12 अक्तूबर को दिए निर्देश में कहा विशेष तथ्यों और परिस्थितियों में यह उचित है कि दिल्ली सरकार उपरोक्त स्थान पर या नजदीकी क्षेत्र में एक एफपीएस खोलें। अदालत ने अपने आदेश में कहा यह सुनिश्चित करना राज्य के हित में है कि नागरिकों को रियायती मूल्यों पर खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए चार्ट न लगाना पड़े।
अदालत ने कहा सरकार इस मामले की नए सिरे से जांच करें क्योंकि इस मुद्दे पर 30 नवंबर तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी हुई है। इलाके के लोगों ने साल की शुरुआत में याचिका दायर की थी। आरोप लगाया गया था कि उन्हें उनकी आवासीय कॉलोनी के आसपास एफपीएस उपलब्ध कराई जानी थी, लेकिन दो साल बाद भी इस दिशा में कुछ नहीं हुआ।

याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि कॉलोनी में रहने वाले 800 से अधिक परिवार एफपीएस की मांग कर रहे हैं। ये लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हैं। उन्हें लगभग 2.5 किमी दूर स्थित एफपीएस से राशन लाने जाना पड़ता है।
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