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Delhi News: दिल्ली में रिकॉर्ड 374 कांवड़ शिविरों को मिली मंजूरी
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दिल्ली में रिकॉर्ड 374 कांवड़ शिविरों को मिली मंजूरी
-सिंगल विंडो सिस्टम से 48 से 72 घंटे में मिली अनुमति, मुख्यमंत्री ने लिया तैयारियों का जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में इस बार रिकॉर्ड 374 कांवड़ शिविरों की मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को दिल्ली सचिवालय में मंत्री आशीष सूद, कपिल मिश्रा और अधिकारियों के साथ कांवड़ शिविरों की तैयारियों का जायजा लिया। इसमें कांवड़ समितियों, पुलिस, एमसीडी, स्वास्थ्य और बिजली विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सीएम ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और सेवा का पर्व है और सरकार इसे भव्य बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, पिछले साल कांवड़ शिविरों संख्या केवल 170 थीं। इस बार 204 शिविर ज्यादा हैं। करीब सभी आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है और सामान्य आवेदनों को भी पंजीकृत किया गया है। सीएम ने बताया कि पहले की सरकारों में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के कारण समितियों को महीनों इंतजार करना पड़ता था। बिलों का भुगतान भी सालों तक लटका रहता था। सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर अनुमति प्रक्रिया को सरल और तेज किया गया है। अब 48 से 72 घंटों में शिविरों को अनुमति मिल रही है।
शिविरों के लिए 1200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी
मुख्यमंत्री ने कहा, भोले के भक्तों के लिए दिल्ली पलक-पांवड़े बिछाकर तैयार है। यह यात्रा आस्था, सेवा और समर्पण का अनूठा संगम होगी। दिल्ली सरकार ने शिविरों के लिए 1200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की व्यवस्था की है। साथ ही, 24 घंटे सफाईकर्मी, मोबाइल टॉयलेट्स और स्वास्थ्य टीमें तैनात की गई हैं, जो नजदीकी अस्पतालों से समन्वय करेंगी। ट्रैफिक और सुरक्षा के लिए पुलिस और एमसीडी ने पहले से इंतजाम कर लिए हैं। दिल्ली की सीमाओं पर भव्य स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं।
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पहली किश्त आयोजन से पहले
सीएम ने कहा कि सरकार ने पारदर्शी अनुदान नीति अपनाई है। कांवड़ समितियों को 50-50 प्रतिशत के आधार पर धनराशि दी जाएगी। पहली किश्त आयोजन से पहले और दूसरी बाद में। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले समितियों को पांच साल तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता था। इस बार एक बटन दबाते ही पहली किश्त जारी होगी।
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-सिंगल विंडो सिस्टम से 48 से 72 घंटे में मिली अनुमति, मुख्यमंत्री ने लिया तैयारियों का जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में इस बार रिकॉर्ड 374 कांवड़ शिविरों की मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को दिल्ली सचिवालय में मंत्री आशीष सूद, कपिल मिश्रा और अधिकारियों के साथ कांवड़ शिविरों की तैयारियों का जायजा लिया। इसमें कांवड़ समितियों, पुलिस, एमसीडी, स्वास्थ्य और बिजली विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सीएम ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और सेवा का पर्व है और सरकार इसे भव्य बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, पिछले साल कांवड़ शिविरों संख्या केवल 170 थीं। इस बार 204 शिविर ज्यादा हैं। करीब सभी आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है और सामान्य आवेदनों को भी पंजीकृत किया गया है। सीएम ने बताया कि पहले की सरकारों में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के कारण समितियों को महीनों इंतजार करना पड़ता था। बिलों का भुगतान भी सालों तक लटका रहता था। सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर अनुमति प्रक्रिया को सरल और तेज किया गया है। अब 48 से 72 घंटों में शिविरों को अनुमति मिल रही है।
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शिविरों के लिए 1200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी
मुख्यमंत्री ने कहा, भोले के भक्तों के लिए दिल्ली पलक-पांवड़े बिछाकर तैयार है। यह यात्रा आस्था, सेवा और समर्पण का अनूठा संगम होगी। दिल्ली सरकार ने शिविरों के लिए 1200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की व्यवस्था की है। साथ ही, 24 घंटे सफाईकर्मी, मोबाइल टॉयलेट्स और स्वास्थ्य टीमें तैनात की गई हैं, जो नजदीकी अस्पतालों से समन्वय करेंगी। ट्रैफिक और सुरक्षा के लिए पुलिस और एमसीडी ने पहले से इंतजाम कर लिए हैं। दिल्ली की सीमाओं पर भव्य स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं।
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पहली किश्त आयोजन से पहले
सीएम ने कहा कि सरकार ने पारदर्शी अनुदान नीति अपनाई है। कांवड़ समितियों को 50-50 प्रतिशत के आधार पर धनराशि दी जाएगी। पहली किश्त आयोजन से पहले और दूसरी बाद में। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले समितियों को पांच साल तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता था। इस बार एक बटन दबाते ही पहली किश्त जारी होगी।