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60 मलयेशियाई तब्लीगी जमातियों को किया रिहा, सात-सात हजार का जुर्माना
Fri, 10 Jul 2020 05:28 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2020 05:28 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
अदालत ने अपराध स्वीकार करने व 7-7 हजार रुपये जुर्माना भरने के बाद 60 मलेशियाई नागरिकों को रिहा कर दिया। इन विदेशी नागरिकों को अदालत ने 7 जुलाई को जमानत प्रदान की थी। इन मलेशियाई नागरिकों पर कोविड-19 महामारी के दौरान निजामुद्दीन मरकज में आयोजित तब्लीगी जमात में शामिल होने, वीजा नियमों और सरकारी आदेश के उल्लंघन करने के आरोप थे।
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साकेत जिला अदालत के महानगर दंडाधिकारी सिद्धार्थ मलिक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विदेशियों की ओर से कम सजा की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने आरोपियों के अपराध स्वीकार किए जाने के बाद उन्हें प्ली बार्गेनिंग (याचिका समझौता प्रक्रिया) के अंतर्गत मुक्त कर दिया।
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कोर्ट में सुनवाई के दौरान विदेशी नागरिकों की ओर से पेश वकील एस हरि ने जिरह की। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किलों की याचिकाओं पर शिकायतकर्ता लाजपत नगर के उप संभागीय मेजिस्ट्रेट, लाजपत नगर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और निजामुद्दीन के निरीक्षक को कोई आपत्ति नहीं है। इस तथ्य पर गौर करते हुए अदालत ने इन आरोपी विदेशी नागरिकों को मुक्त कर दिया।
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इन आरोपियों ने प्ली बार्गेनिंग याचिका दायर कर अपना अपराध स्वीकार करके अदालत से सजा कम करने का अनुरोध किया था। इसके तहत अधिकतम सात साल तक सजा वाले मामलों में ही प्ली बार्गेनिंग की अनुमति दी जाती है। बशर्ते अपराध के कारण पीड़ित की सामाजिक-आर्थिक स्थिति प्रभावित नहीं होती और अपराध महिला अथवा 14 साल से कम उम्र के बच्चे के प्रति न किया गया हो।