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माता-पिता की कैद से छुड़ा, पत्नी को पति से मिलवाया
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तीन साल से घर में कैद महिला को छुड़ाकर पति से मिलवाया
दूसरे धर्म में शादी से नाराज माता-पिता ने कर रखा था बंद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने तीन साल से सोनिया विहार इलाके में माता-पिता के घर में कैद महिला को छुड़ाकर 13 मार्च को पति से मिलवाया है। महिला को कैैद में मारा-पीटा भी जाता था। घरवालों को उसका दूसरे धर्म के लड़के से शादी करना पसंद नहीं था। घरवाले उसकी शादी को अवैध बता रहे थे।
डीसीडब्ल्यू में 25 वर्षीय इंजीनियर ने शिकायत दर्ज कराई कि उसने तीन साल पहले अपने ही मोहल्ले की 24 वर्षीय सुरेखा (बदला नाम) से शादी की थी। लड़की के माता-पिता ने उनकी शादी को वैध नहीं माना। वे दोनों बालिग थे और उनके पास शादी के सभी दस्तावेज थे। माता-पिता ने सुरेखा को घर में कैद कर लिया। फोन पर बात करने पर उसे पत्नी के साथ हो रहे दुर्व्यवहार का पता चला। डीसीडब्ल्यू की टीम पुलिस को लेकर सुरेखा के माता पिता के घर पहुंची। वहां सुरेखा की हालत काफी खराब थी। उसे कभी-कभी पीटा भी जाता था। परिवार ने आयोग की टीम को रोकने का प्रयास किया और वकीलों को बुलाकर शादी को अवैध ठहराने का प्रयास किया। उन्हें केवल लड़के के धर्म से आपत्ति थी। यदि वह धर्म परिवर्तन कर लेता तो उनको कोई परेशानी नहीं थी। काफी समझाने के बाद ही वे माने। लड़की को थाने ले जाया गया। वहां से कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद लड़की को पति के साथ भेज दिया गया। लड़की ने माता-पिता के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्यवाही करने से मना कर दिया। डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि आयोग ने पुलिस को युगल को सुरक्षा देने की अर्जी दी है।
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दूसरे धर्म में शादी से नाराज माता-पिता ने कर रखा था बंद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने तीन साल से सोनिया विहार इलाके में माता-पिता के घर में कैद महिला को छुड़ाकर 13 मार्च को पति से मिलवाया है। महिला को कैैद में मारा-पीटा भी जाता था। घरवालों को उसका दूसरे धर्म के लड़के से शादी करना पसंद नहीं था। घरवाले उसकी शादी को अवैध बता रहे थे।
डीसीडब्ल्यू में 25 वर्षीय इंजीनियर ने शिकायत दर्ज कराई कि उसने तीन साल पहले अपने ही मोहल्ले की 24 वर्षीय सुरेखा (बदला नाम) से शादी की थी। लड़की के माता-पिता ने उनकी शादी को वैध नहीं माना। वे दोनों बालिग थे और उनके पास शादी के सभी दस्तावेज थे। माता-पिता ने सुरेखा को घर में कैद कर लिया। फोन पर बात करने पर उसे पत्नी के साथ हो रहे दुर्व्यवहार का पता चला। डीसीडब्ल्यू की टीम पुलिस को लेकर सुरेखा के माता पिता के घर पहुंची। वहां सुरेखा की हालत काफी खराब थी। उसे कभी-कभी पीटा भी जाता था। परिवार ने आयोग की टीम को रोकने का प्रयास किया और वकीलों को बुलाकर शादी को अवैध ठहराने का प्रयास किया। उन्हें केवल लड़के के धर्म से आपत्ति थी। यदि वह धर्म परिवर्तन कर लेता तो उनको कोई परेशानी नहीं थी। काफी समझाने के बाद ही वे माने। लड़की को थाने ले जाया गया। वहां से कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद लड़की को पति के साथ भेज दिया गया। लड़की ने माता-पिता के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्यवाही करने से मना कर दिया। डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि आयोग ने पुलिस को युगल को सुरक्षा देने की अर्जी दी है।
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