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Hindi News ›   Delhi ›   1984 anti-Sikh riots Delhi court sends case against Jagdish Tytler to district judge

सिख दंगा 1984: जगदीश टायटलर के खिलाफ अब जिला जज करेंगे आगे की सुनवाई, पुल बंगश हत्याकांड से जुड़ा है मामला

Mon, 11 Sep 2023 07:19 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 11 Sep 2023 07:19 PM IST
सार

जगदीश टायटलर के खिलाफ पुल बंगश हत्याकांड से संबंधित एक मामला सोमवार को आगे की कार्यवाही के लिए जिला न्यायाधीश के पास भेज दिया है। उनके ऊपर आईपीसी की धारा 302 का मुकदमा चल रहा है। 

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1984 anti-Sikh riots Delhi court sends case against Jagdish Tytler to district judge
Jagdish Tytler - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान पुल बंगश हत्याकांड से संबंधित एक मामला सोमवार को आगे की कार्यवाही के लिए जिला न्यायाधीश के पास भेज दिया। ममाले में कांग्रेस नेता जगदीश टायटलर आरोपी हैं।

 

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट विधी गुप्ता आनंद ने मामले को जिला न्यायाधीश के पास भेज दिया ताकि मामला सत्र न्यायाधीश को सौंपा जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री टायटलर पर हत्या का आरोप लगाया गया है और ऐेस में मामले की सुनवाई सत्र न्यायालय में ही हो सकती है।

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मजिस्ट्रेट ने कहा कि मामले में जिन दस्तावेजों पर भरोसा किया गया है उनकी प्रतियां पहले ही टायटलर को अविश्वसनीय दस्तावेजों की एक सूची के अलावा प्रदान की जा चुकी हैं। अदालत ने कहा कि आरोपी आवश्यक समझे जाने वाले किसी भी अन्य दस्तावेज की मांग के लिए सत्र अदालत के समक्ष आवश्यक आवेदन दायर करने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई को पारित एक आदेश द्वारा कथित अपराधों का संज्ञान लिया गया और आरोपी को तलब किया था।

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उन्होंने कहा रिकॉर्ड के अवलोकन से पता चलता है कि आरोप पत्र अन्य बातों के अलावा आईपीसी की धारा 302 और 436 के तहत दायर किया गया है। एक सत्र अदालत ने पहले टाइटलर को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर अग्रिम जमानत दे दी थी। इसने उन पर कुछ शर्तें भी लगाई थीं, जिनमें यह भी शामिल था कि वह मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे या बिना अनुमति के देश नहीं छोड़ेंगे। तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या के एक दिन बाद 1 नवंबर, 1984 को यहां पुल बंगश इलाके में तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी और एक गुरुद्वारे में आग लगा दी गई थी।

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