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नहीं कसा शिकंजा तो प्रदूषण में हो सकती है बढ़ोतरी
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नहीं कसा शिकंजा तो प्रदूषण में हो सकती है बढ़ोतरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बढ़ती सर्दी से बचने के लिए जहां लोगों ने खुले में अलाव जलाना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ प्रदूषण नियंत्रण के लिए एमसीडी की ओर से किए जा रहे दावे एक बार फिर नाकाफी साबित होने लगे हैं। रात के वक्त निगम की टीमें कार्रवाई के लिए निकलती जरूर हैं, लेकिन समय पर उन जगहों पर टीम पहुंच ही नहीं पाती हैं। इस वजह से एक बार फिर सड़कों के किनारे लकड़ियां और कूड़ा जलाने की दोबारा शुरुआत हो चुकी है। तीनों निगमों का दावा है कि इन गतिविधियों को रोकने लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन धुंध बढ़ने से अब उन्हें देखना भी आसान नहीं है।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की ओर से प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सर्वाधिक सख्ती की जा रही है, जबकि पूर्वी और उत्तरी निगम का रवैया इस मामले में सुस्त है। मौसम में हो रहे बदलाव के साथ-साथ अगर प्रदूषण पर शिकंजा कसने में थोड़ी भी कोताही बरती गई तो प्रदूषण के स्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बढ़ती सर्दी से बचने के लिए जहां लोगों ने खुले में अलाव जलाना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ प्रदूषण नियंत्रण के लिए एमसीडी की ओर से किए जा रहे दावे एक बार फिर नाकाफी साबित होने लगे हैं। रात के वक्त निगम की टीमें कार्रवाई के लिए निकलती जरूर हैं, लेकिन समय पर उन जगहों पर टीम पहुंच ही नहीं पाती हैं। इस वजह से एक बार फिर सड़कों के किनारे लकड़ियां और कूड़ा जलाने की दोबारा शुरुआत हो चुकी है। तीनों निगमों का दावा है कि इन गतिविधियों को रोकने लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन धुंध बढ़ने से अब उन्हें देखना भी आसान नहीं है।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की ओर से प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सर्वाधिक सख्ती की जा रही है, जबकि पूर्वी और उत्तरी निगम का रवैया इस मामले में सुस्त है। मौसम में हो रहे बदलाव के साथ-साथ अगर प्रदूषण पर शिकंजा कसने में थोड़ी भी कोताही बरती गई तो प्रदूषण के स्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।
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