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दिल्ली में सफाई पर जोर: मलबा डालने के लिए बन रहे 158 पक्के पॉइंट्स, इधर-उधर फेंका तो कटेगा चालान

Sat, 16 Sep 2023 08:09 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 16 Sep 2023 08:09 PM IST
सार

दिल्ली में मलबा डालने के लिए 158 पॉइंट्स तय किए गए हैं। 12 जोनों में इन्हीं स्थानों पर कंकड़, पत्थर, सीमेंट, प्लास्टर का मलबा डालें। एमसीडी के साथ-साथ दिल्ली वासियों और ठेकेदारों को सहूलियत होगी। 

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158 points have been fixed for dumping debris in Delhi
मेयर डॉ शैली ओबरॉय - फोटो : ट्विटर/@AamAadmiParty

विस्तार

पूरी दिल्ली में निर्माण व विध्वंसक मलबा (सी एंड डी वेस्ट) डालने के लिए 158 पॉइंट्स तय किए गए। 12 जोनों में ये पॉइंट्स बनाए जा रहे हैं। करीब 75 फीसदी पॉइंट्स कॉलोनियों के आस पास होंगे। इन पॉइंट्स पर 20-25 फुट ऊंची सीट लगाई जाएंगी, ताकि मलबा डालने के दौरान धूल प्रदूषण न हो। कई पॉइंट्स पर सीटें लगनी शुरू हो गई है। शुरुआती दौर में करीब 50 फीसदी पॉइंट्स पर वाटर स्प्रिंकलर भी लगाए जाएंगे।

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तय किए गए पॉइंट्स पर ही अब सी एंड डी वेस्ट डाला जाएगा। अवहेलना करने पर लंबा चालान कट सकता है। एमसीडी ने पहले भी सी एंड डी वेस्ट डालने के लिए पॉइंट्स बनाए थे। लेकिन अधिकतर सी एंड डी वेस्ट अभी तक गैर अनधिकृत तरीके से खुले मैदानों, पार्कों, गलियों के कोनों में डाला जा रहा, जिससे एमसीडी को मुसीबत हो रही। यहां से ये वेस्ट उठाकर ढलाव घर जाता और फिर वहां से लैंडफिल साइट ले जाता था। अब निगम ने सी एंड डी वेस्ट के लिए पक्के पॉइंट्स बनाए हैं, जहां 24 घंटे मलबा डालने की अनुमति रहेगी। ठेकेदार भी यहां मलबा डाल पाएंगे।

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एमसीडी और निवासियों दोनों को सहूलियत
शहर में तीन तरह का कचरा मिश्रित, ठोस और सी एंड डी वेस्ट ज्यादा निकलता है। अभी सभी तरह का कचरा कूड़े के तीन पहाड़ों पर जा रहा है। लेकिन अब एमसीडी और दिल्ली वासियों दोनों को सहूलियत होगी। लोगों को घर के पास अपना ईंट, पत्थर, टूटे प्लास्टर वाला मलबा डालने की छूट मिलेगी और चालान से भी छुटकारा मिलेगा। एमसीडी को लैंडफिल साइटों को तेजी से कम करने में सहूलियत मिलेगी।

एफसीटीएस मशीनें खराब नहीं होंगी
ढलाव घरों में एफसीटीएस मशीनों के अंदर सी एंड डी वेस्ट जाता है तो मशीनें खराब हो जाती हैं। लेकिन इस युक्ति से सी एंड डी वेस्ट ढलाव घर तक नहीं पहुंचेगा, जिससे मशीनें भी सुरक्षित रहेंगी।

पांच सी एंड डी प्लांट्स पर होगा निस्तारण
एमसीडी के पांच सी एंड डी प्लांट्स बक्करवाला (1000 टन हरदिन), रानीखेड़ा (1500 टन हरदिन), शास्त्री पार्क (1000 टन हरदिन), बुराड़ी (2000 टन हरदिन) और ओखला (1000 टन हरदिन) में चल रहे हैं। हरदिन यहां 5500 टन सी एंड डी वेस्ट का निस्तारण होता है। इस तरह हर महीने डेढ़ लाख टन व सालाना 18 लाख टन सी एंड डी वेस्ट का निस्तारण होता है। इसके निस्तारित मलबे से ब्रिक्स, टाइल्स इत्यादि बनती है।

मलबे को कोने में न फेंकें - मेयर
मेयर डॉ शैली ओबरॉय ने शनिवार को सिविक सेंटर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये जानकारी दी। दिल्ली वासियों, कॉन्ट्रैक्टर्स, ठेकेदारों से अपील करते हुए कहा कि अब मलबे को पार्कों, खुले मैदान, गलियों के कोने में न फेंके। दिल्ली के कोने-कोने को साफ रखने की तैयारी है, इसमें दिल्ली वासियों के अधिक सहयोग की जरूरत है।

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प्रदूषण से मिलेगी राहत - मुकेश गोयल
इस दौरान एमसीडी में नेता सदन मुकेश गोयल ने कहा कि दिल्ली की जनता को प्रदूषण से राहत मिलेगी। लोगों, बिल्डरों, रोड बनाने वाले ठेकेदारों को सुविधा मिलेगी और चालान भी नहीं कटेगा। कूड़े के पहाड़ भी तेजी से खत्म होंगे।

पहले ही 180 स्थान थे चिह्नित -इकबाल सिंह
नेता विपक्ष व पूर्व मेयर राजा इकबाल सिंह ने कहा कि दिल्ली में पहले ही 180 पॉइंट्स सी एंड डी वेस्ट डालने के लिए चिह्नित चिन्हित थे। आप सरकार ने 158 पॉइंट्स चिन्हित किए हैं, यानि 22 स्थान कम कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने पहले भाजपा की निगम में सरकार होने की वजह से दोहरा व्यवहार किया और निगम के फंड रोके। बावजूद इसके पांचों सीएंडडी वेस्ट प्लांट भाजपा शासन में स्थापित किए गए। यहां मलबे से इंटरलाकिंग टाइलें, ईंटें आदि बनाई जाती हैं।

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