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एनजीटी ने पूछा पीवीसी पाइप में लेड की मिलावट रोकी गई या नहीं
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पीवीसी पाइप में लेड की
मिलावट रोकी या नहीं
- एनजीटी ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से पूछा है कि क्या पॉलीविनिल क्लोराइड (पीवीसी) पाइप के निर्माण में खतरनाक लेड के मिश्रण पर चरणबद्ध तरीके से पाबंदी लगाई गई है? पीठ ने इस मामले में मंत्रालय को एक महीने के भीतर स्थिति रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में दाखिल करने का आदेश दिया है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने अजय कुमार सिंह के मामले में यह आदेश दिया है। पीठ ने कहा कि याची ने पीवीसी पाइप में लेड प्रतिबंध संबंधी आदेश को लागू कराने की मांग की है। ऐसे में यह जरूरी है कि मंत्रालय बताए कि उनकी ओर से इस दिशा में अब तक क्या कदम बढ़ाया गया है। पानी आपूर्ति के लिए पीवसी पाइपों का इस्तेमाल किया जाता है। पीवीसी पाइप निर्माण प्रक्रिया में खतरनाक लेड को मिलाया जाता है। इसे देखते हुए एनजीटी ने बीते वर्ष 1 मई को पीवीसी में लेड के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा था कि सभी कंपनियों को पीवीसी पाइप पर खतरनाक लेड की मौजूदगी को लेकर चेतावनी लिखनी होगी। वहीं, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को इस संबंध में गाइडलाइन जारी कर आदेश का पालन करना होगा। सुनवाई के दौरान मंत्रालय की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि बीते वर्ष सभी पीवीसी निर्माताओं को आदेश दिया गया था कि छह महीने के भीतर चरणबद्ध तरीके से लेड के इस्तेमाल को रोकना होगा।
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मिलावट रोकी या नहीं
- एनजीटी ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से पूछा है कि क्या पॉलीविनिल क्लोराइड (पीवीसी) पाइप के निर्माण में खतरनाक लेड के मिश्रण पर चरणबद्ध तरीके से पाबंदी लगाई गई है? पीठ ने इस मामले में मंत्रालय को एक महीने के भीतर स्थिति रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में दाखिल करने का आदेश दिया है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने अजय कुमार सिंह के मामले में यह आदेश दिया है। पीठ ने कहा कि याची ने पीवीसी पाइप में लेड प्रतिबंध संबंधी आदेश को लागू कराने की मांग की है। ऐसे में यह जरूरी है कि मंत्रालय बताए कि उनकी ओर से इस दिशा में अब तक क्या कदम बढ़ाया गया है। पानी आपूर्ति के लिए पीवसी पाइपों का इस्तेमाल किया जाता है। पीवीसी पाइप निर्माण प्रक्रिया में खतरनाक लेड को मिलाया जाता है। इसे देखते हुए एनजीटी ने बीते वर्ष 1 मई को पीवीसी में लेड के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा था कि सभी कंपनियों को पीवीसी पाइप पर खतरनाक लेड की मौजूदगी को लेकर चेतावनी लिखनी होगी। वहीं, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को इस संबंध में गाइडलाइन जारी कर आदेश का पालन करना होगा। सुनवाई के दौरान मंत्रालय की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि बीते वर्ष सभी पीवीसी निर्माताओं को आदेश दिया गया था कि छह महीने के भीतर चरणबद्ध तरीके से लेड के इस्तेमाल को रोकना होगा।
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