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जहांगीरपुरी हिंसा : अंसार समेत 10 लोगों ने रची थी हिंसा की साजिश, पुलिस गिरफ्त में आए मो. फरीद ने किया खुलासा
Fri, 29 Apr 2022 04:52 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 29 Apr 2022 04:52 AM IST
सार
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि नीतू ने पूछताछ में खुलासा किया है कि जहांगीरपुरी हिंसा की साजिश काफी पहले रच ली गई थी। सही समय का इंतजार किया जा रहा था और शोभायात्रा वाले दिन उन्हें मौका मिल गया।
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Jahangirpuri Violence
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पुलिस गिरफ्त में आए मोहम्मद फरीद उर्फ नीतू ने जहांगीरपुरी हिंसा को भड़काने में बड़ी व सक्रिय भूमिका निभाई थी। साजिश के तहत उसने वहां मौजूद एक समुदाय के लोगों से कहा था कि शोभायात्रा में शामिल लोग धार्मिक स्थल पर झंडा लहराने के लिए उसमें घुस रहे हैं।
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हालांकि, पुलिस जांच में इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है। मुख्य आरोपी अंसार के साथ फरीद के उकसावे में लोग आ गए और पथराव शुरू हो गया, जिसके बाद हिंसा भड़क गई। पश्चिमी बंगाल में मोबाइल का इस्तेमाल करना नीतू भारी पड़ गया।
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स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि नीतू ने पूछताछ में खुलासा किया है कि जहांगीरपुरी हिंसा की साजिश काफी पहले रच ली गई थी। सही समय का इंतजार किया जा रहा था और शोभायात्रा वाले दिन उन्हें मौका मिल गया।
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अंसार समेत 8 से 10 लोगों ने हिंसा की साजिश रची थी। शोभायात्रा के दौरान नीतू मौके पर था। शोभायात्रा काफी आगे निकल गई थी, लेकिन इन लोगों ने यात्रा में सबसे पीछे शामिल लोगों को पकड़ लिया था। उनके साथ बहसबाजी और धक्का-मुक्की करने लगे। झगड़ा होने पर इन्होंने एक समुदाय के लोगों को भड़काना शुरू कर दिया। लोग इस कदर भड़के कि और लोगों को मौके पर बुला लिया गया।
नीतू का कहना है कि आरोपी पत्थर, रोड़ी, ईंट व हथियारों से पहले से लैस थे। इस कारण पथराव शुरू होते ही ये तुरंत मौके पर आ गए। दूसरी तरफ जहांगीरपुरी हिंसा के तीसरे दिन पश्चिमी बंगाल भाग गया था। वहां वह पूर्व मिदनापुर में अपनी मौसी के घर रह रहा था और मोबाइल बंद कर लिया था। इसने पश्चिमी बंगाल में किसी और नंबर से किसी को संपर्क किया था। इससे पुलिस को क्लू मिला।