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दिल्ली: बच्चों से मोबाइल चोरी करवा कर बांग्लादेश भेजने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच नाबालिग समेत 10 आरोपी गिरफ्तार
Fri, 11 Feb 2022 11:03 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 11 Feb 2022 11:03 PM IST
सार
दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी गौरव शर्मा के अनुसार गिरफ्तार बालिग आरोपियों की पहचान महाराजपुर, साहिबगंज झारखंड निवासी एलोपी मेहतो, कारू कुमा, सन्नी कुमार, नंदन कुमार व राहुल कुमार के रूप में हुई है।
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arrest symbol
- फोटो : amar ujala
विस्तार
दक्षिण-पश्चिमी जिल पुलिस ने बच्चों से मोबाइल चोरी करवा का बांग्लादेश भेजने वाले झारखंड के एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के सदस्य कई हजार फोन चुरा चुके हैं। एक अंदाजा है कि गिरोह के सदस्य करीब चार वर्षों में दस हजार मोबाइल फोन चुरा चुके हैं। इस गिरोह के पांच नाबालिग समेत दस आरोपी पकड़े गए हैं। इनके पास से 50 लाख रुपये की कीमत के 110 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें 34 महंगे आईफोन हैं। ये मोबाइल इन्होंने सिर्फ 20 दिन में चुराए हैं। ये दिल्ली के बाजारों, मंदिरों व भीड़भाड़ वालों इलाकों मे मोबाइल चोरी करते थे।
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दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी गौरव शर्मा के अनुसार गिरफ्तार बालिग आरोपियों की पहचान महाराजपुर, साहिबगंज झारखंड निवासी एलोपी मेहतो, कारू कुमा, सन्नी कुमार, नंदन कुमार व राहुल कुमार के रूप में हुई है। एलोपी मेहतो इस गिरोह का सरगना है और बाकी उसके रिश्तेदार हैं। उन्होंने बताया कि एसीपी ऑपरेशन सेल अभिनेन्द्र जैन देखरेख में एंटी स्नैचिंग सेल का गठन किया गया। इन बाजारों को पता लगाया गया, जहां वारदात हो रही थीं या हुई थीं। जांच में पता लगा कि नाबालिग मोबाइल फोन चुरा रहे हैं। इस पुलिस टीम ने जांच के बाद एक साप्ताहिक बाजार से पांच बालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पांच नाबालिग आरोपियों को भी पकड़ा गया है।पूछताछ में पता लगा है कि सभी आपस में रिश्तेदार हैं और एलोपी मेहतो इनको दिल्ली लेकर आया था।
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गांव के 50 से ज्यादा सदस्य मोबाइल चोरी की वारदात करते हैं
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार झारखंड के साहिबगंज में महाराजपुर गांव हैं। इस गांव के करीब 50 से ज्यादा लोगा मोबाइल चोरी की वारदात करने दिल्ली आते हैं। ये चार-पांच वर्षो से वारदात कर रहे हैं। दो दो महीने वारदात करने के लिए दिल्ली में रूकते हैं और दो महीने अपने गांव में रहते हैं। एक बालिग सदस्य के साथ एक नाबालिग रहता हैं। नाबालिग सदस्य मोबाइल चोरी करता है। एलोपी मेहतो ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह पूरे साल में चार से पांच बार अपने गिरोह के साथ दिल्ली आता था।
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दिल्ली में किराए का घर लेकर रहते हैं
आरोपी जब वारदात करने दिल्ली आते हैं ये दिल्ली में किराए का घर लेकर रहते हैं। ये गांव से ही नाबालिग बच्चों को अपने साथ लेकर आते हैं। इन नाबालिगों का मशीन बोला जाता था। एक बालिग सदस्य के साथ एक मशीन रहती थी। आरोपी मोबाइल चोरी के साथ-साथ मौका लगने पर मोबाइल झपटमारी भी करते थे।
चोरी के मोबाइलों को बांग्लादेश भेजते थे
आरोपियों ने बताया के ये चोरी के मोबाइलों को जमा करते रहते थे। काफी संख्या में मोबाइल जमा होने पर ये वापस झारखंड चले जाते थे। इसके बाद ये बांग्लादेश में संपर्क करते थे और वहां बेच देते थे। पप्पू व रिंकू नाम के व्यक्ति मोबाइल बिकवाने में इनकी सहायता करते थे। ये दोनों की मोबाइलों को बांग्लदेश लेकर जाते थे।