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अवैध निर्माण हुआ तो बिल्डर के साथ जेई पर भी होगी एफआईआर: मंडलायुक्त

Tue, 24 Jul 2018 10:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Tue, 24 Jul 2018 10:00 AM IST
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Zonal Commissioner says FIR lodged against builder with junior engineer if illegal construction
आकाश नगर में गिरी इमारत का जायजा लेने पहुंची कमिश्नर अनीता सी मेश्राम - फोटो : अमर उजाला

अवैध निर्माण के बीच बहुमंजिला इमारतों के जमींदोज होने की घटनाओं को देखते हुए अब प्राधिकरणों की जवाबदेही तय की जा रही है। मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम ने आदेश दिया है कि अगर किसी जोन में अवैध निर्माण होता है तो बिल्डर के साथ संबंधित क्षेत्र के जेई (जूनियर इंजीनियर) के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज होगी।

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निर्माण से पहले बिल्डर को बोर्ड लगाना होगा, जिसमें उसे अथॉरिटी से नक्शा पास करने की तिथि से लेकर फ्लैट और बिल्डिंग की पूरी जानकारी लिखनी होगी। अथॉरिटी को नक्शा पास करने के बाद अपनी वेबसाइट पर उसकी विस्तृत ब्योरा भी अपलोड करना होगा। 
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सोमवार को आकाश नगर में जमींदोज हुई बिल्डिंग में चल रहे राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लेने पहुंची मंडलायुक्त ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अवैध निर्माण को रोकने के
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लिए सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं। यहां पर भी उन चार जेई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं जो दिसंबर 2017 के बाद से तैनात थे। क्योंकि बीते साल नोटिस
जारी होने के बाद भी बिल्डिंग में निर्माण कार्य चलता रहा। उसे सील क्यों नहीं किया गया। मेरठ मंडल की सभी अथॉरिटी को निर्देश दिया गया है कि प्रशासन के साथ मिलकर अवैध
निर्माण को लेकर अभियान चलाए। पूरे मंडल में ऐसी बिल्डिग को चिन्हित कर ध्वस्तीकरण किया जाएगा, जिनका नक्शा पास नहीं है।

कोर्ट में पैरवी पुख्ता करें

अगर जेई या अन्य अधिकारी अवैध निर्माण की जानकारी छिपाते हैं तो उनके ऊपर भी रिपोर्ट दर्ज होगी। सभी जिलों को सर्वे कर तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। आगे से व्यवस्था की गई है कि अगर किसी बिल्डिंग को ध्वस्त करने का नोटिस जारी किया जाता है तो वो सिर्फ बिल्डर को ही नहीं भेजा जाएगा। बल्कि उसे बिल्डिंग में रहने वाले सभी लोगों को भेजना अनिवार्य होगा, जिससे की वहां रहने वाले लोगों को पता चल सके कि उनका फ्लैट अवैध है।

साथ ही अगर किसी बिल्डिंग में निर्माण कार्य चलता है तो उसमें किसी भी व्यक्ति व परिवार को स्थायी तौर पर रहने की इजाजत नहीं होगी। अगर कहीं पर कोई व्यक्ति स्थायी रहता हुआ मिलता है तो उसमें भी बिल्डर पर कार्रवाई की जाएगी।   

सभी अथॉरिटी को आदेश दिया गया है कि सर्वे कर अवैध निर्माण को प्राथमिकता पर ध्वस्त किया जाए। ऐसे सभी प्रकरण जो अवैध निर्माण के हैं और कोर्ट में विचाराधीन हैं, उनकी पैरवी की जाए। कमिश्नर ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि बिल्डर कोर्ट से स्टे लेकर बैठ जाता है और फिर वर्षों तक मामले बिना पैरवी के चलते रहा है। ऐसे सभी प्रकरणों को लेकर सभी अथॉरिटी को हर महीने अपनी रिपोर्ट देनी होगी।

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