योगेन्द्र समर्थकों ने संजय सिंह को धक्का देकर भगाया
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योगेन्द्र यादव से जेल में मिलने पहुंचे आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता संजय सिंह को योगेन्द्र यादव के समर्थकों ने धक्का देकर भगा दिया।
समर्थकों ने संजय सिंह के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया। संजय सिंह जैसे ही योगेन्द्र यादव से मिलने पुलिस स्टेशन पहुंचे तो योगेन्द्र समर्थक उन्हें देखकर आग बबूला हो गए।
जिसके बाद नारेबाजी और धक्का-मुक्की का माहौल बना। योगेन्द्र समर्थक 'संजय सिंह वापस जाओ' के नारे लगा रहे थे।ऐसे में समर्थकों के प्रदर्शन और गुस्से के चलते आप प्रवक्ता संजय को वापस लौटना पड़ा।
मीडियाकर्मियों ने जब उनसे बात करने की कोशिश की तो उन्होंने बताया कि वे योगेन्द्र यादव से मिलने आए थे लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया।
संजय सिंह बने गुस्से का शिकार
गौरतलब है कि योगेन्द्र यादव कभी आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शूमार थे। लेकिन अरविंद केजरीवाल से मनमुटाव और मतभेद के चलते उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
जिसे लेकर योगेन्द्र यादव समर्थकों में हमेशा ही नाराजगी बनी रही है। ऐसे में आज जब संजय सिंह, योगेन्द्र यादव से मिलने पहुंचे तो गिरफ्तारी से पहले से ही आहत समर्थकों की नाराजगी गुस्से में तब्दील हो गयी।
इससे पहले स्वराज अभियान के तहत राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसानों की मांग को लेकर, धरने पर बैठे योगेंद्र यादव समेत करीब 90 लोगों को, आधी रात को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
जिसकी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर कड़े शब्दों में निंदा की थी। उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा है कि वो दिल्ली पु्लिस द्वारा योगेंद्र यादव के खिलाफ की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं।
'किसानों के लिए आन्दोलन जारी रहेगा'
हालांकि योगेन्द्र यादव की गिरफ्तारी पर एसीबी ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर एम के मीणा ने कहा है कि योगेन्द्र यादव प्रदर्शन के दौरान अपने समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री निवास की ओर बढ़ रहे थे।
जिसकी इजाजत उन्हें नहीं दी गई थी। मीणा के मुताबिक उन्हें इसके लिए न केवल रोका गया था बल्कि चेतावनी भी दी गई थी। इसके बाद ही योगेन्द्र यादव को गिरफ्तार किया गया।
जबकि इसके तुरंत बाद योगेन्द्र यादव के सहयोगी प्रशांत भूषण ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि इस किसान रैली और प्रदर्शन की पुलिस से अनुमति ली गई थी। इसके बाग ही जंतर-मंतर पर आयोजन हुआ था।
वहीं योगेन्द्र यादव ने कहा है कि जो कुछ भी उनके साथ हो रहा है उससे वे हैरान है। एसएचओ ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
योगेन्द्र यादव के मुताबिक पूरे देश ने देखा कि जब वे किसानों के लिए लड़ रहे थे तो उन्हें दबाया गया और बुरी तरह खींचा गया। लेकिन किसानों के लिए ये आन्दोलन बंद नहीं होगा और आगे भी जारी रहेगा।