यमुना एक्सप्रेसवे: गति सीमा तोड़ी तो टोल पर ही कट जाएगा चालान, आईआईटी दिल्ली ने किया अध्ययन
आईआईटी दिल्ली ने यमुना एक्सप्रेसवे पर गति सीमा तोड़ने वालों पर शिकंजा कसने का नया सुझाव दिया है। कहा कि पहले टोल प्लाजा पर टैक्स देते समय पर्ची पर टाइम भी डाल दिया जाए और अगले टोल प्लाजा पर वाहन को पहुंचने में कितना समय लगा है, उसका मिलान कर लिया जाए। अगर वाहन ने गति सीमा तोड़ी है तो उसका तत्काल चालान काट दिया जाए। चूंकि एक्सप्रेसवे पर प्रत्येक वाहन की गति सीमा निर्धारित होती है। ऐसे में वाहन की रफ्तार का पता लगाना आसान होगा। साथ ही सेंट्रल वर्ज को हटाकर रोप बैरियर लगाने को कहा है। आईआईटी ने कई और सुझाव दिए हैं, जिन पर अमल करने के लिए आज यीडा में बैठक होगी।
यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आईआईटी से अध्ययन कराने को कहा था। अध्ययन के बाद आईआईटी टीम ने रिपोर्ट सौंप दी है। टीम ने चालान प्रक्रिया पर असंतोष जाहिर किया है। रिपोर्ट में बताया गया कि जितने वाहन तेज रफ्तार में निकल रहे हैं, उनमें से बहुत कम के चालान कट पा रहे हैं। आईआईटी ने इसे और प्रभावी बनाने के साथ ही कई और सुझाव भी दिए हैं।
रिपोर्ट में हाइवे पर बने सेंट्रल वर्ज को हटाने को कहा है। उसकी जगह पतले तारों का रोप बैरियर लगा दिए जाए। इससे हादसे के दौरान चोट कम लगेगी। साथ ही जगह भी बचेगी, जिससे एक अतिरिक्त लेन बनाई जा सकती है। डेडीकेटेड पुलिस तैनात करने को कहा है, जो सिर्फ एक्सप्रेसवे पर ही तैनात रहेगी। हाइवे पर पहले से अधिक सीसीटीवी कैमरे और स्पीड गन लगाने को कहा है, ताकि ओवरस्पीड वाले वाहनों को पकड़ा जा सके। वहीं, जिग-जैग ड्राइविंग करने वालों पर कार्रवाई के साथ वाहनों को हाइवे के किनारे न रुकने दिए जाने का आश्वासन दिया है। नशे में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई हो। भारतीय रोड कांग्रेस के मानक के अनुसार हाइवे के दोनों ओर लगे क्रैश बैरियर की ऊंचाई बढ़ाई जाए।
1,39,303 वाहनों ने किया गति सीमा का उल्लंघन
यमुना एक्सप्रेसवे पर रोजाना करीब 29 हजार वाहन सफर करते हैं। इस हिसाब से एक साल में एक करोड़ से अधिक वाहन गुजर रहे हैं। गति सीमा तोड़ने वाले वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। जनवरी से मार्च 2019 तक कुल 1,39,303 वाहनों ने गति सीमा का उल्लंघन किया। यानी 46,434 वाहन हर माह गति सीमा का उल्लंघन कर रहे हैं। इन तीन माह में चालान सिर्फ 5746 वाहनों का कटा है। बहुत से वाहन चालकों ने चालान जमा भी नहीं किए हैं। उनकी पहचान करना परिवहन विभाग के लिए भी मुश्किल हो रहा है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर होगा 5 लाख का बीमा
यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों का 5 लाख का बीमा होगा। बीमे की इस रकम से 5 लाख रुपये तक का इलाज करा सकते हैं। अगर किसी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिजन को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके लिए टोल में प्रत्येक वाहनों से 10 से 15 पैसे अतिरिक्त लिए जाएंगे।
यमुना एक्सप्रेसवे पर होने वाले हादसों पर एक नजर
वर्ष हादसे मौतें
2012 275 33
2013 896 148
2014 771 98
2015 919 99
2016 1219 105
2017 763 110
2018 659 111
मार्च 2019 तक 132 53
एक्सप्रेसवे पर जल्द बढ़ सकता टोल
आईआईटी की रिपोर्ट में दिए गए सुझावों पर जेपी कंपनी से काम कराया जाना है। इसका खर्च भी वही वहन करेगा। कंपनी ने यीडा के सामने टोल बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। 30 मई को यीडा की बोर्ड बैठक है। उसमें फैसला लिया जा सकता है। टोल शुल्क बढ़ने से मिलने वाली रकम से सुरक्षा के और कई उपाय किए जाएंगे।
ये है मौजूदा टोल दर :-
वाहन टप्पल तक टोल (आगरा तक)
कार/जीप/वैन 105 415
एलसीवी/मिनी बस 165 565
बस/ट्रक 335 1150
मल्टीएक्सल व्हीकल 515 1765
नोट-यह टोल दर ग्रेटर नोएडा के जीरो प्वाइंट से आगरा तक रुपये में है।