फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Yadav Singh case's slow inquiry raised the questions.

'जल्द हो यादव सिंह की गिरफ्तारी, मिट रहे सबूत'

Sun, 29 Nov 2015 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Sun, 29 Nov 2015 09:37 AM IST
विज्ञापन
Yadav Singh case's slow inquiry raised the questions.

प्राधिकरण से निलंबित यादव सिंह प्रकरण को एक साल पूरा होने के बाद भी यादव सिंह की गिरफ्तारी न होने पर मौलिक भारत संगठन ने शनिवार को प्रेस कॉफ्रेंस की।

विज्ञापन


इस दौरान संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि यादव सिंह के खिलाफ सीबीआई जांच बहुत धीमी गति में चल रही है। जांच को गति मिल सके इसके लिए संगठन सीबीआई के डायरेक्टर को पत्र लिखेंगे।
विज्ञापन


इसके साथ ही मांग करेंगे कि प्राधिकरण के सीईओ के खिलाफ भी सीबीआई जांच होनी चाहिए, उन्होंने ही यादव सिंह को प्रमोट करके तीनों प्राधिकरण का चीफ इंजीनियर बनाया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

'यादव सिंह ने क्यों की विदेशी यात्राएं?'

Yadav Singh case's slow inquiry raised the questions.

मौलिक भारत संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता ने बताया कि यादव सिंह के घर पर इनकम टेक्स डिपार्टमेंट की छापे की कार्रवाई को 1 साल हो चुका है।

इस मामले में सीबीआई, एसआईटी, ईडी और इनकम जांच कर रहे हैं। मौलिक भारत ने भी इस प्रकरण के सारे सबूत जांच एजंसियों को दिए हुए हैं। लेकिन अभी तक यादव सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

यादव सिंह ने अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान चीन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, सिंगापूर, मलेशिया आदि देशों की यात्रा की थी। ये यात्रा क्यूं की गई, इन यात्राओं का क्या प्रयोजन था।

'जांच प्रभावित कर सकते हैं यादव सिंह'

Yadav Singh case's slow inquiry raised the questions.

इसके साथ हमारी संस्था यादव सिंह के विदेशों में पूंजी निवेश और भारत में फर्जी कंपनियों के माध्यम से निवेश को उजागर कर चुकी है। आज भी तीनों प्राधिकरण और प्रदेश सरकार यादव सिंह को बचाने में लगी हुई है।

कैप्टन विकास गुप्ता ने बताया कि हमारी संस्था की मांग है कि यादव सिंह की तुरंत गिरफ्तारी और पासपोर्ट जब्त किया जाना चाहिए। यादव सिंह अपने पहुंच के बदौलत जांच को प्रभावित कर रहा है और सबूत मिटा रहा है।

इससे पहले ही प्रदेश सरकार की तरफ से नियुक्त सीबी-सीआईडी जांच में क्लीन चिट दे चुकी है। सेक्टर-44 में हुए भूमि आवंटन घोटाले की जांच का भी अभी कुछ पता नहीं है। हमारे संगठन की मांग है कि वो तुरंत उन अधिकारियों का स्थानांतरण करें तो यादव सिंह के खिलाफ सबूत मिटाने में सहयोग कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed