Delhi: जंतर-मंतर पर पहलवानों के धरने का दूसरा दिन, पूनिया बोले- BJP, कांग्रेस या आप, सभी दलों का स्वागत
पहलवानों के धरने के बीच दिल्ली पुलिस सक्रिय हो गई है। उसने सोमवार को बयान जारी किया है। दिल्ली पुलिस ने कहा, 'भारतीय कुश्ती संघ के प्रमुख बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों के विरोध के बीच दिल्ली पुलिस ने उनकी शिकायत की जांच शुरू कर दी है।
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विस्तार
भारतीय कुश्ती महासंघ और उसके अध्यक्ष बृजभूषण सिंह से विवाद पर पहलवानों का जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन जारी है। लगभग तीन महीने बाद जंतर-मंतर पर रविवार को दूसरी बार विरोध प्रदर्शन में ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक धरने पर बैठे हैं। पहलवानों के धरने का आज दूसरा दिन है। पहलवानों का कहना है कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के खिलाफ जांच समिति की रिपोर्ट आने तक धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
दिल्ली पुलिस ने जांच समिति से मांगी रिपोर्ट
पहलवानों के धरने के बीच दिल्ली पुलिस सक्रिय हो गई है। उसने सोमवार को बयान जारी किया है। दिल्ली पुलिस ने कहा, 'भारतीय कुश्ती संघ के प्रमुख बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों के विरोध के बीच दिल्ली पुलिस ने उनकी शिकायत की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने खेल मंत्रालय द्वारा गठित जांच समिति से रिपोर्ट मांगी है।'
धरने में सभी दलों का स्वागत: बजरंग पूनिया
बजरंग पूनिया ने कहा, 'इस बार सभी दलों का हमारे धरने में शामिल होने के लिए स्वागत है, चाहे वह भाजपा, कांग्रेस, आप या कोई अन्य पार्टी हो। हम किसी भी पार्टी से संबद्ध नहीं हैं।' पिछली बार जनवरी में पहलवानों ने किसी भी पार्टी के सदस्य को मंच पर नहीं आने दिया था।
#WATCH | Delhi: "This time, all parties are welcome to join our protest whether it is BJP, Congress, AAP or any other party.....we're not affiliated with any party...": Bajrang Punia, Olympic medalist on wrestlers' protest against WFI chief Brij Bhushan Singh pic.twitter.com/g2i8T0TaAS
— ANI (@ANI) April 24, 2023
पहलवानों ने खेल मंत्रालय पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
रविवार (23 अप्रैल) को धरने पर बैठने आए पहलवानों ने खेल मंत्रालय पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। पहलवानों ने कहा कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है, एक महीने में कार्रवाई का भरोसा दिया गया था लेकिन अब तीन महीने बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। साथ ही कहा कि सरकार ने पहलवानों को जो आश्वासन दिया था वह झूठा निकला। सरकार ने पहलवानों के साथ धोखा किया है।
पहलवानों के आंसू भी छलके
भारत को पदक दिलाने वाले एथलीट्स के आंसू भी छलके। साक्षी और विनेश रो पड़ीं। इन्होंने कहा कि पहलवानों को अब झूठा कहा जा रहा, जबकि वह सच्चाई की लड़ाई लड़ रही हैं। कोई फैसला न आने तक वह फिर से अब धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे। पहलवानों ने कहा कि WFI शक्तिशाली है तो क्या उन्हें न्याय नहीं मिलेगा?
इससे पहले जनवरी में पहलवानों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया था। विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक जैसी दिग्गज खिलाड़ियों ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण और कोच पर यौन शोषण समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद तुरंत ही जांच समिति का गठन कर दिया गया था। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट भी तैयार कर ली, लेकिन उस बारे धरने में शामिल हुए पहलवानों को नहीं बताया गया। इससे वह निराश हो गए और अब फिर से जंतर-मंतर पर पहुंचे हैं।
तीन दिन तक चला था प्रदर्शन
पहलवानों का प्रदर्शन जनवरी में तीन दिनों तक चला था। पहलवानों ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ बातचीत के बाद धरने को समाप्त किया था। उस समय बृजभूषण शरण सिंह को कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद से अस्थायी रूप से हटा दिया गया और उनके ऊपर लगे आरोपों की जांच के लिए समिति बना दी गई थी।