World Wetland Day 2023: यमुना जैव विविधता पार्क में मनाया वर्ल्ड वेटलैंड डे, अरबों में है इनका आर्थिक महत्व
दुनिया भर में आर्द्रभूमि का करीब 47 ट्रि्लियन डॉलर के आर्थिक महत्व का अनुमान है। जैव विविधता विशेषज्ञ, डॉ. फैय्याज ए. खुदसर ने आर्द्रभूमि और इसके लिए जरूरी पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व को बताया।
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यमुना जैव विविधता पार्क (वाईबीपी) में बृहस्पतिवार को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के छात्र, शोधकर्ता, शिक्षाविद और उद्योगपतियों समेत करीब 300 लोग शामिल हुए। विशेषज्ञों ने बदलते वक्त की जरूरतों के साथ आर्द्रभूमि की बहाली को खास तवज्जो देने की आवश्यकता पर बल दिया।
दुनिया भर में आर्द्रभूमि का करीब 47 ट्रि्लियन डॉलर के आर्थिक महत्व का अनुमान है। जैव विविधता विशेषज्ञ, डॉ. फैय्याज ए. खुदसर ने आर्द्रभूमि और इसके लिए जरूरी पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि बंजर भूमि के तौर पर पहचान की गई आर्द्रभूमि का विशेष आर्थिक महत्व है। इसके अलावा भूजल रिचार्ज, कार्बन सोखने और पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार करने में यमुना जैव विविधता पार्क की बेहद अहम भूमिका है।
प्रोफेसर सीआर बाबू ने आर्द्रभूमि की क्षमता को पहचानने और उनके संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियां बनाने में न्यायपालिका और नीति निर्माताओं की भूमिका को अहम बताया। प्रसिद्ध पारिस्थितिकी विज्ञानी प्रोफेसर टीआर राव ने शोधकर्ताओं को प्रयोगशाला के बजाय कार्यस्थल पर अपने प्रयास बढ़ाने की अपील की। डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस स्टडीज की प्रोफेसर यामिनी गुप्ता ने कहा कि वेटलैंड सेवाओं और भारतीय अर्थव्यवस्था जिसे 2024-25 तक पांच ट्रिलियन डॉलर के रूप में लक्षित किया गया है।
एकल उपयोग प्लास्टिक को खाद्य श्रृंखला में प्रवेश करने से रोकना जरूरी
बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राम कुमार ने आर्द्रभूमि क्षरण से प्राकृतिक आवासों के विलुप्त होने को कॉविड-19 जैसे बीमारियों के साथ जुड़ा बताया। उन्होंने एकल उपयोग वाले प्लास्टिक को खत्म करने का भी सुझाव दिया। ताकि सेहत पर पड़ने वाले विपरीत प्रभावों से बचा सके। डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि दिल्ली में पानी की मांग को पूरा करने के लिए और अधिक आर्द्रभूमि की जरूरत है।
भूजल स्तर में बढ़ोतरी के ग्रामीणों ने साझा किए अनुभव
प्रो. सुब्रमण्यम और डॉ. देवादित्यो सिन्हा ने आर्द्रभूमि संरक्षण में शामिल होने के लिए मौजूदा कानून और नीतियों के साथ-साथ आर्द्रभूमि पोर्टलों की समझ को आवश्यक बताया। समारोह के मुख्य अतिथि डीडीए के प्रधान आयुक्त डॉ. राजीव कुमार तिवारी ने आद्रभूमि के संरक्षण के लिए डीडीए की पहल को साझा किया।
पार्क में नेचर वॉक का किया आयोजन
पार्क में नेचर वॉक का आयोजन किया गया। यमुना जैव विविधता पार्कों की आर्द्रभूमि कई प्रवासी पक्षियों नॉर्थर्न शॉवेलर नॉर्थर्न पिटेल, ग्रेट कॉमरेटि, गडवाल, कॉमन टील्स आदि की उपस्थिति के कारण मुख्य आकर्षण थीं।